सोनिया तैयार, सितंबर में नई पीढ़ी के हवाले होगी कांग्रेस!
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कांग्रेस की बागडोर सितंबर में नई पीढ़ी के हाथ में होने की संभावना है। सोनिया गांधी अध्यक्ष पद छोड़कर बेटे राहुल गांधी के हाथ पार्टी की कमान सौंपने को लगभग तैयार बताई जा रही हैं। प्रियंका गांधी की भूमिका भी राहुल के साथ ही तय हो जाएगी।
राहुल को 2013 से ही कांग्रेस के कई बड़े नेता लगातार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग उठाते रहे हैं। बुजुर्गों का एक गुट जरूर सोनिया को ही अध्यक्ष बनाए रखने के पक्ष में है। अब कांग्रेस में इस बात की चर्चा होने लगी है कि सितंबर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अधिवेशन या कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक बुलाकर राहुल की ताजपोशी का एलान कर दिया जाए।
सोनिया कांग्रेस संसदीय बोर्ड की चेयरमैन बनी रहेंगी। बतौर संरक्षक मार्गदर्शन करती रहेंगी। कांग्रेस थिंक टैंक इस बात को मानकर चल रहा है कि अगर सितंबर में राहुल की ताजपोशी कर दी जाए तब उनको यूपी के अलावा हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गुजरात, गोवा और मणिपुर में 2017 में होने वाले चुनाव में समझने और जुटने का मौका मिल जाएगा।
प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में लाने पर पार्टी राहुल के साथ ही कोई निर्णय लेने पर विचार कर रही है। पार्टी की दिक्कत यह है कि प्रियंका की भूमिका का समावेश ऐसा किया जाए कि उनका कद जनता के बीच राहुल से बड़ा ने दिखे।
इसलिए राहुल की टीम में राष्ट्रीय महासचिव बनाकर अमेठी और रायबरेली से बाहर के चुनिंदा हिस्सों में प्रचार का वह मोर्चा संभालेंगी। पार्टी के एक बड़े नेता का मानना है कि सोनिया 18 साल से अध्यक्ष का पद संभाल रही हैं। 2017 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनाव में परिणाम अगर पार्टी के लिए सकारात्मक नहीं आते हैं तब आगे राहुल को स्थापित करने में परेशानी हो सकती है।
यूपी में विधायक दल के नेता के रूप में दलित की ताजपोशी की तैयारी
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में दलित की ताजपोशी कर सकती है। मौजूदा विधायक दल के नेता प्रदीप माथुर के उत्तराधिकारी के तौर पर हापुड़ के विधायक गजराज सिंह का नाम लिया जा रहा है।
कांग्रेस के आला नेताओं का भी मानना है कि मुस्लिम, दलित और ब्रह्मण को जोड़ने से अन्य कई जातियां खुद कांग्रेस के साथ आ जाएंगी। हाईकमान ने इसी क्रम में गुलाम नबी आजाद को प्रभारी और राजबब्बर को प्रदेशाध्यक्ष बनाया। सीएम पद के लिए ब्राह्मण शीला दीक्षित का चेहरा पेश किया गया। अब विधानमंडल दल का नेता दलित चेहरे को लाने की तैयारी में है।