{"_id":"652f8894105fbf04a70312d4","slug":"congress-ticket-distribution-for-rajasthan-madhya-pradesh-and-chhattisgarh-meeting-know-the-latest-updates-on-2023-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस में टिकटों को लेकर माथापच्ची: राजस्थान में 106 उम्मीदवारों के नाम तय, जाने MP-छत्तीसगढ़ का अपडेट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कांग्रेस में टिकटों को लेकर माथापच्ची: राजस्थान में 106 उम्मीदवारों के नाम तय, जाने MP-छत्तीसगढ़ का अपडेट
सार
सूत्रों के अनुसार, राजस्थान की स्क्रीनिंग कमेटी ने करीब 100 सीटों पर सिंगल नामों का पैनल केंद्रीय चुनाव समिति के सामने रखा है। स्क्रीनिंग कमेटी के पैनल पर केंद्रीय चुनाव समिति मंथन किया है। बैठक के बाद अब कभी भी करीब 106 कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की जा सकती है।
विज्ञापन
कांग्रेस में टिकटों को लेकर माथापच्ची।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस पार्टी की पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक शुरु हो गई है। इस अहम बैठक में राजस्थान के उम्मीदवारों की पहली सूची और मध्य प्रदेश-राजस्थान के बचे हुए 146 नामों की घोषणा हो सकती है। कांग्रेस मुख्यालय में हो रही बैठक पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अगुवाई में चल रही है। इसमें सभी राज्यों के बड़े नेता मौजूद है।
कांग्रेस ने 15 अक्टूबर को मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के लिए 229 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इनमें मध्यप्रदेश की 230 में से 144, छत्तीसगढ़ की 90 में से 30 और तेलंगाना की 119 में से 55 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे। 16 अक्टूबर को मिजोरम की 40 में से 39 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया था। अब तक 200 सीटों वाली राजस्थान की कोई लिस्ट नहीं आई है। बुधवार को पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति में राजस्थान की 200, मध्य प्रदेश की 86, छत्तीसगढ़ की 60, तेलंगाना की 64 और मिजोरम की बची हुई एक सी पर नाम तय होा है। पार्टी के नेता पांच राज्यों की 411 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों पर मंथन करेंगे।
पहली सूची में राजस्थान के 106 उम्मीदवारों की घोषणा संभव
सूत्रों के अनुसार, राजस्थान की स्क्रीनिंग कमेटी ने करीब 100 सीटों पर सिंगल नामों का पैनल केंद्रीय चुनाव समिति के सामने रखा है। स्क्रीनिंग कमेटी के पैनल पर केंद्रीय चुनाव समिति मंथन किया है। बैठक के बाद अब कभी भी करीब 106 कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की जा सकती है। पहली लिस्ट में बिना विवाद वाली सीटों पर उम्मीदवार तय हो जाएंगे। इनमें सरदारपुरा से सीएम अशोक गहलोत, लक्ष्मणगढ़ (सीकर) से प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, टोंक से सचिन पायलट, नाथद्वारा से डॉ. सीपी जोशी, बायतु से हरीश चौधरी, केकड़ी से रघु शर्मा, जहाजपुर से धीरज गुर्जर, सलूंबर से रघुवीर मीणा जैसे दिग्गज नेताओं के नाम है। इसके अलावा जो नेता लगातार जीत रहे उनके नाम भी इस सूची में शामिल होंगे।
विज्ञापन
सूत्रों ने बताया कि, इस लिस्ट में सर्वे में कमजोर आए मौजूदा विधायकों के टिकट कटने की संभावना है। ऐसे करीब 15 विधायक है जिनका पार्टी टिकट काट सकतीहै। सीएम अशोक गहलोत ने स्क्रीनिंग कमेटी से लेकर हर स्तर पर ज्यादातर सीटों पर मौजूदा विधायकों को टिकट देने की पैरवी की। गहलोत ने कल भी कहा था कि विधायकों की वजह से ही काम हुए हैं और केवल आरोप लगाने से कुछ नहीं होता है, इसके आधार पर उनका नाम कैसे काट सकते हैं।
राजस्थान की बैठक के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी नाराज़ नज़र आए। सीईसी की बैठक में सिंगल पैनल नाम लाने पर राहुल बेहद नाराज दिखे। बैठक में उन्होंने कहा, वही घिसे पीटे चेहरे सिंगल पैनल लाने का क्या फायदा। नए नाम क्यों नहीं है शामिल, मेरे पास है सारी रिपोर्ट। नए चेहरों को प्राथमिकता दिया जाना चाहिए
मध्यप्रदेश के नामों पर भी मंथन
विधानसभा चुनाव के लिए दिल्ली में कांग्रेस की सेंट्रल इलेक्शन कमेटी की बैठक हो रही है। इस बैठक में मध्यप्रदेश की बाकी 86 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम फाइनल हो सकते हैं। कांग्रेस ने 15 अक्टूबर को अपनी पहली सूची में 144 उम्मीदवार घोषित किए थे। बैठक में केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य और मप्र पीसीसी चीफ कमलनाथ, प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला सहित तमाम पदाधिकारी मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने लंबे समय से हार रही सीटों पर कांग्रेस की स्थिति को समझने और जिताऊ उम्मीदवारों को खोजने की जिम्मेदारी दिग्विजय सिंह को सौंपी गई है। दिग्विजय सिंह ने 66 सीटों के दौरे करके अपनी रिपोर्ट कमलनाथ को दो महीने पहले सौंप चुके हैं। इनमें से अभी 35 सीटों पर उम्मीदवार घोषित होना बाकी हैं।
छत्तीसगढ़ में कट सकते है विधायकों के टिकट
इधर, दिल्ली में मंगलवार को हुई कांग्रेस सीईसी उपसमिति की बैठक में छत्तीसगढ़ की बाकी बची 60 सीटों में नामों पर अंतिम मुहर लग गई है। संभावना है कि कांग्रेस बुधवार को अपनी दूसरी सूची जारी कर सकती है। दूसरी सूची में कांग्रेस 35 से 40 प्रत्याशियों के नाम घोषित कर सकती है। इसमें कई बड़े बदलाव भी दिख सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि, कई सीट पर नए नाम सामने आ रहे हैं तो कई सीटों पर कांग्रेस पुराने चेहरों पर ही दांव खेलने की तैयारी में हैं। कांग्रेस पार्टी इस बार कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है। इसलिए जिन विधायकों की रिपोर्ट खराब है उनके टिकट काटे जाएंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा था कि, परफॉर्मेंस ही टिकट का आधार होगा। हमारा काम सुझाव देना है। हाईकमान तय करेगा कि नाम घोषित कब करना है। उन्होंने कहा कि, हर आदमी एक जैसा नहीं खेलता।
विज्ञापन
कांग्रेस ने 15 अक्टूबर को मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के लिए 229 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इनमें मध्यप्रदेश की 230 में से 144, छत्तीसगढ़ की 90 में से 30 और तेलंगाना की 119 में से 55 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे। 16 अक्टूबर को मिजोरम की 40 में से 39 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया था। अब तक 200 सीटों वाली राजस्थान की कोई लिस्ट नहीं आई है। बुधवार को पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति में राजस्थान की 200, मध्य प्रदेश की 86, छत्तीसगढ़ की 60, तेलंगाना की 64 और मिजोरम की बची हुई एक सी पर नाम तय होा है। पार्टी के नेता पांच राज्यों की 411 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों पर मंथन करेंगे।
विज्ञापन
पहली सूची में राजस्थान के 106 उम्मीदवारों की घोषणा संभव
सूत्रों के अनुसार, राजस्थान की स्क्रीनिंग कमेटी ने करीब 100 सीटों पर सिंगल नामों का पैनल केंद्रीय चुनाव समिति के सामने रखा है। स्क्रीनिंग कमेटी के पैनल पर केंद्रीय चुनाव समिति मंथन किया है। बैठक के बाद अब कभी भी करीब 106 कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की जा सकती है। पहली लिस्ट में बिना विवाद वाली सीटों पर उम्मीदवार तय हो जाएंगे। इनमें सरदारपुरा से सीएम अशोक गहलोत, लक्ष्मणगढ़ (सीकर) से प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, टोंक से सचिन पायलट, नाथद्वारा से डॉ. सीपी जोशी, बायतु से हरीश चौधरी, केकड़ी से रघु शर्मा, जहाजपुर से धीरज गुर्जर, सलूंबर से रघुवीर मीणा जैसे दिग्गज नेताओं के नाम है। इसके अलावा जो नेता लगातार जीत रहे उनके नाम भी इस सूची में शामिल होंगे।
विज्ञापन
सूत्रों ने बताया कि, इस लिस्ट में सर्वे में कमजोर आए मौजूदा विधायकों के टिकट कटने की संभावना है। ऐसे करीब 15 विधायक है जिनका पार्टी टिकट काट सकतीहै। सीएम अशोक गहलोत ने स्क्रीनिंग कमेटी से लेकर हर स्तर पर ज्यादातर सीटों पर मौजूदा विधायकों को टिकट देने की पैरवी की। गहलोत ने कल भी कहा था कि विधायकों की वजह से ही काम हुए हैं और केवल आरोप लगाने से कुछ नहीं होता है, इसके आधार पर उनका नाम कैसे काट सकते हैं।
राजस्थान की बैठक के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी नाराज़ नज़र आए। सीईसी की बैठक में सिंगल पैनल नाम लाने पर राहुल बेहद नाराज दिखे। बैठक में उन्होंने कहा, वही घिसे पीटे चेहरे सिंगल पैनल लाने का क्या फायदा। नए नाम क्यों नहीं है शामिल, मेरे पास है सारी रिपोर्ट। नए चेहरों को प्राथमिकता दिया जाना चाहिए
मध्यप्रदेश के नामों पर भी मंथन
विधानसभा चुनाव के लिए दिल्ली में कांग्रेस की सेंट्रल इलेक्शन कमेटी की बैठक हो रही है। इस बैठक में मध्यप्रदेश की बाकी 86 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम फाइनल हो सकते हैं। कांग्रेस ने 15 अक्टूबर को अपनी पहली सूची में 144 उम्मीदवार घोषित किए थे। बैठक में केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य और मप्र पीसीसी चीफ कमलनाथ, प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला सहित तमाम पदाधिकारी मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने लंबे समय से हार रही सीटों पर कांग्रेस की स्थिति को समझने और जिताऊ उम्मीदवारों को खोजने की जिम्मेदारी दिग्विजय सिंह को सौंपी गई है। दिग्विजय सिंह ने 66 सीटों के दौरे करके अपनी रिपोर्ट कमलनाथ को दो महीने पहले सौंप चुके हैं। इनमें से अभी 35 सीटों पर उम्मीदवार घोषित होना बाकी हैं।
छत्तीसगढ़ में कट सकते है विधायकों के टिकट
इधर, दिल्ली में मंगलवार को हुई कांग्रेस सीईसी उपसमिति की बैठक में छत्तीसगढ़ की बाकी बची 60 सीटों में नामों पर अंतिम मुहर लग गई है। संभावना है कि कांग्रेस बुधवार को अपनी दूसरी सूची जारी कर सकती है। दूसरी सूची में कांग्रेस 35 से 40 प्रत्याशियों के नाम घोषित कर सकती है। इसमें कई बड़े बदलाव भी दिख सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि, कई सीट पर नए नाम सामने आ रहे हैं तो कई सीटों पर कांग्रेस पुराने चेहरों पर ही दांव खेलने की तैयारी में हैं। कांग्रेस पार्टी इस बार कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है। इसलिए जिन विधायकों की रिपोर्ट खराब है उनके टिकट काटे जाएंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा था कि, परफॉर्मेंस ही टिकट का आधार होगा। हमारा काम सुझाव देना है। हाईकमान तय करेगा कि नाम घोषित कब करना है। उन्होंने कहा कि, हर आदमी एक जैसा नहीं खेलता।