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Congress: चुनावों से पहले कांग्रेस ने ऐसे घेरा भाजपा को, किसान-मजदूरों की आय को लेकर दागे ये सवाल
Sun, 25 Aug 2024 06:13 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sun, 25 Aug 2024 06:13 PM IST
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कांग्रेस ने भाजपा पर साधा निशाना।
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अमर उजाला
विस्तार
कांग्रेस ने आने वाले विधानसभा के चुनावों से पहले एक बार फिर से केंद्र सरकार को घेरना शुरू किया है। इस बार कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार को वास्तविक घरेलू आय में लगातार हो रही गिरावट पर घेरना शुरू किया है। इसके अलावा सरकारी आंकड़ों का हवाला देकर पार्टी ने भाजपा शासित केंद्र सरकार से कई सवाल भी किए हैं। इन सवालों के माध्यम से कांग्रेस पार्टी ने मजदूर वर्ग और नौकरी पेशा लोगों समेत किसानों को बढ़ती महंगाई पर कम होती आय पर सवाल दागे हैं। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि यह वह सवाल है इसका केंद्र सरकार को अब जवाब देना ही होगा। ताकि आने वाले विधानसभा के चुनाव में जनता तक यह बात पहुंच सके कि श्रमिकों, किसानों और वेतन भोगी करोड़ों कामगारों की वास्तविक मजदूरी कम क्यों हो रही है।कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्षों में देश में वास्तविक घरेलू आय में लगातार गिरावट हो रही है। उनका कहना है कि धीमी वेतन वृद्धि और कमर तोड़ महंगाई के कारण वास्तविक मजदूरी और आय में जबरदस्त गिरावट दर्ज हुई है। जयराम रमेश कहते हैं कि अपंजीकृत उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE), भारतीय रिज़र्व बैंक के KLEMS डाटा और घरेलू उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण (HCES) ने देश में रोजमर्रा का काम करने वाले समुदाय के लोगों के बीच वित्तीय संकट की बात कही है। इसके अलावा केंद्र सरकार के अपने आधिकारिक आंकड़ों सहित डाटा के कई स्रोतों ने इस बात के स्पष्ट प्रमाण भी दिखाए हैं कि श्रमिकों की खरीदारी करने की क्षमता भी बीते 10 साल पहले की तुलना में कम हो गई है। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि इस तरीके के बदले हालतों में अब केंद्र सरकार को जवाब तो देना ही होगा।
जयराम रमेश कहते हैं कि श्रमिकों की वास्तविक मजदूरी में 2019 से 2024 के बीच में गिरावट दर्ज हुई है। यह आंकड़े केंद्र सरकार के श्रम ब्यूरो के वेतन दर सूचकांक से ही निकले हैं। इसी तरह कृषि मंत्रालय की कृषि सांख्यिकी रिपोर्ट भी बताती है कि देश में खेती करने वाले किसानों की वास्तविक मजदूरी में हर साल माइनस 1.3 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज हुई है। हालांकि कांग्रेस पार्टी का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के कार्यकाल में ऐसे खेतिहर मजदूरों की वास्तविक मजदूरी हर साल 6.8 फ़ीसदी की दर से बढ़ रही थी। ऐसे में देश के उन करोड़ों खेतिहर मजदूर की कम हुई आय का असली जिम्मेदार कौन है। यह केंद्र सरकार को बताना होगा।
कांग्रेस ने इन दो मुद्दों के साथ-साथ आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण सीरीज की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि सभी प्रकार के रोजगार वेतन भोगी श्रमिकों की वास्तविक कमाई भी स्थिर हो गई है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश कहते हैं कि जिस तरीके से महंगाई बढ़ रही है उस तरह से कमाई भी तो बढ़ानी चाहिए। लेकिन इस सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक 2017 और 2022 के बीच सभी प्रकार के रोज़गारों वेतनभोगी श्रमिकों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और स्व-रोज़गार श्रमिकों में वास्तविक कमाई थम गई है।
इसके साथ श्रम अनुसंधान एवं कार्रवाई केंद्र की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरते हुए पूछा है की ईंट भट्ठा श्रमिकों की वास्तविक मजदूरी क्यों नहीं बढ़ी। 2014 और 2022 के बीच ईंट भट्ठा श्रमिकों की वास्तविक मजदूरी या तो स्थिर हो गई है या घट गई है। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि जिस तरीके से देश की अर्थव्यवस्था को चलाने वाले इन तबके के लोगों की आए नहीं बढ़ रही है उससे इनके जीवन में बेहतरी की उम्मीद कैसे की जा सकती है। जयराम रमेश आरोप लगाते हुए कहते हैं कि केंद्र सरकार सिर्फ झूठे दावे करती है। जबकि हकीकत उनकी ही अपनी सरकारी रिपोर्ट बयां करती है।