कांग्रेस नेताओं के गंभीर आरोप- केंद्र के एजेंडे पर चल रहा मीडिया, गाइडलाइन तय करने की मांग
- कांग्रेस प्रवक्ता राजीव त्यागी की एक टीवी बहस के बाद मृत्यु होने से उठे गंभीर सवाल
- केंद्र सरकार, मीडिया के उच्च संस्थानों से बहस-खबरों की गाइड लाइन तय करने की मांग कर रहे कांग्रेसी
विस्तार
कांग्रेस के तेज-तर्रार प्रवक्ता राजीव त्यागी की एक टीवी बहस के बाद हुई मौत ने लोगों को परेशान कर दिया है। उनकी पत्नी ने राजीव त्यागी की मौत के लिए सीधे तौर पर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा को जिम्मेदार ठहराया है जिनके साथ उन्होंने अंतिम टीवी बहस में भाग लिया था। उनका कहना है कि टीवी शो के दौरान हुई कुछ टिप्पणियों से वे बहुत परेशान हो गए जिसके बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा और अन्तत: उनकी जान चली गई।
त्यागी की मौत के बाद इस बात पर भी बहस तेज हो गई है कि मीडिया में बहस का सही तरीका क्या होना चाहिए और क्या अब इसको भी नियमों में बांधने का समय आ गया है। कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने अमर उजाला से कहा कि टीवी पर बहसों के दौरान इस समय एक विशेष विचारधारा को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
अनेक एंकर केंद्र सरकार के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। वे न्यूज की बजाय व्यूज (विचार) को आगे बढ़ा रहे हैं। किसी भी बहस का उचित मापदंड यह होना चाहिए कि सबको बराबरी के साथ अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए। लेकिन बहसों के दौरान एक विशेष विचारधारा के ज्यादातर लोगों को बुला लिया जाता है, जबकि उसी बीच में कांग्रेस का कोई एक व्यक्ति शामिल होता है। इससे निष्पक्षता नहीं आती।
उन्होंने कहा कि आज मीडिया अपनी जिम्मेदारी से विमुख हो रहा है। मीडिया को समाज के सबसे कमजोर आदमी की आवाज होना चाहिए, लेकिन आज वह केंद्र सरकार की आवाज बनकर रह गया है। उनकी अपील केंद्र सरकार और मीडिया के प्रमुख संस्थानों से भी है कि अब मीडिया को भी नियम के दायरे में लाया जाना चाहिए अन्यथा इसके बहुत दुष्परिणाम सामने आएंगे।
कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक और गौरव वल्लभ ने भी कहा कि आज टीवी पर बहसों के दौरान कांग्रेस से भेदभाव किया जाता है, और उन्हें पर्याप्त सही तरीके से अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जाता है। ज्यादातर बहसों के दौरान भाजपा-आरएसएस के ज्यादा लोग बिठा दिए जाते हैं और उन्हें उनकी बात रखने भी नहीं दी जाती। नायक ने कहा कि अपनी बात मजबूती से रखने के लिए उन लोगों को भी बार-बार उसी तरह से ऊंचे स्वर में बोलना पड़ता है जिसका नकारात्मक असर पड़ता है।
बीजेपी नेता ने कहा, संबित पात्रा पर आरोप लगाना गलत
भाजपा प्रवक्ता सुदेश वर्मा ने कहा कि राजीव त्यागी स्वयं एक बहुत तेज-तर्रार नेता थे। टीवी बहसों के दौरान वे बड़ी मजबूती के साथ अपनी पार्टी का पक्ष रखते थे। लेकिन आज जब उनकी दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई है तो ऐसे समय में किसी प्रकार की अनुचित टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि टीवी बहसों के दौरान किसी का व्यक्तिगत कुछ भी नहीं होता और सभी अपनी पार्टी की विचारधारा को ही आगे रखते हैं। ऐसे में उन्हें नहीं लगता कि सिर्फ टीवी पर हुई बहस राजीव त्यागी की मौत का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि इसके अन्य कारण हो सकते हैं जिसके विषय में एक्सपर्ट डॉक्टर ही बता सकते हैं।
वरिष्ठ मनोचिकित्सक ने मीडिया पर उठाए सवाल
दिल्ली के इहबास में वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉक्टर ओम प्रकाश ने कहा कि टीवी बहसों पर चर्चा का स्तर लगातार गिर रहा है। इसका कहीं न कहीं लोगों पर असर पड़ रहा है। लेकिन इससे सबसे बड़ा नुकसान स्वयं मीडिया की विश्वसनीयता पर पड़ रहा है।
आज का कस्टमर (यहां दर्शक के लिए) बहुत समझदार है। उसके पास ढेरों विकल्प हैं। जहां भी उसे अपने मनमुताबिक सेवा नहीं मिलती, वह दूसरे विकल्प को चुन लेता है। ठीक यही चीज न्यूज़ के मामले में भी हो रही है। यही कारण है आज के ज्यादातर युवा न्यूज़ से ज्यादा मतलब नहीं रखते। यह मीडिया के लिए अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने का प्रश्न कहीं ज्यादा है।