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Nitish Kumar: नीतीश कुमार इसलिए नहीं बने इंडिया के संयोजक, कांग्रेस ने कह दी राज की बात

Sun, 28 Jan 2024 03:38 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sun, 28 Jan 2024 03:38 PM IST
सार

इंडिया गठबंधन के नेताओं का मानना है कि नीतीश कुमार की अविश्वसनीयता ने ही उन्हें इस हालात में पहुंचा दिया कि अब कोई उन पर भरोसा नहीं करता। यदि उन्हें इंडिया गठबंधन का नेता बना दिया जाता और उसके बाद भी वे एनडीए में चले जाते तो इससे इंडिया गठबंधन के लिए स्थिति असहज हो जाती।

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Congress speaks on why Nitish Kumar chose not to be convenor of INDI Alliance news and updates
नीतीश कुमार और मल्लिकार्जुन खरगे। - फोटो : Social Media

विस्तार

नीतीश कुमार ने इंडिया गठबंधन का नेता न बनाए जाने के कारण गठबंधन छोड़ने का ऐलान कर दिया है। अब वे एनडीए के खेमे में आ गए हैं और पूरी मजबूती के साथ 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए वोट मांगते हुए दिखाई पड़ेंगे। नीतीश कुमार की नाराजगी के लिए जदयू ने कांग्रेस के ऊपर ठीकरा फोड़ते हुए कहा है कि वह छोटे सहयोगी दलों के लिए स्थान नहीं देती जिसके कारण हर राज्य में उसका सहयोगी दलों से साथ छूटता गया है। अब वह अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है, लेकिन इसके बाद भी वह सहयोगी दलों को सम्मानजनक स्थान देने के लिए तैयार नहीं है। 
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हालांकि, जदयू के इन आरोपों से उलट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि उन्हें यह बात पहले से पता थी कि नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन छोड़कर जाने वाले हैं। लालू प्रसाद यादव ने उन्हें बताया था कि नीतीश कुमार भाजपा के करीब जा रहे हैं, लेकिन गठबंधन की एकता बनाए रखने के लिए वे अब तक चुप थे। अब यह साफ हो गया है कि वे सही थे। 
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इस पर सवाल उठते हैं कि क्या नीतीश को इंडिया गठबंधन का नेता न बनाए जाने के पीछे सबसे बड़ी वजह यही थी कि उनके ऊपर कांग्रेस या लालू यादव को भरोसा नहीं था? इंडिया गठबंधन के नेताओं का मानना है कि नीतीश कुमार की अविश्वसनीयता ने ही उन्हें इस हालात में पहुंचा दिया कि अब कोई उन पर भरोसा नहीं करता। यदि उन्हें इंडिया गठबंधन का नेता बना दिया जाता और उसके बाद भी वे एनडीए में चले जाते तो इससे इंडिया गठबंधन के लिए स्थिति असहज हो जाती। कम से कम आज की स्थिति में यही बेहतर है कि बचे हुए दल मजबूत स्थिति में भाजपा का सामना करें।   
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