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स्वच्छ भारत मिशन पर कांग्रेस ने भाजपा को घेरा, खर्च को लेकर जताई आपत्ति
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 19 Sep 2018 08:09 PM IST
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छः सफाई कर्मियों की सीवर लाइन की सफाई करते हुए हुई मौत ने पूरी राजधानी को हिलाकर रख दिया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि स्वच्छ भारत मिशन के बजट का आधा हिस्सा सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रचार पर खर्च किया जा रहा है और जमीन पर सीवर सफाई कर्मचारियों के लिए बहुत कम काम हो रहा है। यही कारण है कि अभी भी सफाई कर्मचारियों की मौत हो रही है। कांग्रेस के मुताबिक दिल्ली सहित पूरे देश से मैन्युअल स्कैवेंजिंग के काम को खत्म किया जाना है और उनके स्थान पर मशीनों से सफाई का काम किया जाना है। कानूनन अवैध घोषित हो जाने के बाद भी मैन्युअल स्कैवेन्जिंग जारी है जो पीएम के दावों की पोल खोलता है।
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कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से दिल्ली में स्वच्छ भारत मिशन के लिए 2014-19 के लिए 349.76 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन योजना के चार साल बीत जाने के बाद भी इस राशि का केवल 30 फीसदी यानी 104.75 करोड़ रुपये ही जारी किया गया है। इस जारी की गई राशि में से भी महज 20.73 करोड़ रुपये ही जमीन पर खर्च किया गया।
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इसमें भी महज प्रचार पर 10.84 करोड़ रुपये खर्च किया गया। दिल्ली कांग्रेस की प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने बताया कि पूरी राशि का जो 70 फीसदी हिस्सा यानी 245.01 करोड़ रुपया जारी नहीं किया है, वह योजना की अवधि के खत्म हो जाने के साथ ही खत्म हो जाएगा। इस राशि का उपयोग न कर पाने में दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार भी जिम्मेदार है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया था। उन्होंने पूरे देश को खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। पीएम नरेंद्र मोदी के लक्ष्य के मुताबिक काम करते हुए कई राज्यों ने खुद को ओपन डेफकेशन फ्री यानी खुले में शौच से मुक्त कराने में सफल होने का दावा भी किया है। दिल्ली के कुछ जिलों ने भी खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया है।
कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी के मुताबिक यह केवल एक प्रचार किया जा रहा है। इसकी हकीकत की जानकारी किसी भी दिन दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में की जा सकती है। आज भी राजधानी में लोग खुले में शौच के लिए जा रहे हैं।