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Andhra Pradesh: 'मोदी सरकार बहुमत खोने के बाद अब तेजी से काम करेगी', आंध्र प्रदेश को लेकर कांग्रेस का तंज
Thu, 11 Jul 2024 01:28 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 11 Jul 2024 01:28 PM IST
सार
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की आंध्र प्रदेश में तेल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल हब बनाने की मांग मान ली है और इसके लिए केंद्र सरकार राज्य में 60 हजार करोड़ रुपये निवेश करेगी।
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जयराम रमेश
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
आंध्र प्रदेश के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने तंज कसते हुए लिखा कि मोदी सरकार अब बहुमत खोने के बाद शायद आंध्र प्रदेश पुनर्गठन कानून 2014 पर तेजी से काम करेगी। जयराम रमेश का यह बयान उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद सामने आया है, जिनमें दावा किया गया है कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की आंध्र प्रदेश में तेल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल हब बनाने की मांग मान ली है और इसके लिए केंद्र सरकार राज्य में 60 हजार करोड़ रुपये निवेश करेगी।
जयराम रमेश का तंज- बीते 10 वर्षों में पूरा हो जाना चाहिए था प्रोजेक्ट
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा आंध्र प्रदेश में एक तेल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल हब बनाने का वादा 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन कानून 2014' के तहत डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार में ही किया गया था। केंद्र की मोदी सरकार इस प्रोजेक्ट को दस वर्षों में पूरा करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य थी और एलान के छह महीने के भीतर ही इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड को इस प्रोजेक्ट की व्यवहारिकता को लेकर रिपोर्ट तैयार करनी चाहिए थी, लेकिन मोदी सरकार बीते 10 वर्षों में ऐसा करने में नाकाम रही। अब व्यवहारिकता रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
जयराम रमेश ने दावा किया कि 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन कानून 2018 पर मोदी सरकार की धीमी गति भी एक वजह थी कि चंद्रबाबू नायडू ने साल 2018 में एनडीए से नाता तोड़ लिया था। अब जब प्रधानमंत्री बहुमत और अहंकार खो चुके हैं तो हम उम्मीद कर सकते हैं कि अब आंध्र प्रदेश पुनर्गठन कानून पर तेजी से काम होगा।'
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लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत नहीं पा सकी भाजपा
बता दें कि बीते दिनों हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा बहुमत से दूर रह गई और 240 सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी। इसके चलते एनडीए गठबंधन को कुल 293 सीटें ही मिल सकीं। वहीं कांग्रेस को 99 सीटों पर जीत मिली और विपक्षी गठबंधन कुल 234 सीटें जीतने में सफल रहा। आंध्र प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी तेदेपा एनडीए का हिस्सा है।
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जयराम रमेश का तंज- बीते 10 वर्षों में पूरा हो जाना चाहिए था प्रोजेक्ट
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा आंध्र प्रदेश में एक तेल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल हब बनाने का वादा 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन कानून 2014' के तहत डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार में ही किया गया था। केंद्र की मोदी सरकार इस प्रोजेक्ट को दस वर्षों में पूरा करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य थी और एलान के छह महीने के भीतर ही इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड को इस प्रोजेक्ट की व्यवहारिकता को लेकर रिपोर्ट तैयार करनी चाहिए थी, लेकिन मोदी सरकार बीते 10 वर्षों में ऐसा करने में नाकाम रही। अब व्यवहारिकता रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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जयराम रमेश ने दावा किया कि 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन कानून 2018 पर मोदी सरकार की धीमी गति भी एक वजह थी कि चंद्रबाबू नायडू ने साल 2018 में एनडीए से नाता तोड़ लिया था। अब जब प्रधानमंत्री बहुमत और अहंकार खो चुके हैं तो हम उम्मीद कर सकते हैं कि अब आंध्र प्रदेश पुनर्गठन कानून पर तेजी से काम होगा।'
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लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत नहीं पा सकी भाजपा
बता दें कि बीते दिनों हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा बहुमत से दूर रह गई और 240 सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी। इसके चलते एनडीए गठबंधन को कुल 293 सीटें ही मिल सकीं। वहीं कांग्रेस को 99 सीटों पर जीत मिली और विपक्षी गठबंधन कुल 234 सीटें जीतने में सफल रहा। आंध्र प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी तेदेपा एनडीए का हिस्सा है।