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कांग्रेस : नवरत्न कंटेनर कॉर्पोरेशन की हिस्सेदारी निजी हाथों में देने के लिए केंद्र सरकार कर रही बदलाव
Tue, 14 Sep 2021 01:08 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 14 Sep 2021 01:08 AM IST
सार
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह हमेशा से मुनाफा देने वाली नवरत्न कंपनी है जिसे सरकार नियम व शर्तों में बदलाव कर अपने खास लोगों को फायदा पहुंचाना चाहती है।
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कांग्रेस पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ
- फोटो : Congress Youtube
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विस्तार
कांग्रेस ने केंद्र सरकार की विमुद्रीकरण योजना के तहत रेल मंत्रालय के कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में सरकार की हिस्सेदारी निजी हाथों में सौंपे जाने की तैयारी पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि यह हमेशा से मुनाफा देने वाली नवरत्न कंपनी है जिसे सरकार नियम व शर्तों में बदलाव कर अपने खास लोगों को फायदा पहुंचाना चाहती है। पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा कि कॉर्पोरेशन की शुरुआत 1989 में हुई थी और इसके पास देशभर में 60 इनलैंड कंटेनर डिपो हैं।
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ये कॉर्पोरेशन 503 करोड़ के फायदे में है और हर साल फायदे का डिविडेंड भी घोषित करता है। अभी हाल ही में उसने 304 करोड़ का डिविडेंड दिया है। उनका कहना है कि कॉर्पोरेशन में पहले से ही कई वित्तीय संस्थानों और निजी लोगों की हिस्सेदारी है लेकिन 54.8 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र सरकार की है। 2021 में शेयर बाजार में इसकी कीमत 40 हजार करोड़ है।
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सरकार हर साल होने वाले लाभ के बावजूद अपने 54.8 प्रतिशत हिस्से से 30.8 प्रतिशत हिस्सा निजी हाथों में सौंपना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने खास लोगों का एकाधिकार बढ़ाने के लिए रणनीतिक नियंत्रण वाले अपने हिस्से को निजी हाथों में देना चाहती है। इसके लिए लीज के पुराने नियम व शर्तों को भी बदला जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि पहले पांच साल के लिए डिपो लीज पर दिया जाता था जबकि इसे बढ़ाकर 35 साल किया जा रहा है। लीज पर लेने वाले को पहले छह प्रतिशत लीज रेंट देना होता था, जिसे सरकार 2-3 प्रतिशत करना चाहती है। सरकार जानबूझकर मुनाफे वाली इस कॉर्पोरेशन को नुकसान में लाना चाहती है ताकि इसका लाभ निजी लोगों को मिल सके।