फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Congress said supreme court issues defamation notice to government over wrong report

राफेल पर फैसला वापस ले सुप्रीम कोर्ट, गलत रिपोर्ट पर सरकार को जारी करे अवमानना नोटिस: कांग्रेस

Sun, 16 Dec 2018 10:08 PM IST
Avdhesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Avdhesh Kumar Updated Sun, 16 Dec 2018 10:08 PM IST
विज्ञापन
Congress said supreme court issues defamation notice to government over wrong report
Rahul Gandhi - फोटो : PTI
राफेल लड़ाकू विमान पर सियासी घमासान थमता नहीं दिख रहा है। कांग्रेस ने रविवार को इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने का आरोप लगाया। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट से अपना फैसला वापस लेने और सरकार के खिलाफ कोर्ट की अवमानना नोटिस जारी करने की मांग की। साथ ही राफेल सौदे की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की भी मांग दोहराई।
विज्ञापन


वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि सरकार ने झूठी सूचना देकर सुप्रीम कोर्ट को अंधेरे में रखा। खुद सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राफेल से जुड़ी सूचना सरकार ने सीएजी से साझा की है और सीएजी ने पीएसी से साझा की। जबकि हकीकत यह है कि इस सौदे से संबंधित जानकारी सरकार ने किसी से साझा नहीं की। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि सरकार की इसी जानकारी के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। अब यह बात सार्वजनिक हो जाने से हो रही फजीहत से बचने के लिए सरकार क्यूरेटिव पिटीशन के जरिए सुप्रीम कोर्ट को अंग्रेजी और व्याकरण समझा रही है। शर्मा ने कहा कि चूंकि फैसले की बुनियाद सरकार द्वारा दी गई झूठी जानकारी थी, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को न सिर्फ अपना फैसला वापस लेना चाहिए, बल्कि सरकार के खिलाफ अवमानना नोटिस भी जारी करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


शर्मा ने कहा कि अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने भी साफ कहा है कि इस मामले में उसकी कुछ अपनी सीमा है। ऐसे में जाहिर तौर पर सौदे से संबंधित सभी पक्षों को सामने लाने के लिए जेपीसी की जांच जरूरी है। जेपीसी के अतिरिक्त अन्य कोई संस्था इस मामले से जुड़े सभी पक्षों को तलब नहीं कर सकता। 

संसद में भी हंगामा तय

राफेल सौदा मामले में सोमवार को संसद के दोनों सदनों में सरकार और कांग्रेस के बीच सियासी संग्राम तय है। भाजपा और सरकार ने सौदे पर मिली क्लीनचिट के बाद सड़क से संसद तक कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक अभियान चला रखा है। शुक्रवार को दोनों सदनों में इस पर चर्चा और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की माफी की मांग करने वाली भाजपा सोमवार को अपनी इस मांग को उठाएगी। वहीं कांग्रेस जेपीसी से जांच की मांग करेगी। 

अटॉर्नी जनरल, कैग को बुलाने के खड़गे के प्रस्ताव से सहमत नहीं पीएसी के ज्यादातर सदस्य

राफेल सौदा मामले में लेखा परीक्षक की रिपोर्ट पर लोक लेखा समिति (पीएसी) अटॉर्नी जनरल और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) को बुलाने पर एकमत नहीं है। दरअसल समिति के अधिकतर सदस्य अटॉर्नी जनरल और कैग को बुलाने के पीएसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रस्ताव से सहमत नहीं हैं। खास बात यह है कि खड़गे से असहमति रखने वालों में विपक्षी पार्टियों के नेता भी हैं।

बीजद के वरिष्ठ सांसद भर्तुहरि महताब ने कहा कि पीएसी अध्यक्ष व्यक्तिगत अधिकार के तहत एजी और कैग को बुला सकते हैं लेकिन वह ऐसा पूरी समिति के समक्ष नहीं कर सकते हैं क्योंकि 2018-19 के लिए राफेल सौदा इसका एजेंडा नहीं था। राफेल सौदे पर कैग रिपोर्ट अभी समिति के समक्ष नहीं रखी गई है। 

समिति में सबसे अधिक समय तक अपनी सेवाएं देने वाले महताब ने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर बुलाए जाने पर दोनों अधिकारियों के बयान रिकॉर्ड नहीं होंगे। महताब के बयानों से टीडीपी सांसद सीएम रमेश ने भी सहमति जताई है। वहीं भाजपा सदस्यों ने इसे सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाने जैसा बताया है
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed