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आधार पर फैसले को सरकार ने बताया अपनी जीत, कांग्रेस बोली ‘भाजपा के मुंह पर तमाचा’

Wed, 26 Sep 2018 03:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 26 Sep 2018 03:06 PM IST
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congress said on Supreme Court decision on aadhar card, its  slap to BJP face

आधार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ‘‘गरीबोन्मुखी मोदी सरकार’’ की बड़ी जीत करार देते हुए भाजपा ने बुधवार को कहा कि शीर्ष अदालत ने योजना की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है। साथ ही पार्टी ने जोर दिया कि यह निजता का उल्लंघन नहीं करता है ।

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कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि इस आदेश ने वास्तव में विपक्षी पार्टी का पर्दाफाश कर दिया है। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस इसके खिलाफ शीर्ष अदालत गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि आधार सुरक्षित है ।
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‘भाजपा के मुंह पर तमाचा’ है आधार पर फैसला : कांग्रेस

कांग्रेस ने आधार से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए बुधवार को कहा कि यह ‘ भाजपा के मुंह पर तमाचा ’ है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा , ‘‘ सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले से निजता के अधिकार को बरकरार रखा है। मोदी सरकार की कठोर धारा 57 निरस्त हुई।
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उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि नागरिकों के जो डेटा एकत्र किए गए हैं उनको नष्ट किया जाए। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा , ‘‘यह भाजपा के मुंह पर तमाचा है। न्यायमूर्ति सीकरी के फैसले ने आधार अधिनियम की धारा 57 को निरस्त कर दिया और कहा कि यह असंवैधानिक है। बायोमैट्रिक डेटा का व्यावसायिक उपयोग करने की योजना विफल हुई।

तृणमूल कांग्रेस ने 'आधार' पर उच्चतम न्यायालय के फैसले की प्रशंसा की

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आधार पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का कार्यकर्ताओं, याचिकाकर्ताओं ने स्वागत किया

सुप्रीम कोर्ट द्वारा आधार कार्ड योजना को संवैधानिक रूप से वैध करार दिए जाने के फैसले का बुधवार को याचिकाकर्ताओं एवं कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। मामले में याचिकाकर्ताओं में से एक तहसीन पूनावाला ने शीर्ष अदालत के इस कथन पर खुशी जताई कि बैंक खातों से आधार को जोड़ना अनिवार्य नहीं है और दूरसंचार सेवा प्रदाता उपभोक्ताओं को अपना फोन नंबर आधार से जोड़ने के लिए नहीं कह सकते। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह बहुत ही अद्भुत है कि न्यायमूर्ति सीकरी ने कहा कि आधार को बैंक खातों एवं मोबाइल फोन नंबर से जोड़ना अनिवार्य नहीं है। उन्होंने आधार कानून की धारा 57 को निरस्त कर दिया।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ पवन दुग्गल ने भी फैसले का स्वागत किया।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने कहा, “मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत इस नजरिए से करता हूं कि आधार अब एक जमीनी वास्तविकता है, लेकिन आधार में मौजूद खामियों से पूरी सक्रियता से निपटना चाहिए। साइबर सुरक्षा के मुद्दे उन मुद्दों में शामिल हैं जिन पर भारत सरकार को प्रभावी ढंग से काम करना चाहिए।” प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने बुधवार को कहा कि आधार योजना का मकसद समाज के वंचित वर्ग तक लाभ पहुंचाना है और वह ना सिर्फ व्यक्तिगत बल्कि सामुदायिक दृष्टिकोण से भी लोगों की गरिमा का ख्याल रखती है।

तृणमूल कांग्रेस ने 'आधार' पर उच्चतम न्यायालय के फैसले की प्रशंसा की

तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा आधार अधिनियम से धारा 57 को खत्म किए जाने की प्रशंसा की। इस धारा के तहत निजी इकाइयों को आधार के आंकड़े हासिल करने की अनुमति थी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आधार योजना को संवैधानिक रूप से वैध करार दिया। तृणमूल कांग्रेस ने एक ट्वीट में कहा, ' सुप्रीम कोर्ट ने आधार अधिनियम, 2016 की धारा 57 को निरस्त कर दिया। इसलिए अब आपको निजी इकाइयों, जैसे - बैंक, स्कूल, मोबाइल कंपनी को आधार देने की जरूरत नहीं है। तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी ने इसके लिए काफी संघर्ष किया था।'
(इनपुट- भाषा)

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