LS Polls: मतदान से पहले कांग्रेस ने उठाया लद्दाख का मुद्दा, कहा- 10 साल से सौतेला व्यवहार कर रही मोदी सरकार
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को कहा कि लद्दाख में महीनों से विरोध प्रदर्शन हो रहा है। सभी आठ जनजातियां और 30 हजार से अधिक लोग भूख हड़ताल और विशाल मार्च के लिए साथ आ रहे हैं। मोदी सरकार ने चुप्पी साध रखी है।
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लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण के लिए सोमवार को मतदान होगा। इससे पहले कांग्रेस ने भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के प्रति मोदी सरकार का सौतेला व्यवहार रहा। लद्दाखवासी बेहद कम तापमान में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन मोदी सरकार चुप है। बता दें, लद्दाख में भी कल मतदान होगा।
मोदी सरकार में लद्दाख बहुत बुरे दौर से गुजर रहा है
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को कहा कि लद्दाख में महीनों से विरोध प्रदर्शन हो रहा है। सभी आठ जनजातियां और 30 हजार से अधिक लोग भूख हड़ताल और विशाल मार्च के लिए साथ आ रहे हैं। मोदी सरकार ने चुप्पी साध रखी है। उनकी उदासीनता लोगों को परेशान कर रही है। रमेश ने कहा कि 20 मई को लद्दाख में चुनाव होंगे। मोदी सरकार में लद्दाख बहुत बुरे दौर से गुजर रहा है। मोदी सरकार ने उनका प्रतिनिधित्व छीन लिया है।
चीनी कब्जे के कारण हजारों लद्दाखी प्रभावित हुए
रमेश ने दावा किया कि मोदी सरकार और उनके करीबी कॉरपोरेट मित्रों का लालच लद्दाख के परिस्थितिकी तंत्र को खतरे में डाल रहा है। कॉरपोरेट की नजरें खनन जैसे क्षेत्रों में है। अगर मोदी सरकार इस बार सत्ता में आती है तो उन्हें खनन करने से कोई नहीं रोक सकता है। उन्होंने दावा किया कि पूरे क्षेत्र को एक उप राज्यपाल द्वारा दिल्ली से रिमोट कंट्रोल किया जा रहा है। मोदी सरकार की कमजोरी ने लद्दाख की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान पहुंचाया है। मोदी सरकार की कायरता के कारण चीन लद्दाख के क्षेत्रों में कब्जा कर रहा है। चीनी कब्जे के कारण हजारों लद्दाखी प्रभावित हुए हैं।
लद्दाख निर्वाचन क्षेत्र में 182,571 पंजीकृत मतदाता
केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख में सोमवार 20 मई को पहला संसदीय चुनाव होने जा रहा है। इसे लेकर सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। रविवार को पोलिंग पार्टियां अधिकारियों से जरूरी निर्देश लेकर अपने पोलिंग स्टेशन के लिए रवाना हुईं। लद्दाख के दो जिले- लेह और कारगिल में कुल 577 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। लद्दाख क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा संसदीय क्षेत्र है। इनमें से उल्लेखनीय नवीन व्यवस्थाएं बनाई गई हैं। इनमें 15,000 फीट की ऊंचाई पर तम्बू निर्मित मतदान केंद्र और वारशी के सुदूर गांव में एक एकल परिवार के लिए विशेष रूप से बनाया गया एक मतदान केंद्र भी शामिल है। लद्दाख निर्वाचन क्षेत्र में 182,571 पंजीकृत मतदाता हैं। कारगिल जिले में लगभग 96,000 और लेह जिले में 88,000 मतदाता हैं।