Congress: खरगे बोले- सदन की कार्यवाही से वाशिंग मशीन, मौनी बाबा जैसे शब्द हटाए, और वे चुनावी भाषण देकर चले गए
Congress: कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, क्या हम अदाणी मामले की जांच के लिए जेपीसी के गठन की मांग नहीं कर सकते। क्या जेपीसी नहीं बैठाई जानी चाहिए। क्या एलआईसी का पैसा अदाणी की कंपनी में लगा है, उस पर सवाल नहीं उठाएं...
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कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता के जरिए संसद की कार्यवाही को लेकर सरकार से कई तरह के सवाल पूछे हैं। खरगे ने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं दिया। विपक्ष, जिन मुद्दों पर उत्तर चाहता था, वह नहीं मिला। सदन की कार्यवाही से उनके द्वारा बोले गए ऐसे शब्दों को हटा दिया गया, जो पहले भी सदन में बोले जाते रहे हैं। खरगे ने कहा, सदन की कार्यवाही से वाशिंग मशीन, मौनी बाबा और शायरी, ये शब्द भी हटा लिए गए। भाजपा ने पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा राव और डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ मौनी बाबा जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था, तो क्या वे शब्द असंसदीय भाषा के अंतर्गत नहीं आते।
मोदी ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर साधा निशाना
बजट सत्र के दौरान मंगलवार को राहुल गांधी ने सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान पीएम मोदी पर निशाना साधा था। उन्होंने अपने भाषण को मोदी और अदाणी के आसपास रखा। राहुल ने अदाणी को लेकर प्रधानमंत्री पर आरोपों की झड़ी लगा दी थी। उन्होंने सदन में अपने भाषण के दौरान एक तस्वीर भी दिखाई, जिसमें पीएम मोदी और अदाणी, एक प्लेन में बैठे थे। इस बात पर सदन में हंगामा भी हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ने राहुल द्वारा तस्वीर दिखाए पर नाराजगी जाहिर की। उसे नियमों से परे करार दिया। उसके अगले दिन पीएम मोदी ने सदन में जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के तहत बोलना शुरू किया, तो उन्होंने कांग्रेस और गांधी परिवार पर जमकर निशाना साधा। पीएम के संबोधन के बाद राहुल ने कहा, उन्हें अपने सवालों के जवाब नहीं मिले। इतना ही नहीं, गुरुवार को राज्यसभा में भी पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथ लिया।
लोकतंत्र में सभी को अभिव्यक्ति की आजादी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का कहना था कि हमने जो सवाल पूछे थे, उनका उत्तर नहीं दिया गया। ये जनता के मुद्दे थे। अगर इनका जवाब मिलता तो उससे जनता संतुष्ट होती, मगर पीएम मोदी ने उत्तर नहीं दिया। उन्होंने छाती ठोक कर चुनावी भाषण जैसा कुछ कहा और चले गए। ठीक है लोकतंत्र में सभी को अभिव्यक्ति की आजादी है। सदन में जब अदाणी कंपनी की बात की गई तो भी उन्हें रास नहीं आया। इन शब्दों को भी सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया। इसके बाद वाशिंग मशीन का नंबर आया। ईडी के संदर्भ में वाशिंग मशीन का जिक्र किया गया था। यह एक मशीन है, जिसमें एमपी और एमएलए जाते हैं। उन पर चाहे कितना भी बड़ा दाग लगा हो, मगर वे बेदाग होकर बाहर निकलते हैं। बतौर मल्लिकार्जुन खरगे, इसमें क्या गलत था। मुझे कई बातें कहने का मौका नहीं मिला। अदाणी कंपनी के शेयर गिर रहे हैं। दुनिया के लोग परेशान हैं। भारत में भी इससे गरीब लोग परेशान हैं। अगर इसकी जांच के लिए हमने जेपीसी के गठन की मांग कर दी, तो क्या कोई गुनाह कर दिया। जांच की मांग तो की ही जाती है। ये शब्द भी कार्यवाही से हटा लिए गए।
शेरो शायरी भी कार्यवाही से निकाली
मौनी बाबा शब्द भी सदन की कार्यवाही से हटा दिया। मैंने कहा, क्या आप मुझे बोलना सिखाएंगे, यह शब्द भी निकाल दिया। बतौर खरगे, जब मैंने कहा, चंद उद्योगपतियों को क्यों खिला रहे हैं तो यह भी पसंद नहीं आया। हमने पूछा कि अदाणी की संपत्ति पहले क्या थी, कैसे बढ़ी और आज वह 12-13 लाख करोड़ रुपये के मालिक कैसे बन गए। इस बात पर भी उन्हें आपत्ति हो गई। खरगे ने कहा, अरे भाई सूचनाएं हैं, ये हमें कई माध्यमों से मिलती हैं। जनता बताती है, मीडिया से लेते हैं। सरकार से भी मालूम होता है। ईडी के घोटाले, वाशिंग मशीन जैसे शब्द भी रास नहीं आए। इसके अलावा शेरो शायरी भी कार्यवाही से निकाल दी गई। सदन में पूर्व पीएम स्व: अटल बिहारी वाजपेयी खूब कविताएं पढ़ते थे। किसी ने उनकी कविताओं को कार्यवाही से नहीं हटाया। मैंने किसी शायर की शायरी पढ़ी, तो उसकी सात लाइन काट दी गई। कुल नौ लाइन की शायरी थी। शायरी तो साहित्य का हिस्सा है। अब तो वह भी संसद में नहीं कर सकते।
जेपीसी के गठन की मांग
कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, क्या हम अदाणी मामले की जांच के लिए जेपीसी के गठन की मांग नहीं कर सकते। क्या जेपीसी नहीं बैठाई जानी चाहिए। क्या एलआईसी का पैसा अदाणी की कंपनी में लगा है, उस पर सवाल नहीं उठाएं। क्या एसबीआई व एलआईसी के करोड़ों रुपये, जो अदाणी की कंपनी में लगे हैं, उस पर कुछ न पूछें। अदाणी के शेयर में 32 फीसदी की गिरावट के बाद एलआईसी व एसबीआई का आईपीओ क्यों आया, क्या ये सवाल भी न करें। क्या यह नहीं पूछें कि एलआईसी शेयरों की कीमत क्यों गिर गई। टेक्स हेवन देशों से अदाणी की कंपनी में किसका पैसा आया है। अदाणी को कहां कहां ठेके दिलवाए गए हैं, क्या ये सवाल भी न पूछें। अदाणी की कंपनी की रैंकिंग कितनी गिरी है। दूसरे मुल्क के वित्तीय संस्थानों ने क्या अदाणी की कंपनी को लोन देना बंद कर दिया है, क्या यह भी न पूछें।