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नोटबंदी पर सरकार के खिलाफ महिलाओं के गुस्से का फायदा उठाने की तैयारी में कांग्रेस 

Fri, 06 Jan 2017 03:55 AM IST
एम संजय/ नई दिल्ली
एम संजय/ नई दिल्ली Updated Fri, 06 Jan 2017 03:55 AM IST
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 Congress planing to take advantage of women's anger against government for demonotisation

अपनी तैयारियों को पूरी बताते हुए भाजपा ने एक ओर यूपी, उत्तराखंड समेत सभी पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीत का दावा किया है। मगर पार्टी को महिलाओं के रूख को लेकर अभी आशंका बनी हुई है। पार्टी रणनीतिकारों को इस बात की चिंता सता रही है कि नोटबंदी के कदम से महिलाएं कहीं भाजपा से दूर न हो जाएं। 

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उधर कांग्रेस ने हवा का रूख भांपते हुए नोटबंदी के विरोध के कवायद में महिलाओं को आगे करने की रणनीति बनाई है। इस प्रयास में पार्टी ने महिला मोर्चा समेत अपने सभी फ्रंटल संस्थाओं को 9 जनवरी को नोटबंदी के खिलाफ थाली पीट कार्यक्रम आयोजित करने को कहा है। इस आयोजन में महिलाएं गरीबों की जेब खाली बजाओ थाली के नारे संग देशभर में नोटबंदी के कदम का विरोध करेंगी। कांग्रेस की रणनीति नोटबंदी पर महिलाओं के बीच बढ़ी नाराजगी को और बढ़ाने की है। 
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दरअसल भाजपा भी मान रही है कि नोटबंदी के कदम से महिलाओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी की राष्ट्रीय महिला मोर्चा अध्यक्ष विजय राहटकर ने अमर उजाला को बताया कि नोटबंदी से हुए नुकशान के लिए हमने महिलाओं से आंतरिक फीडबैक लिया था। बचत छीनने के वजह से उन्हें समस्या तो हुई है, डिजिटल लेने-देन में भी उन्हें दिक्कतें हैं।

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'नोटबंदी के कदम से सबसे ज्यादा नुकशान महिलाओं को हुआ हैट'

 Congress planing to take advantage of women's anger against government for demonotisation

महिलाओं की परेशानी दूर करने के लिए हम कार्यक्रमों के जरिए उनके बीच में जाएंगे। सरकार से हमने महिला हितैषी कदम उठाने की मांग भी की है। तो पार्टी के एक वरिष्ठ महामंत्री का कहना है कि नोटबंदी के कदम से सबसे ज्यादा नुकशान महिलाओं को हुआ है। उनका घरेलु बचत सबकी नजरों में आ गया है। जिससे उनका नाराज होना स्वाभाविक है। 

उक्त नेता के अनुसार महिलाओं के रूख को लेकर पार्टी को सबसे ज्यादा चिंता यूपी में सता रही है। यहां राजनैतिक कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी बेहद कम रहती है। इसलिए उनके मूड को भांप पाना मुश्किल है। सर्वे तथा अन्य माध्यमों के जरिए भी नोटबंदी कदम के बाद महिलाओं के मूड का आंकलन अभी नहीं हो पाया है। रैलियों और राजनीतिक कार्यक्रमों की भीड़ से पुरूषों के रूख का तो स्पष्ट पता चलता है। लेकिन महिलाओं के रूख को लेकर आशंका बरकरार है। क्योंकि बचत छीनने के वजह से सबसे ज्यादा नुकशान महिलाओं का ही हुआ है। मतदान के समय वे नुकसान को याद रखेंगी तो भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
 
वैसे यूपी में महिलाओं के रूख को लेकर भाजपा के आशंकित होने की एक वजह यह भी है कि यहां महिला मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में यूपी में महिला मतदाताओं की संख्या 5.7 करोड़ थी। तो लोकसभा चुनाव 2014 में यह संख्या बढ़कर 6.2 करोड़ पहुंच गई थी। अब जब यूपी में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 138517026 हो गई है। तो ऐसे में महिला मतदाताओं की संख्या में भी इजाफा होगा। यही वजह है कि पार्टी की चिंता महिला रूख को लेकर बढ़ी हुई है।

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