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Politics: 'कांग्रेस ने 1956 में सेराजुद्दीन एंड कंपनी को बेचा था खनन मंत्रालय’, निशिकांत दुबे का गंभीर आरोप
Mon, 06 Oct 2025 10:06 AM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 06 Oct 2025 10:06 AM IST
सार
BJP Vs Congress: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उन्होंने दावा किया है कि कांग्रेस ने 1956 में खनन मंत्रालय को बेच दिया था। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी को निशाना बनाते हुए कहा, 'राहुल गांधी, यह आपकी पार्टी का असली संविधान है, इसे आप कोलंबिया में जाकर भी बताइए।'
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निशिकांत दुबे।
- फोटो : एएनआई
विस्तार
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोमवार को कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने साल 1956 में खनन और पेट्रोलियम मंत्रालय बेच दिया था। भाजपा सांसद ने कहा कि तत्कालीन खनन मंत्री केडी मालवीय ने यह मंत्रालय सेराजुद्दीन एंड कंपनी नाम की खनन कंपनी को सौंप दिया था। निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ दस्तावेज साझा करते हुए कहा कि सेराजुद्दीन एंड कंपनी उस समय मैंगनीज अयस्क की बड़ी ठेकेदार कंपनी थी और उसे बेहद फायदे वाले खनन पट्टे मिले थे।
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'राहुल गांधी की पार्टी की करतूतें बेमिसाल'
भाजपा सांसद ने लिखा, 'राहुल गांधी की पार्टी की करतूतें बेमिसाल हैं, तभी तो कांग्रेस पार्टी के पास बेहिसाब संपत्ति है। 1956 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी ने खुद लोकसभा में माना था कि मंत्रालय सेराजुद्दीन को बेचा गया था।' निशिकांत दुबे ने आगे कहा कि केडी मालवीय पर सुप्रीम कोर्ट के जज एसके दास ने जांच की थी, और उनके खिलाफ चार चार्जशीट दाखिल हुई थीं। इसके बाद उन्होंने 1963 में मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 1977 में केडी मालवीय को मुंबई हाई ऑयल स्कैम के मामले में जेल भेजा गया था, लेकिन 1980 में कांग्रेस सरकार ने वह केस वापस ले लिया ताकि 'गांधी परिवार के भ्रष्टाचार का पर्दां न उठे।' भाजपा नेता के इन आरोपों से एक बार फिर कांग्रेस के पुराने शासनकाल को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
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जयपुर की महारानी गायत्री देवी पर भी आरोपों का जिक्र
निशिकांत दुबे ने इससे पहले 3 अक्तूबर को भी कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि 1975 में इंदिरा गांधी के शासन में जयपुर की महारानी गायत्री देवी और उनके बेटे कर्नल भवानी सिंह को जेल भेजा गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि 'इंदिरा गांधी, महारानी गायत्री देवी की सुंदरता से ईर्ष्या करती थीं। इसलिए उन्हें और उनके बेटे को 1975 में ड्रग्स, हवाला और हथियारों की तस्करी जैसे झूठे आरोपों में जेल में डाल दिया गया।'
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राहुल @RahulGandhi जी के पार्टी के कारनामे बेमिसाल इसलिए पार्टी
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@INCIndia है मालामाल
पार्टी ने 1956 में सेराजुद्दीन को माइनिंग पेट्रोलियम मंत्रालय बेच दिया था,खुद प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु जी ने लोकसभा में स्वीकारा।के डी मालवीय तत्कालीन मंत्री के उपर सुप्रीम कोर्ट के जज दास… pic.twitter.com/FMCuKbKy49— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) October 6, 2025
'राहुल गांधी की पार्टी की करतूतें बेमिसाल'
भाजपा सांसद ने लिखा, 'राहुल गांधी की पार्टी की करतूतें बेमिसाल हैं, तभी तो कांग्रेस पार्टी के पास बेहिसाब संपत्ति है। 1956 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी ने खुद लोकसभा में माना था कि मंत्रालय सेराजुद्दीन को बेचा गया था।' निशिकांत दुबे ने आगे कहा कि केडी मालवीय पर सुप्रीम कोर्ट के जज एसके दास ने जांच की थी, और उनके खिलाफ चार चार्जशीट दाखिल हुई थीं। इसके बाद उन्होंने 1963 में मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 1977 में केडी मालवीय को मुंबई हाई ऑयल स्कैम के मामले में जेल भेजा गया था, लेकिन 1980 में कांग्रेस सरकार ने वह केस वापस ले लिया ताकि 'गांधी परिवार के भ्रष्टाचार का पर्दां न उठे।' भाजपा नेता के इन आरोपों से एक बार फिर कांग्रेस के पुराने शासनकाल को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
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जयपुर की महारानी गायत्री देवी पर भी आरोपों का जिक्र
निशिकांत दुबे ने इससे पहले 3 अक्तूबर को भी कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि 1975 में इंदिरा गांधी के शासन में जयपुर की महारानी गायत्री देवी और उनके बेटे कर्नल भवानी सिंह को जेल भेजा गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि 'इंदिरा गांधी, महारानी गायत्री देवी की सुंदरता से ईर्ष्या करती थीं। इसलिए उन्हें और उनके बेटे को 1975 में ड्रग्स, हवाला और हथियारों की तस्करी जैसे झूठे आरोपों में जेल में डाल दिया गया।'