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मानसून सत्र में सांसदों को वर्चुअल तौर पर उपस्थित होने की दी जाए मंजूरी : कांग्रेस
Thu, 20 Aug 2020 05:42 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 20 Aug 2020 05:42 AM IST
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भारतीय संसद
- फोटो : ANI
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कांग्रेस ने संसद के मानसून सत्र में सांसदों की शारीरिक या वर्चुअल उपस्थिति कोर्ट की तर्ज पर देने की अनुमति मांगी है। इसके लिए कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू से अपील की है।
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कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ओम बिरला तो पी चिदंबरम में नायडू को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि जो सांसद संसद की कार्यवाही में शारीरिक रुप से उपस्थित होने पर असमर्थ हैं उन्हें एप या लिंक के माध्यम से कार्यवाही में शामिल होने की मंजूरी दी जाए।
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चौधरी ने अपने पत्र में लिखा कि जल्द ही संसद के मानसून सत्र का आयोजन किया जाएगा क्योंकि दो सत्रों के बीच छह महीने से ज्यादा की अंतर नहीं होना चाहिये। इन परिस्थितियों में, मैंने आपको यह सुझाव देना उचित समझा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जैसे एप से काम किया जा रहा है।
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इसी तरह का एप का लिंक सांसदों को मुहैया कराया जाना चाहिए ताकि जो सांसद संसद में मौजूद होने में असमर्थ हैं वे एप के जरिये अपनी राय दिए गए समय में रख सकें । उन्होंने लिखा कोरोना वायरस संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। सितंबर तक प्रतिदिन 70 हजार कोरोना के मामले सामने आ रहे होंगे ऐसे में यह सुविधा अत्यावश्यक है।
उधर चिदंबरम ने अपने पत्र में लिखा कि सदन (राज्यसभा या लोकसभा ) की कार्रवाई स्थायी समितियों की तरह गोपनीय नहीं हैं। ऐसी परिस्थितियों में सदस्यों को शारीरिक या वर्चुअल रूप से सदन की कार्यवाही में भाग लेने में सक्षम बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाना काफी आसान होगा।
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की तर्ज पर राज्यसभा सचिवालय को एक एप का चयन कर सभी सदस्यों को इसे अपने इलेक्ट्रानिक उपकरणो में इंस्टाल करने का अनुरोध करना चाहिये। रोजाना सांसदों को लिंक मुहैया कराना चाहिये।
जो शारीरिक रूप से उपस्थित होना चाहते हैं वो शारीरिक रूप से उपस्थित हों और जो वर्चुअल तौर पर उपस्थित होना चाहते हैं वे लिंक के जरिये सदन की कार्यवाही में शामिल हो सकेंगे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि वर्चुअल तौर पर हिस्सा लेने वाले सदस्य अपना माइक अनम्यूट कर अपनी बात रख सकेंगे।
सत्र का किया स्वागत
पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम ने मानसून सत्र बुलाए जाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान देश और लोगों से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सांसदों की सुरक्षा के मद्देनजर सत्र के लिए सामाजिक दूरी जैसे मानकों का पालन करने जैसी विशेष तैयारी की जा रही है।
हालांकि उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि मुझे डर है कि एक साथ इतने सारे लोगों के इकट्ठा होने और संक्रमण की चपेट में आने के डर से कई सदस्य इसमें भाग लेने से बचें।