राज्यसभा में बोली कांग्रेस: प्रधानमंत्री मोदी ने एक भी पीएसयू नहीं बनाया और 23 का निजीकरण कर दिया, इन मुद्दों पर भी घेरा
कांग्रेस ने राज्यसभा में गुरुवार को पीएसयू के निजीकरण, अर्थव्यवस्था और महंगाई समेत तमाम मुद्दों कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को निशाने पर लिया।
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कांग्रेस सांसद रिपुन बोरा ने गुरुवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र का एक भी उपक्रम (पीएसयू) तैयार नहीं किया है जबकि 23 का निजीकरण कर दिया है। राज्यसभा में राष्ट्रपति के संबोधन के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए बोरा ने इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी और देश के अन्य प्रधानमंत्रियों की तुलना भी की।
बोरा ने कहा कि राजीव गांधी ने 16 पीएसयू बनाए थे और कोई निजीकरण नहीं किया था। अटल बिहारी वाजपेई ने 17 और मनमोहन सिंह ने 23 पीएसयू बनाए थे और निजीकरण केवल तीन का किया था। कांग्रेस नेता ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है और राष्ट्रपति के अभिभाषण में आर्थिक परिदृश्य को बेहतर करने पर कुछ भी नहीं था।
आर्थिक परिदृश्य को लेकर राष्ट्रपति के अभिभाषण में कुछ नहीं
कांग्रेस नेता ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को लोगों की उम्मीदों से पूरी तरह विपरीत बताते हुए कहा कि इसमें कोविड-19 के दौरान हुए नुकसान से कैसे उबरा जाएगा, न तो इसके मानकों पर बात की गई न तरीकों पर। बोरा ने कहा, 'कोरोना महामारी के दौरान 84 करोड़ लोगों की आय में बड़ी गिरावट आई है लेकिन राष्ट्रपति के अभिभाषण में इसका कोई उल्लेख नहीं किया गया।'
यूपीए सरकार ने 27 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला था
इसके साथ ही यूपीए सरकार की सराहना करने हुए रिपुन बोरा ने बताया कि किस तरह इस सरकार के नेतृत्व में 27 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर लाया गया था और अब पांच करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे चले गए हैं। कांग्रेस सांसद ने महंगाई को लेकर भी मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि अभिभाषण में महंगाई को काबू में लाने पर भी कोई बात नहीं की गई।
अफ्स्पा के मुद्दे पर बोले, हमारी सेना अपने लोगों को ही मार रही
बोरा ने विवादित अफ्स्पा (सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम) का मुद्दा भी उठाया और पिछले साल चार दिसंबर को नगालैंड के मोन जिले में हुई घटना का उल्लेख किया जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों की गोलीबारी में 17 लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा, आम तौर पर सेना का इस्तेमाल विदेशी आक्रामकता के खिलाफ होता है लेकिन हमारी सेना हमारे ही लोगों को मार रही है।