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जयपुर साहित्य महोत्सव: मनीष तिवारी का केंद्र पर आरोप, कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा से बचती है सरकार

Sun, 06 Mar 2022 08:45 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sun, 06 Mar 2022 08:45 PM IST
सार

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सरकार पर आरोप लगाय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा को लेकर सरकार अनिच्छुक रहती है। जयपुर साहित्य उत्सव में बोलते हुए उन्होंने भारत चीन सीमा पर हुए गतिरोध की बात भी की।  

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congress mp Manish Tewari said that the government is reluctant to discuss the issue of national security
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सरकारों पर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा को लेकर अनिच्छुक होने का आरोप लगाया है। रविवार को जयपुर साहित्य उत्सव में बोलते हुए उन्होंने भारत चीन सीमा पर हुए गतिरोध की बात भी की। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे के लगभग 21 महीने हो गए हैं। इसके बावजूद अभी तक संसद में चर्चा तक नहीं हुई। 

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जयपुर साहित्य महोत्सव में उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा करने को लेकर सरकार की ओर से अलग सी अनिच्छा रहती है। उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि जब मैं राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए सरकार से कहता हूं तो सामान्य रूप से कहता हूं। प्रशासनिक अधिकारियों के पास जाकर गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सूचित करता हूं।

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इस साहित्य उत्सव में अपनी लिखी किताब '10 फ्लैश प्वाइंट; 20 साल- राष्ट्रीय सुरक्षा के हालात' पर एक सत्र में उन्होंने कहा कि संसद बहुत ही महत्वपूर्ण चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने का मंच है। इसके बावजूद, दुर्भाग्य से राज्य स्तरीय या निकाय स्तर के मुद्दों को व्यक्त करने वाले लोगों के मुद्दों पर संसद में चर्चा नहीं होती। जिसके कारण भारत को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। 
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इस दौरान उन्होंने यह स्वीकार किया कि कुछ मुद्दों पर केवल विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय या गृह मंत्रालय सहित विभिन्न मंत्रालयों की स्थाई समिति में ही चर्चा हो सकती है, लेकिन कई मुद्दे हमेशा ऐसे नहीं होते। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा से संबंधित कोई भी बात गाय की तरह पवित्र होती है। 

अपनी इस बात की पुष्ट करने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि चीन के साथ सीमा की स्तिथि पर सितंबर 2020 में पूछे गए उनके 43 सवालों का जवाब राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा बताकर आज तक उन्हें नहीं दिया गया है। उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि मुझे नहीं लगता कि ये एक परिपक्व लोकतंत्र है।

देश की विदेश नीति और चीन और पाकिस्तान के साथ इसके प्रतिकूल संबंधों के बारे में बात करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत को अपने आंतरिक विकास और आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों को पार करने के लिए अपनी परिधि में तीन दशकों की शांति की आवश्यकता है।  इसे हासिल करने के लिए पाकिस्तान और चीन के साथ एक समझौता करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत अपने पड़ोस से बाहर निकलने में सक्षम नहीं है। 

गौरतलब है कि जयपुर साहित्य उत्सव का 15वां संस्करण 9 मार्च तक ऑनलाइन और 10 से 14 मार्च तक जयपुर में होटल क्लार्क्स आमेर के नए स्थल पर आयोजित किया जाएगा।


इस साल साहित्यिक उत्सव में तुर्की के बेस्टसेलिंग उपन्यासकार एलिफ शफाक, 2002 में पुलित्जर पुरस्कार पाने वाले जोनाथन फ्रेंजन , 2021 में बुकर विजेता डेमन गलगुट, ऑस्ट्रेलियाई लेखक और 2003 बुकर विजेता डीबीसी पियरे, हॉलीवुड अभिनेता और लेखक रूपर्ट एवरेट और प्रख्यात जमैका कवि केई मिलर और अन्य 250 लेखक शामिल होंगे। 

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