फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Congress leaders are upset due to ticket not being declared

Congress: टिकट घोषित न होने से कांग्रेस नेता परेशान, चुनावी तैयारियों के लिए बेहद कम समय मिलने से होगी मुश्किल

Fri, 15 Mar 2024 12:31 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Fri, 15 Mar 2024 12:31 PM IST
विज्ञापन
सार
दिल्ली में एक लोकसभा सीट से कांग्रेस का टिकट पाने के लिए दावेदारी कर रहे एक उम्मीदवार ने अमर उजाला से कहा कि इस समय कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर बात करके जनता को अपने पक्ष में लाया जा सकता है। इलेक्टोरल बॉन्ड, सर्वोच्च न्यायालय के कई निर्णय और भाजपा के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोपों को जनता के बीच उठाया जा सकता है...
loader
Congress leaders are upset due to ticket not being declared
Congress - फोटो : Amar Ujala/ Rahul Bisht

विस्तार

दिल्ली में भाजपा ने सातों सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, आम आदमी पार्टी ने भी अपने हिस्से की चारों सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का एलान कर दिया है, लेकिन कांग्रेस अभी तक अपने खाते की तीन सीटों पर उम्मीदवारों का नाम तय नहीं कर पाई है। सबसे महत्त्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में भी पार्टी अभी तक अपने खाते की 17 सीटों में से किसी एक सीट से भी उम्मीदवारों के नामों का एलान नहीं कर पाई है। ऐसे में कांग्रेस में टिकट दावेदारों की परेशानी बढ़ गई है। इन दावेदारों का कहना है कि पार्टी पहले ही कमजोर स्थिति में है, लेकिन देर से टिकट घोषित होने से चुनावी तैयारियों के लिए बहुत कम समय मिलेगा। इसका चुनाव परिणाम पर असर पड़ सकता है।

दिल्ली में एक लोकसभा सीट से कांग्रेस का टिकट पाने के लिए दावेदारी कर रहे एक उम्मीदवार ने अमर उजाला से कहा कि इस समय कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर बात करके जनता को अपने पक्ष में लाया जा सकता है। इलेक्टोरल बॉन्ड, सर्वोच्च न्यायालय के कई निर्णय और भाजपा के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोपों को जनता के बीच उठाया जा सकता है। इन्हीं मुद्दों के सहारे लोकसभा चुनाव को भी नई ऊंचाई दी जा सकती है, लेकिन टिकट न हो पाने से नेता-कार्यकर्ता सुस्त पड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लिए इस बार वापसी करने के लिए बेहतर अवसर हो सकता है। मुस्लिमों के बीच कांग्रेस को लेकर समर्थन तेज हुआ है। आम आदमी पार्टी के साथ उसके गठबंधन से भी चुनावी समीकरण कांग्रेस को मदद कर सकते हैं। लेकिन इन समीकरणों को चुनाव परिणाम में बदलने के लिए लगातार सक्रिय कार्यक्रमों की आवश्यकता है। लेकिन टिकटों पर स्थिति साफ न होने से सबका ध्यान उसी ओर अटका हुआ है।            

क्या रहे चुनाव परिणाम?

कांग्रेस के लिए बीता कुछ समय मुश्किलों भरा रहा है। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को दिल्ली में एक भी सीट पर सफलता नहीं मिली है। यही कारण है कि इस समय उसे दिल्ली की चुनावी पिच पर कमजोर माना जा रहा है। लेकिन पार्टी में उत्साह भरने के लिए यह आंकड़ा पर्याप्त है कि पिछले चुनाव में हार के बाद भी पांच सीटों पर उसके उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे थे। जबकि दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी दो ही सीटों पर दूसरे नंबर पर स्थान बनाने में सफल हो पाई थी।

आम आदमी पार्टी के राजनीतिक उदय के पहले यानी 2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने दिल्ली की सात में से छह सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि 2009 में उसने सभी सातों सीटों पर कब्जा जमा लिया था। आम आदमी पार्टी के द्वारा उसके मतदाता वर्ग को हथियाने के बाद कांग्रेस कमजोर हो गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed