Congress: सैम पित्रोदा बोले- 2024 चुनाव देश के भविष्य के लिए अहम, कहा- मंदिरों को मुख्य धारा में नहीं ला सकते
राहुल गांधी द्वारा विदेशी जमीन पर देश के खिलाफ दिए गए बयानों और उस पर भाजपा के हमले के सवाल पर पित्रोदा का कहना है कि हम विदेश में भारत की आलोचना नहीं करते। हम भारत सरकार की आलोचना करते हैं। यह दोनों अलग-अलग चीजें हैं।
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उन्होंने कहा कि भारतीयों को अब तय करना है कि वह कैसा राष्ट्र बनाना चाहते हैं। क्या उन्हें हिंदू राष्ट्र चाहिए या फिर समावेशी और स्थिर धर्मनिर्पेक्ष देश चाहिए। लोगों को तय करना होगा कि उन्हें तानाशाह चाहिए या फिर लोकसेवक। लोगों को अब तय करना होगा कि उन्हें धर्म के आधार पर बंटवारा चाहिए या एक लोकसेवक, जो सभी को साथ लेकर चले। क्या लोगों को डर फैलाने वाली सरकार चाहिए या फिर सुरक्षा प्रदान करने वाली सरकार, यह उन्हें ही तय करना होगा। 2024 का चुनाव देश के भविष्य के लिए होने जा रहा है न कि किसी व्यक्ति विशेष के भविष्य के बारे में। ईवीएम के मुद्दे पर पित्रोदा का कहना है कि यह मुद्दा बहुत गंभीर है।
#WATCH | On hopes for Congress & INDIA alliance for upcoming 2024 polls, Chairman of Indian Overseas Congress, Sam Pitroda says, "I am very hopeful that people of India will respond to the need of the hour for the nation. I am very hopeful that the people of India will think that… pic.twitter.com/e3Z4nvj9hu
— ANI (@ANI) December 26, 2023
भारत और भारत सरकार की अलोचना में अंतर
राहुल गांधी द्वारा विदेशी जमीन पर देश के खिलाफ दिए गए बयानों और उस पर भाजपा के हमले के सवाल पर पित्रोदा का कहना है कि हम विदेश में भारत की आलोचना नहीं करते। हम भारत सरकार की आलोचना करते हैं। यह दोनों अलग-अलग चीजें हैं। भारत सरकार की आलोचना और भारत की आलोचना में भ्रमित नहीं होना चाहिए। भारत बहुत बड़ा है। भारत सबसे महत्वपूर्ण है। भारत लोकतांत्रिक देश हैं। हम भारत के बारे में चर्चा कर सकते हैं। भारत विश्व का भाग्य तय करता है। भारत सबसे अधिक आबादी वाला देश है, हमें इसलिए दुनिया में अपने बारे में बात करना होगा। हमें वैश्विक नेताओं से मिलना चाहिए और समझाना चाहिए कि हम कौन हैं। हम क्या हैं। हम किसमें विश्वास करते हैं। कोई भी व्यक्ति भारत का अपमान कर ही नहीं सकता। राहुल गांधी विदेश दौरे पर छात्रों, बुद्धिजीवियों, राजनेताओं और व्यापारिक नेताओं के साथ खुली बातचीत करते हैं। यह करना हमारा काम है। हम एक ऐसा राष्ट्र हैं, जो दुनिया के लिए मायने रखता हैं।
#WATCH | On BJP's jibes on Congress leader Rahul Gandhi's statements abroad, Chairman of Indian Overseas Congress, Sam Pitroda says, "...When we go abroad, we don't criticize India. We criticize the Indian government, two separate things. Don't confuse criticizing the Indian… pic.twitter.com/3WbYw92OKh
— ANI (@ANI) December 26, 2023
मंदिरों को मुख्य धारा में नहीं ला सकते
राम मंदिर पर पित्रोदा ने कहा कि मुझे किसी भी धर्म से कोई दिक्कत नहीं है। कभी-कभार मंदिर के दर्शन करने के लिए जाना ठीक है। लेकिन आप उसे मुख्य धारा में नहीं ला सकते। 40 फीसदी लोग बीजेपी को वोट देते हैं। 60 फीसदी लोग बीजेपी को वोट नहीं देते। प्रधानमंत्री को मंदिरों के अलावा, रोजगार, महंगाई, विज्ञान, प्रौद्योगिकी के बारे में बात करना होगा। उन्हें तय करना होगा कि असली मुद्दे क्या हैं- क्या राम मंदिर या बेरोजगारी। राममंदिर या महंगाई। राम मंदिर या दिल्ली में वायु प्रदूषण।
#WATCH | On Ram Temple, Chairman of Indian Overseas Congress, Sam Pitroda says, " I have no problem with any religion...It is okay to go visit the Temple once in a while...But you can't make that the main platform. 40 per cent of the people vote for BJP. 60 per cent of the people… pic.twitter.com/afSGfj4aIf
— ANI (@ANI) December 26, 2023