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पुडुचेरी: राहुल गांधी ने मछुआरों को बताया 'समुद्र के किसान', कृषि कानूनों का किया विरोध
Wed, 17 Feb 2021 03:18 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुडुचेरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुडुचेरी
Published by: Tanuja Yadav
Updated Wed, 17 Feb 2021 03:18 PM IST
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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी
- फोटो : ANI
राहुल गांधी बुधवार को पुडुचेरी पहुंचे और यहां उन्होंने मछुआरों से मुलाकात की। मछुआरों से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की ओर से पारित तीनों कृषि कानूनों का जिक्र किया और कहा कि मैं मछुआरों को समुद्र का किसान मानता हूं।
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इसके अलावा राहुल गांधी ने मछुआरों के लिए अलग केंद्रीय मंत्रालय की जरूरत पर जोर दिया। राहुल गांधी ने मछुआरों के साथ संवाद में कहा कि सरकार ने किसानों के खिलाफ तीन कानून पास किए हैं, किसान इस देश की रीढ़ हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा कि आप लोगों को हैरानी हो रही होगी कि मछुआरों की सभा में किसानों की बात क्यों कर रहा हूं।
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Govt passed 3 Bills against farmers, the backbone of a nation. You must be wondering why am I talking about farmers at meeting of fishermen. I consider you as farmers of sea. If farmers of land can have ministry in Delhi, why is that farmers of sea don't have the same: R Gandhi https://t.co/S8mPZUgsCF pic.twitter.com/yWWfhOjTS1
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 17, 2021
राहुल गांधी ने आगे कहा कि मैं आप लोगों को समुद्र का किसान मानता हूं, अगर जमीन पर खेती करने वाले किसानों का दिल्ली में मंत्रालय हो सकता है तो समुद्र के किसानों का क्यों नहीं हो सकता। इसके अलावा राहुल गांधी ने मछुआरों के लिए बीमा, पैन वगैरह जैसी सुविधाएं देने की मांग की।
पुडुचेरी में छात्रों को किया संबोधित
राहुल गांधी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार देश को चुप कराने की कोशिश कर रही है। वह विरोध करने वाले हर शख्स को जेल में डाल रही है और डराने की कोशिश कर रही है, जो कि हमारे देश के स्वभाव के खिलाफ है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि आप सब चुप नहीं रहें और गलत के खिलाफ आवाज उठाएं।
राहुल गांधी ने कहा कि वर्ष 1991 में उनके पिता राजीव गांधी की हत्या से उन्हें बहुत दर्द हुआ, लेकिन उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार लोगों के प्रति कोई गुस्सा या घृणा नहीं जताई।
पुडुचेरी में चुनाव से पहले ही कांग्रेस सरकार पर संकट
पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई है। चुनावों से पहले ही कांग्रेस को एक बड़ा झटका मिला है, पार्टी के चार विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस के चार विधायकों के इस्तीफे देने के बाद मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने कैबिनेट की बैठक की।
बैठक में कैबिनेट को भंग करने की बजाय बहुमत साबित करने का फैसला किया गया। इधर एलजी पद से राष्ट्रपति ने किरण बेदी को हटा दिया है। पुडुचेरी विधानसभा में विधायकों की संख्या 30 है, जिसमें 2016 में हुए चुनावों के दौरान कांग्रेस ने 15 सीटें जीती थीं।
इसके बाद कांग्रेस को तीन डीएमके और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन मिला था। लेकिन चार विधायकों के इस्तीफे देने के बाद अब विधायकों की संख्या दस हो गई है। बता दें कि इससे पहले एक विधायक को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने की वजह से पार्टी से बाहर निकाल दिया गया था।
वहीं विपक्ष की स्थिति देखें तो 2016 में विधानसभा चुनाव में एआईएनआरसी की सात सीटें और अन्नाद्रमुक को चार सीटें मिली थीं। वहीं सदन में भारतीय जनता पार्टी के तीन नामित सदस्य हैं। अब कांग्रेस गठबंधन के पास महज 14 विधायक हैं। उसे डीएमके और एक निर्दलीय का समर्थन प्राप्त है। विपक्ष के सदस्यों की संख्या भी अब 14 है। फिलहाल, बहुमत का आंकड़ा 15 का है, जिससे कांग्रेस एक अंक दूर है।
राहुल के दौरे से पहले पुडुचेरी के राज्यपाल पद से हटाई गई किरण बेदी
पुडुचेरी के राज्यपाल के पद से हटाए जाने के बाद किरण बेदी ने भारत सरकार समेत अपने तमाम साथियों का शुक्रिया अदा किया। किरण बेदी ने एक पत्र लिखकर भारत सरकार का आभार जताया। इसी के साथ उन्होंने अपने तमाम साथियों का भी आभार जताया।
किरण बेदी ने लिखा है कि उन्होंने संवैधानिक एवं नैतिक जिम्मेदारियों को पूरा करने के कर्तव्य के तहत सभी कार्य किए। बेदी ने कहा कि वह पूरी संतुष्टि के साथ यह कह सकती हैं कि उनके कार्यकाल में ‘राज निवास' की टीम ने जन हित के लिए पूरी कर्मठता से काम किया।