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केरल कांग्रेस की पोस्ट पर विवाद: सीजेआई पर की थी टिप्पणी, आलोचना के बाद ट्वीट डिलीट; क्या बोले पवन खेड़ा?

Mon, 12 Oct 2026 08:11 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Mon, 12 Oct 2026 08:11 PM IST
सार

सीजेआई सूर्यकांत के इस्तीफे की मांग वाले कांग्रेस केरल इकाई के ट्वीट पर पवन खेड़ा ने असहमति जताई है। उन्होंने इसे गलत बताते हुए न्यायपालिका में भरोसा और सुप्रीम कोर्ट के प्रति सम्मान दोहराया। विवादित ट्वीट अब डिलीट हो चुका है।

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Congress Kerala Takes a Dig at CJI Surya Kant Over Law and Order Remark, Says Resign If It Is Not Your Domain
पवन खेड़ा, कांग्रेस नेता - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

दिल्ली में प्रदर्शनों और उनसे जुड़ी पाबंदियों पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के बयान को लेकर कांग्रेस की केरल इकाई के ट्वीट पर विवाद के बीच पार्टी नेता पवन खेड़ा ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस रुख से पूरी तरह असहमत है और जिसने भी यह पोस्ट की है, वह पूरी तरह गलत है। कांग्रेस केरल इकाई का यह ट्वीट अब डिलीट कर दिया गया है।

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दिल्ली में कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि पार्टी को देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वह सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में इसी विश्वास के कारण विपक्ष ने अपनी बात रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
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पवन खेड़ा ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा "हम इस रुख से पूरी तरह असहमत हैं, चाहे इसे किसी ने भी पोस्ट किया हो। यह पूरी तरह गलत है। हमें इस देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और हम सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करते हैं। इसी वजह से हम सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर गए और वहां अपनी बात रखी, क्योंकि हमें न्यायपालिका पर विश्वास है।"
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केरल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बोले- जिम्मेदार व्यक्ति को पद से हटाया
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा कि आपत्तिजनक पोस्ट करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को उसके पद से हटा दिया गया है। पार्टी ने साफ किया कि यह पोस्ट प्रदेश नेतृत्व की जानकारी, सहमति या सलाह के बिना प्रकाशित की गई थी। सनी जोसेफ ने कहा कि केपीसीसी इस बात की जांच करेगी कि आधिकारिक एक्स अकाउंट से यह पोस्ट किन परिस्थितियों में की गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी को न्यायपालिका की निष्पक्षता पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर व्यक्त किए गए ऐसे विचार, जो पार्टी के इस रुख के विपरीत हैं, केपीसीसी नेतृत्व के विचारों को नहीं दर्शाते हैं।

कांग्रेस केरल ने क्या ट्वीट किया था?
कांग्रेस की केरल इकाई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के इस्तीफे की मांग करते हुए टिप्पणी की थी। पार्टी ने पीटीआई के एक न्यूज अलर्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया था। इसमें सीजेआई सूर्यकांत के हवाले से कहा गया था कि दिल्ली में प्रदर्शनों और उनसे जुड़ी पाबंदियों के संदर्भ में कानून-व्यवस्था का मामला उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आता।



सीजेआई ने विपक्षी नेताओं से मुलाकात से किया था इनकार
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सोमवार सुबह राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से मुलाकात की मांग स्वीकार नहीं की थी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के 33वें स्थापना दिवस से जुड़े कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा था कि जिन मुद्दों पर विपक्षी प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलना चाहता है, वे न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में हैं और कई मामले सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।




उन्होंने आगे कहा "मुझे कल एक पत्र मिला था, जिसमें मेरे साथ बैठक की मांग की गई थी। मैंने कल रात (रविवार को) ही इसका जवाब दे दिया और बताया कि मैं क्यों मिलने में असमर्थ रहूंगा।" जब पत्रकारों ने दिल्ली में प्रदर्शनों और आवाजाही पर पाबंदियों के बारे में पूछा तो CJI ने कहा कि यह कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा ''यह मेरा मुद्दा नहीं है।'' जब उच्चतम न्यायालय तक विपक्ष के मार्च के बारे में पूछा गया तो सीजेआई ने कहा ''मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।''

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