US Tariffs: अमेरिकी टैरिफ पर सरकार के बयान पर कांग्रेस हमलावर, कहा- अपनी तारीफ की, कारोबारियों की चिंता नहीं
अमेरिका द्वारा भारत के निर्यात पर 25% शुल्क और जुर्माने की घोषणा पर सियासत गरमा गई है। वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल ने संसद में कहा कि सरकार प्रभावों की समीक्षा कर रही है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे 'नॉन-स्टेटमेंट' बताते हुए कहा कि असली मुद्दों पर बात नहीं हुई और सरकार सिर्फ अपनी तारीफ में लगी रही।
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भारत के निर्यात पर अमेरिका तरफ से 25 प्रतिशत शुल्क और अतरिक्त जुर्माना लगाने की घोषणा ने देशभर में सियासी गर्माहट तेज कर दी है। वहीं इस मामले में विवाद तब और तेज हो गया जब गुरुवार को वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल ने संसद में इस मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस घोषणा की प्रभावों की समीक्षा कर रही है और किसानों, निर्यातकों, एमएसएमईएस और उद्योग संगठनों से विचार-विमर्श कर रही है। हालांकि कांग्रेस ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उनका घेराव किया।
क्या बोले कांग्रेस नेता जयराम रमेश?
गोयल के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि वाणिज्य मंत्री ने संसद में झूठी तारीफ की, लेकिन यह एक नॉन‑स्टेटमेंट था। असल मुद्दों जैसे अमेरिका से व्यापार समझौता न हो पाना, 25% शुल्क और रूस‑ईरान से व्यापार में जुर्माना उन पर छूटा तक नहीं गया।
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रमेश ने कहा कि गोयल के बयान में भारतीय कारोबारियों की समस्याओं का जिक्र तक नहीं हुआ। उन्होंने आगे लिखा कि अब अमेरिका के साथ भारत की चुनौतियां बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति ट्रंप से अपनी दोस्ती पर भरोसा करते थे, लेकिन यह भरोसा अब पूरी तरह फेल साबित हुआ।
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कांग्रेस नेता ने लगाए गंभीर आरोप
इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय अर्थव्यवस्था नोटबंदी और दोषपूर्ण जीएसटी की वजह से दोहरे झटकों से अभी तक भरपूर उबर नहीं पाई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा निजी कंपनियों का निवेश और निजी खपत के स्तर के साथ अर्थव्यवस्था में तेजी नहीं आएगी। यह ‘ट्विन डेफिसिट’ सिर्फ मोदी सरकार की नीतियों का नतीजा है।