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हिमंता बोले: कांग्रेस एक ओर बजट को बता रही अपना घोषणापत्र, दूसरी ओर आलोचना भी; ये विरोधाभास उनका ट्रेडमार्क
Wed, 24 Jul 2024 12:24 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Wed, 24 Jul 2024 12:24 AM IST
सार
असम के मुख्यमंत्री ने कहा है कि कांग्रेस विरोधाभस का ट्रेडमार्क है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केंद्रीय बजट को अपने घोषणा पत्र की नकल भी बता रही है और उसकी आलोचना भी कर रही है।
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस केंद्रीय बजट को अपना चुनावी घोषणा पत्र बता रही है वहीं दूसरी ओर इसकी आलोचना भी कर रही है।
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सरमा ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘विरोधाभास और भ्रम कांग्रेस के ट्रेडमार्क हैं क्योंकि उन्होंने केंद्रीय बजट को अपने चुनावी घोषणापत्र की नकल बताया लेकिन इसकी आलोचना भी की।’उन्होंने आगे कहा कि बजट असम और पूर्वोत्तर में विकास की एक नई लहर लाएगा। सरमा इसे असम के लिए गेम चेंजर बजट बताया।
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प्रधानमंत्री को दिया धन्यवाद
अमस के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री चा श्रमिक प्रोत्साहन योजना के तहत चाय बागान समुदाय के कल्याण के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित करने पर केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया।
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सरमा ने एक्स पर लिखा, "इस अनूठी योजना के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार को मेरा आभार, जिससे हमारे भाइयों और बहनों को बहुत लाभ होगा, जो असम के चाय उद्योग की रीढ़ हैं।"
बाढ़ से प्रभावित राज्य है असम
असम में बाढ़ की स्थिति में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। राज्य के 11 जिलों में प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 95 हजार हो गई है।
इस साल बाढ़ में मरने वालों की संख्या 98 हो गई है। जबकि बाढ़, भूस्खलन, तूफान और आकाशीय बिजली गिरने से 113 लोगों की जान गई है।
ये जिला हुए सबसे ज्यादा प्रभावित
सबसे बुरी तरह जो जिला प्रभावित हुआ वो नागांव था। यहां करीब 70,280 लोग प्रभावित हुए। इसके बाद गोलाघाट (12,321) और कछार (6,773) था। बाढ़ के पानी ने 6,467.5 हेक्टेयर से अधिक फसल भूमि को भी जलमग्न कर दिया। कुल 6,311 लोगों ने 35 राहत शिविरों में शरण ली है।
NDRF फंड के लिए 500 करोड़ रुपये की मांग की थी
असम में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने वाली केंद्रीय टीम से NDRF फंड के लिए मदद मांगी थी। राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपये जारी करने की सिफारिश करने का आग्रह किया था।