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BJP को नोटबंदी की पहले से थी जानकारी, खाते करें सार्वजनिक: कांग्रेस
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
Updated Tue, 15 Nov 2016 07:36 AM IST
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रणदीप सुरजेवाला, कांग्रेस प्रवक्ता
- फोटो : file photo
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कांग्रेस ने फिर दोहराया कि नोट बंद होने की सूचना कुछ लोगों को थी। कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा के खाते में आठ नवंबर से पहले एक करोड़ की राशि जमा हुई है। भाजपा इस साल मार्च से लेकर आठ नवंबर तक राज्यों समेत अपने सभी खाते देश के सामने जारी करने की हिम्मत दिखाएं। नोट बंदी के फैसले और प्रधानमंत्री के भाषण को लेकर कांग्रेस सोमवार को शेरो-शायरी के अंदाज में दिखी। सुरेजवाला ने कहा कि इस तरह साहब अपने गुनाहों को धो देते हैं कभी मजाक उड़ाते हैं कभी रो देते हैं।
सुरजेवाला ने कहा कि बैंकों के बाहर खड़े लोग न चोर हैं और न उनके पास कालाधन है। तानाशाह और ताकतवर प्रधानमंत्री ने आर्थिक अराजकता का माहौल थोप दिया है। कालेधन वाले सूट बूट के लोग लाइन में नहीं दिख रहे। मोदी मान बैठे हैं कि बड़े बहुमत की जीत उन्हें मनमानी का अधिकार देती है। 23 निर्दोषों ने जान भी गंवाई है। प्रधानमंत्री को उनके घर जाकर माफी मांगनी चाहिए। लोगों को पचास दिनों की परेशानी 15 लाख रुपए खातों में पहुंचेंगे की तरह जुमला न बन जाए।
कांग्रेस ने नोट बंदी के फैसले से ठीक पहले कितनी रकम जमा हुई आंकड़ा जारी करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त की अपेक्षा सितंबर महीने में पांच लाख 88 हजार करोड़ रुपए अधिक जमा हुए हैं जो कालेधन की कहानी बताते हैं। इसी प्रकार पिछले सालों से तुलना करें बीते तीन महीनों के आंकड़े कालेधन की सच्चाई पेश करते हैं। देश से बाहर रकम भेजने की लिमिट भी मोदी सरकार में 130 प्रतिशत बढ़ी है। 75 हजार अमेरिकी डॉलर की लिमिटि सरकार बनने के बाद 3 जून 2014 और फिर 26 मई 2015 में बढ़ाकर ढाई लाख अमेरिकी डॉलर कर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आखिर लिमिटि बढ़ाकर किसकी मदद की जा रही थी। उन्होंने लोगों को हो रही परेशानियों का उल्लेख कर फिर से पांच सौ, हजार और दो हजार के नोट चलाने फैसले पर भी सवाल उठाए।
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सुरजेवाला ने कहा कि बैंकों के बाहर खड़े लोग न चोर हैं और न उनके पास कालाधन है। तानाशाह और ताकतवर प्रधानमंत्री ने आर्थिक अराजकता का माहौल थोप दिया है। कालेधन वाले सूट बूट के लोग लाइन में नहीं दिख रहे। मोदी मान बैठे हैं कि बड़े बहुमत की जीत उन्हें मनमानी का अधिकार देती है। 23 निर्दोषों ने जान भी गंवाई है। प्रधानमंत्री को उनके घर जाकर माफी मांगनी चाहिए। लोगों को पचास दिनों की परेशानी 15 लाख रुपए खातों में पहुंचेंगे की तरह जुमला न बन जाए।
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कांग्रेस ने नोट बंदी के फैसले से ठीक पहले कितनी रकम जमा हुई आंकड़ा जारी करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त की अपेक्षा सितंबर महीने में पांच लाख 88 हजार करोड़ रुपए अधिक जमा हुए हैं जो कालेधन की कहानी बताते हैं। इसी प्रकार पिछले सालों से तुलना करें बीते तीन महीनों के आंकड़े कालेधन की सच्चाई पेश करते हैं। देश से बाहर रकम भेजने की लिमिट भी मोदी सरकार में 130 प्रतिशत बढ़ी है। 75 हजार अमेरिकी डॉलर की लिमिटि सरकार बनने के बाद 3 जून 2014 और फिर 26 मई 2015 में बढ़ाकर ढाई लाख अमेरिकी डॉलर कर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आखिर लिमिटि बढ़ाकर किसकी मदद की जा रही थी। उन्होंने लोगों को हो रही परेशानियों का उल्लेख कर फिर से पांच सौ, हजार और दो हजार के नोट चलाने फैसले पर भी सवाल उठाए।
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