चिदंबरम से मिलने तिहाड़ पहुंचे कांग्रेस के कई नेता, नहीं मिली अनुमति
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कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम से मिलने के लिए तिहाड़ जेल पहुंचा। लेकिन उन्हें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता से मिलने नहीं दिया गया क्योंकि निर्धारित समय खत्म हो गया था। इस प्रतिनिधिमंडल में मुकुल वासनिक, पीसी चाको, मनिक्कम टैगोर, अविनाश पांडे और अन्य नेता शामिल थे।
Delhi: A delegation of Congress leaders went to Tihar Jail to meet #PChidambaram today, but they were not allowed to meet him as allotted time was over. Delegation included Mukul Wasnik, PC Chako, Manikkam Tagore, Avinash Pandey & other leaders.
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 6, 2019
वहीं राज्यसभा सदस्य केटीएस तुलसी और मनोज झा ने पी चिदंबरम के खिलाफ कार्रवाई कर रही जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने देश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। सीबीआई अदालत द्वारा आईएनएक्स मीडिया मामले में चिदंबरम को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के सवाल पर तुलसी ने जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि वह केवल विपक्षी नेताओं को निशाना बना रहे हैं।
तुलसी ने कहा, 'मैं केस के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता क्योंकि मैं इसके तथ्यों से परिचित नहीं हूं। लेकिन मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि देश में एक तीव्र बहस चल रही है कि कैसे जांच एजेंसियां केवल विपक्षी पार्टियों को निशाना बना रही हैं। क्या देश में कोई कायदा कानून है या नहीं? क्या यह संभव है कि एजेंसियों ने निष्पक्ष होकर मामले की जांच की है? यह कानून का मखौल उड़ाना है।'
राष्ट्रीय जनता दल के नेता मनोज झा ने कहा, 'मैं माननीय अदालत के निर्देश पर किसी तरह की कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता क्योंकि यह सही नहीं होगा। लेकिन अहम तथ्य यह है कि जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली कानून के साथ ही देश के लिए भी अच्छा संकेत नहीं है। यदि जांच एजेंसी बलप्रयोग के तहत कार्य करती रहेगी तो यह अच्छा संकेत नहीं है।'