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पांच राज्यों में झटके के बाद राहुल को कमान सौंपने पर मंथन शुरू

Fri, 20 May 2016 04:03 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 20 May 2016 04:03 AM IST
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Congress defeated in five states, now Rahul may lead the party
राहुल गांधी को कमान सौंपने की तैयारी - फोटो : Getty

कांग्रेस के खराब चुनावी प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। पिछले दो साल से एक के बाद एक हार का सामना कर रही कांग्रेस को पांच राज्यों के ताजा विधानसभा चुनावों में भी करारा झटका लगा है। कांग्रेस के हाथ से असम और केरल की सत्ता निकल गई है। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी कांग्रेस का खास प्रदर्शन नहीं रहा। हालांकि पुद्दुचेरी में डीएमके के साथ 30 में से 17 सीटें पा कर कांग्रेस अपनी इज्जत बचाने का दावा जरुर कर रही है। 

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असम और केरल हारने के बाद कांग्रेस की सत्ता सिर्फ पांच राज्यों में सिमट कर रह गई है। यह राज्य  हैं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक, मणीपुर और मेघालय। पुद्दुचेरी छठा प्रदेश होगा जहां कांग्रेस और डीएमके गठबंधन सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। उधर कांग्रेस मुक्त भारत के नारे लगा रही भाजपा नौ राज्यों में अपनी सत्ता कायम कर चुकी है। 
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बृहस्पतिवार को अंतिम चुनाव परिणाम आने से पहले ही कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने हार स्वीकार करते हुए  कहा कि वह जनता का विश्वास जीतने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।
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राहुल ने जनता के फैसले का सम्मान करते  हुए अपने कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया। उधर इस चुनाव परिणाम के बाद पार्टी के भीतर राहुल को संगठन की पूरी कमान सौंपने पर एक बार फिर मंथन शुरु हो गया है। पार्टी जल्द की बड़े पैमाने पर इन खराब परिणामों की समीक्षा करेगी। कांग्रेस यह मान रही है कि असम में15 साल के गोगोई सरकार की  सत्ता विरोधी लहर का फायदा भाजपा को मिला है। पार्टी को इस परिणाम की उम्मीद पहले से थी। उधर केरल में ओमान चांडी सोलर स्कैम और हर पांच  साल में सत्ता बदलने की परंपरा ो संभाल नहीं सके। 

क्या कहा सोनिया गांधी ने

Congress defeated in five states, now Rahul may lead the party
सोनिया अपनी हार स्वीकार की - फोटो : Getty

पश्चिम बंगाल में लेफ्ट के साथ गठबंधन और सामने आए परिणाम को देखकर कांग्रेस को  इस बात की राहत जरुर है कि उसने अपने गठबंधन लेफ्ट के ज्यादा सीटें मिली हैं। पार्टी के भीतर इस  बात की चर्चा है कि अगर वहां लेफ्ट के साथ गठबंधन नहीं किया जाता को कांग्रेस ज्यादा फायदे में रहती। 

विधानसभा चुनावों के नतीजे सामने आने के बाद सोनिया ने कहा कि कांग्रेस असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुद्दुचेरी के फैसले को पूरी विनम्रता से स्वीकार करती है। मैं पुद्दुचेरी को लोगों को कांग्रेस को जनाधार देने के लिए बधाई देती हूं। हमलोग इस चुनाव में हुए हार की समीक्षा करेंगे और लोगों की सेवा  के लिए अपनी पार्टी में नयी जान फूंकेंगे। मैं इन चुनाव में जीतने वाले नेताओं को बधाई देती हूं। मुझे उम्मीद है कि अच्छी सरकार और  प्रगति राजनीति की धुरी रहेंगे। 

वहीं रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि केरल की जनता ने पांच साल और असम के  लोगों ने 15 साल तक कांग्रेस को  सेवा का जो मौका दिया है कांग्रेस उसकी हमेशा आभारी रहेगी। राजनीति में जीत और हार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। लेकिन केंद्र और राज्यों की सरकारें जहां और जब जब जनविरोधी नीतियां अपनाएंगे कांग्रेस अपने अध्यक्ष  और उपाध्यक्ष के नेतृत्व में जनता की आवाज बनकर उनका विरोध करेगी। 

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