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काग्रेस ने पीएम मोदी से लद्दाख मामले पर पूछे कई तीखे सवाल
Sat, 04 Jul 2020 04:47 PM IST
Rajeev Rai
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Sat, 04 Jul 2020 04:47 PM IST
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कपिल सिब्बल
- फोटो : ANI
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुक्रवार को लेह के दौरे के बाद कांग्रेस पार्टी ने पीएम से कई सवाल पूछे हैं, पार्टी की तरफ से सांसद कपिल सिब्बल ने बयान/सवालों की एक लिस्ट भेजी है जिसमें कहा गया है कि, '‘तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं’’। क्या प्रधानमंत्री देश को जवाब देंगे?
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क्या वास्तविक व ताजा चित्र ‘पैंगोंग त्सो लेक’ एरिया में ‘फिंगर 4 रिंग’ तक हमारी सरजमीं पर चीनी कब्जे की सच्चाई बयां नहीं करते? क्या यह भारत का ही भूभाग है जिस पर चीनियों द्वारा अतिक्रमण कर राडार, हैलीपैड और दूसरी संरचनाएं खड़ी कर दी गई हैं?
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क्या चीनियों ने गलवान घाटी समेत ‘पैट्रोल प्वाईंट-14’, जहां 16 बिहार रेजिमेंट के 20 जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, पर कब्जा कर लिया है? क्या चीनियों ने भारतीय सीमा के अंदर ‘हॉट स्प्रिंग्स’ इलाके को भी कब्जे में ले लिया है?
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क्या चीन ने ‘डेपसांग प्लेंस’ में ‘वाई-जंक्शन’ (एलएसी के 18 किलोमीटर अंदर) तक हमारी जमीन पर कब्जा कर भारत की सामरिक महत्व की ‘डी.बी.ओ. हवाई अड्डे’ को खतरा उत्पन्न कर दिया है, जो ‘सियाचिन ग्लेशियर’ एवं ‘काराकोरम पास’ में हमारी सैन्य आपूर्ति की लाईफलाईन है?
क्या भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, श्रीमती इंदिरा गांधी एवं श्री लाल बहादुर शास्त्री हमारे सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए फॉरवर्ड लोकेशंस में नहीं गए थे? क्या पंडित जवाहर लाल नेहरु 1962 में एनईएफए (NEFA) में फॉरवर्ड लोकेशंस में हमारे सैनिकों का मनोबल बढ़ाने नहीं गए थे? लेकिन ऐसा लगता है कि हमारे मौजूदा प्रधानमंत्री 230 किलोमीटर दूर ‘नीमू, लेह’ में ही रुके रहे।
क्या यह सही नहीं कि लद्दाख में हमारे स्थानीय काउंसलर्स, जिनमें भाजपा के काउंसलर भी शामिल हैं, उन्होंने चीन द्वारा हमारी जमीन पर कब्जा करने के बारे में फरवरी, 2020 में प्रधानमंत्री मोदी को मैमोरेंडम भेजा? प्रधानमंत्री ने उस पर क्या कार्रवाई की? अगर प्रधानमंत्री ने समय रहते कदम उठाया होता, तो क्या हम चीनियों के अतिक्रमण को पहले ही नहीं रोक देते?
समय की मांग है कि भारत चीन की ‘आंखों में आंखें’ डालकर स्पष्ट रूप से बता दे कि चीनियों को भारतीय सरजमीं पर अपने अवैध व दुस्साहसपूर्ण कब्जे को छोड़ना होगा। प्रधानमंत्री जी, यही एकमात्र ‘राज धर्म’ है, जिसका पालन आपको हर कीमत पर करना चाहिए।