फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Congress angry after ban on Rahul Gandhi Twitter account, accused Twitter of working under pressure from the central government

ट्विटर विवाद: अकाउंट बैन होने से नाराज क्यों हैं राहुल गांधी, संघ-भाजपा नेताओं के खातों पर भी हुई थी कार्रवाई

Fri, 13 Aug 2021 04:48 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Fri, 13 Aug 2021 04:48 PM IST
सार

भाजपा नेता ने कहा कि जब आरएसएस-भाजपा नेताओं के अकाउंट्स के साथ छेड़छाड़ हुई तब किसी भाजपा नेता ने इसके विरोध में आवाज नहीं उठाई। संघ के किसी नेता ने तो इसके विरोध में कोई टिप्पणी तक नहीं की...

विज्ञापन
Congress angry after ban on Rahul Gandhi Twitter account, accused Twitter of working under pressure from the central government
राहुल गांधी - फोटो : amarujala

विस्तार

राहुल गांधी के ट्विटर पर प्रतिबंध लगने से कांग्रेस बिफर पड़ी है। पार्टी ने ट्विटर पर केंद्र सरकार के दबाव में काम करने और 'भगवा रंग' में रंगने का आरोप लगाया है। ट्विटर ने इसके पहले आरएसएस-भाजपा के कई शीर्ष नेताओं और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के ट्विटर अकाउंट से भी ब्लू टिक हटाने और कुछ समय के लिए उन्हें सस्पेंड करने की कार्रवाई की थी। ऐसे में राहुल गांधी ट्विटर की कार्रवाई से इतने नाराज क्यों हैं?

विज्ञापन


कांग्रेस नेता रितु चौधरी ने अमर उजाला से कहा कि यह केवल अकाउंट को बैन करने का मामला नहीं है। यह एक राष्ट्रीय दल के विचारों को उसके समर्थकों तक पहुंचने से रोकने का मामला है। इससे भी आगे बढ़कर यह केंद्र सरकार की विफलताओं के विरोध में उठने वाली किसी भी आवाज को दबाने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रतता को रोकने की कोशिश करने का मामला है। कांग्रेस पार्टी इसका हर स्तर पर विरोध करेगी।
विज्ञापन


उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने देश के हर मीडिया संस्थान पर दबाव बना रखा है, विपक्ष की आवाज को लोगों तक पहुंचने नहीं दिया जा रहा है, अघोषित आपातकाल लगाकर सरकार केवल अपनी मनमानी कर रही है। ऐसे समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स विपक्ष के लिए एक मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं, जिसके माध्यम से बिना तोड़-मरोड़ के हमारी बात हमारे लोगों तक और देश की जनता तक पहुंच रही थी, लेकिन सरकार अब अप्रत्यक्ष नियंत्रण कर इस पर भी अपनी मनमानी करना चाहती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, भाजपा के एक नेता ने कहा कि विपक्ष हमेशा 'विक्टिम कार्ड’ (स्वयं को पीड़ित बताकर लोगों की सहानुभूति पाने की कोशिश) खेलकर स्वयं को सही साबित करना चाहता है, जबकि उसे पता होना चाहिए कि चंद दिनों पहले ट्विटर ने भाजपा और आरएसएस के नेताओं के एकाउंट्स के साथ भी इसी प्रकार की कार्रवाई की थी।

भाजपा नेता ने कहा कि जब आरएसएस-भाजपा नेताओं के अकाउंट्स के साथ छेड़छाड़ हुई तब किसी भाजपा नेता ने इसके विरोध में आवाज नहीं उठाई। संघ के किसी नेता ने तो इसके विरोध में कोई टिप्पणी तक नहीं की। ऐसे में राहुल गांधी को अपना काम करने का और सोचने का तरीका बदलना चाहिए। हालांकि, ट्विटर ने कांग्रेस नेताओं के अकाउंट्स को बंद करने के पीछे अपने सोशल मीडिया स्टैंडर्ड्स का पालन न करने की बात कही थी। दिल्ली में एक नौ वर्षीय बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म की फोटो पर उपजे विवाद के बाद ट्विटर ने राहुल गांधी, दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी सहित दर्जनों नेताओं के अकाउंट्स को प्रतिबंधित कर दिया है।

दरअसल, सभी दलों के नेताओं ने सोशल मीडिया को अपने समर्थकों तक पहुंचने का प्रमुख हथियार बना रखा है। इस पर अपनी बात कहकर वे एक बार में ही लाखों कार्यकर्ताओं तक सीधे अपनी बात कह पाते हैं। वहीं, उनकी बात बिना किसी तोड़-मरोड़ के मीडिया संस्थानों तक भी पहुंच जाती है। देश में ज्यादातर लोगों के पास लगातार बढ़ती स्मार्टफोन की उपलब्धता उन्हें लोगों से सीधा संपर्क स्थापित करने में मदद देती है। सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे कैंपेन नेताओं को बेहद सस्ती कीमत पर एक आंदोलन चलाने का अवसर प्रदान करते हैं। यही कारण है कि सभी दलों के नेताओं, संगठनों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का एक अहम हिस्सा हो गए हैं और वे इस पर किसी भी कार्रवाई को स्वीकार नहीं करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed