कांग्रेस बोली, दादरा और नगर हवेली के प्रशासक हैं सांसद डेलकर की मौत के पीछे, दर्ज हो हत्या का मुकदमा
- कांग्रेस ने सात बार के सांसद रहे मोहन डेलकर की मौत पर भाजपा को घेरा
- कहा, जब सांसद डील करने लगातार खुद के प्रताड़ित होने की सूचना प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को दी तो क्यों नहीं हुई कार्रवाई
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दादरा और नगर हवेली से सात बार सांसद रहे मोहन देलकर की मौत पर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी को निशाने पर ले लिया है। कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि डेलकर ने जब अपने सुसाइड नोट में दादरा और नगर हवेली के प्रशासक और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नेता तथा गुजरात के पूर्व गृह राज्य मंत्री प्रफुल्ल खोड़ा का नाम लिखा है, तो केंद्र सरकार उन्हें क्यों बचाने पर लगी हुई है। कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मांग की है कि दादरा नगर हवेली के प्रशासक प्रफुल्ल खोड़ा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और उनको तत्काल प्रभाव से प्रशासक पद से हटाते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए।
दादरा और नगर हवेली से सात बार सांसद रहे मोहन देलकर 22 फरवरी को मुंबई के एक होटल में मृत पाए गए थे। उनके मृत शरीर के पास एक सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें कई लोगों के नाम लिखे हुए थे। कांग्रेस ने सांसद की मौत पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह बहुत हैरान करने वाली बात है, इतने वरिष्ठ सांसद को उनके संसदीय क्षेत्र के प्रशासक और अन्य अधिकारी लगातार प्रताड़ित करते रहे।
प्रताड़ित करने वाले दादरा और नगर हवेली के प्रशासक प्रफुल्ल खोड़ा को और अन्य लोगों को नामित करते हुए प्रधानमंत्री और देश के गृहमंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी भी जा रही थी, बावजूद इसके सांसद की चिट्ठी पर कोई ध्यान नहीं दिया। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा जिस तरीके से वीडियो के माध्यम से मोहन भाई लगातार अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों की पूरी जानकारी दे रहे थे, लेकिन कोई कार्यवाही ना होना बडी साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि दादरा नगर हवेली का जो प्रशासक गुजरात का पहले गृह राज्य मंत्री रहा हो उसके ऊपर लगने वाले आरोपों की अगर जांच नहीं होती है, तो निश्चित तौर पर केंद्र सरकार के जिम्मेदारों को कटघरे में खड़ा किया जाएगा। कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार दादरा और नगर हवेली के प्रशासक को बचाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से जवाब मांगा है कि आखिर बताया जाए कि दादरा नगर हवेली के प्रशासक के ऐसे कौन से राज हैं। जिसके लिए इतने वरिष्ठ सांसद को प्रताड़ित किया जाता रहा। कांग्रेस ने मांग की है कि दादरा नगर हवेली के प्रशासक और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नेता तथा गुजरात के पूर्व गृह राज्य मंत्री प्रफुल्ल खोड़ा को तत्काल प्रभाव से प्रशासक पद से हटाया जाए और सात बार के सांसद रहे मोहन डेलकर की मौत का जिम्मेदार मानते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए
जिस तरीके से यह सरकार अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों से प्रताड़ित करवाती है। राज्यपाल और उपराज्यपाल प्रशासकों से चुनी हुई सरकारों को परेशान कराती है। यह परंपरा राजनीति में एक संगठित अपराधीकरण की परंपरा बनाई जा रही है।