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Tripura: त्रिपुरा में राज्यसभा चुनाव में भाजपा को मिली जीत, कांग्रेस ने माकपा का नहीं दिया साथ; नहीं की वोटिंग

Tue, 03 Sep 2024 07:26 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 03 Sep 2024 07:26 PM IST
सार

Tripura: त्रिपुरा की एकमात्र राज्यसभा सीट के चुनाव में भाजपा के राजिब भट्टाचार्य ने जीत हासिल की। उन्होंने कहा, मतदान पूरा हो चुका है। मुझे साठ वोट में से 47 मिले हैं। मैं त्रिपुरा के विकास के लिए काम करूंगा।

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Congress abstains from voting in Rajya Sabha polls in Tripura
भाजपा और कांग्रेस - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

विस्तार

त्रिपुरा की एकमात्र राज्यसभा सीट के चुनाव में भाजपा के राजिब भट्टाचार्य ने जीत हासिल की। उन्होंने कहा, मतदान पूरा हो चुका है। मुझे साठ वोट में से 47 मिले हैं। मैं त्रिपुरा के विकास के लिए काम करूंगा। वहीं, कांग्रेस ने चुनाव में मतदान से दूरी बनाए रखी। इस चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी माकपा ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे थे। 
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लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और माकपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने कहा, हमने राज्यसभा चुनाव का बहिष्कार नहीं किया है। पार्टी ने हाल के हास्यास्पद पंचायत चुनावों के विरोध में मतदान न करने का फैसला लिया, क्योंकि यह लोकतंत्र के लिए खतरा बन चुके हैं। 
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त्रिपुरा में तीन-स्तरीय पंचायत चुनावों में भाजपा ने 71 फीसदी सीटों पर बिना किसी मुकाबले के जीत हासिल की। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि वे इन 71 फीसदी सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतार सके, क्योंकि भाजपा ने आतंक की रणनीति अपनाई थी। 
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राज्यसभा चुनावों में माकपा ने पूर्व विधायक सुदन दास को भाजपा के उम्मीदवार राजिब भट्टाचार्य के खिलाफ खड़ा किया। दास भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भी हैं। बर्मन ने कहा, माकपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार चुनने से पहले हमसे कोई परामर्श नहीं किया। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर हुए आतंक के विरोध में वे चुनाव का बहिष्कार कर सकते थे। चुनाव के दौरान बेलोनिया में माकपा के एक उम्मीदवार की हत्या कर दी गई थी। 



उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के अत्याचारों के विरोध में कांग्रेस माकपा के साथ शामिल हो सकती है। लेकिन सभी चुनावों में एक साथ लड़ना जरूरी नहीं है। माकपा के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी ने कहा कि पार्टी ने कांग्रेस के साथ विधानसभा, लोकसभा और पंचायत चुनावों में कोई गठबंधन नहीं किया। उन्होंने मीडिया को बताया, हमने पिछले चुनावों में भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस के साथ सीटों का तालमेल बिठाया था। चौधरी ने यह भी कहा कि चुनावी प्रक्रिया में जीत या हार सबकुछ नहीं है। पार्टी ने भाजपा की विचारधारा के विरोध में राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारा है।

साठ सदस्यीय त्रिपुरा विधानसभा में माकपा के पास दस विधायक हैं। वहीं कांग्रेस के पास तीन विधायक हैं। सत्तारूढ़ भाजपा के पास 33 विधायक हैं। जबकि उसकी दो सहयोगी पार्टियां टिपरा मोथा और आईपीएफटी के पास क्रमश: 13  और 1 विधायक हैं। 
 

 
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