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मणिपुर: प्रतिबंधित समूह को सरकार की ओर से भुगतान मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएगी कांग्रेस
Sat, 05 Mar 2022 11:03 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 05 Mar 2022 11:03 PM IST
सार
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों को भुगतान स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के वादे का स्पष्ट उल्लंघन है।
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जयराम रमेश, नेता, कांग्रेस
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कांग्रेस ने कहा कि वह चुनाव आयोग द्वारा मणिपुर में प्रतिबंधित समूहों को भुगतान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं बताने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि वह चुनाव आयोग के आदेश से हैरान हैं कि मणिपुर सरकार और केंद्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी समूहों को भुगतान चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं था और आरोप लगाया कि इसने चुनावों की हत्या की है।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ट्विटर पर कहा कि आश्चर्यजनक रूप से मणिपुर सरकार द्वारा 1.1.22 और 1.3.22 को प्रतिबंधित आतंकवादी समूहों को बड़े भुगतान को चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना है। उन्होंने ऐसा किया और मैं सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रहा हूं। लंबे अंतराल के बाद चुनाव अवधि के दौरान भुगतान किया गया था। इसने 11 सीटों पर चुनाव की हत्या की है।
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कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों को भुगतान स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के वादे का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि हम मुख्य चुनाव अधिकारी की प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं हैं और हम कानूनी मदद लेंगे और इस पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। श्रीनेत ने कहा कि यह मुद्दा कहीं न कहीं निष्पक्ष और मुक्त चुनावी वादे का उल्लंघन करता है। उन्होंने कहा कि इन समूहों को पहले 1 फरवरी को पैसा दिया गया था, जो लगभग 15.72 करोड़ रुपये था और फिर 1 मार्च को 92 लाख रुपये दिए गए।
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