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रक्षा मंत्री से लगाई गुहार: सैन्य जवानों के लिए 100 नए सैनिक स्कूल, लेकिन अर्धसैनिक बलों के लिए एक भी नहीं

Thu, 10 Jun 2021 06:09 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 10 Jun 2021 06:09 PM IST
सार

एसोसिएशन द्वारा लंबे समय से मांग की जा रही है कि अर्धसैनिक बलों के लिए सरदार पटेल के नाम पर अर्धसैनिक स्कूल खोले जाएं। केंद्रीय सुरक्षा बलों की सीपीसी कैंटीन, जीएसटी के चलते बाजार भाव पर आ गई है। सीएसडी कैंटीन की तर्ज पर सीपीसी कैंटीन को जीएसटी से छूट दी जाए...

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Confederation of Ex Paramilitary Forces Welfare Association met Defense Minister Rajnath Singh on Thursday
कॉन्फेडरेसन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन ने रक्षा मन्त्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर उन्हें केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह, कोषाध्यक्ष वीएस कदम और मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह राणा ने रक्षा मंत्री को बताया कि सैन्य बलों के लिए सौ नए सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा कर दी जाती है, मगर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लिए कोई नया स्कूल शुरु करने की बात नहीं की गई। एसोसिएशन द्वारा लंबे समय से मांग की जा रही है कि अर्धसैनिक बलों के लिए सरदार पटेल के नाम पर अर्धसैनिक स्कूल खोले जाएं। केंद्रीय सुरक्षा बलों की सीपीसी कैंटीन, जीएसटी के चलते बाजार भाव पर आ गई है। सीएसडी कैंटीन की तर्ज पर सीपीसी कैंटीन को जीएसटी से छूट दी जाए। अगर ये संभव नहीं है तो सीएसडी कैंटीन को सुरक्षा बलों के लिए अधिकृत कर दिया जाए, ताकि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान बाजार भाव से सस्ते रेट पर घरेलू उपयोग में आने वाला सामान खरीद सकें।

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एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह के अनुसार, रक्षा मंत्री के साथ कई अहम मसलों पर विस्तृत चर्चा हुई है। केंद्रीय सुरक्षा बलों की सीपीसी कैंटीन का एक बड़ा मुद्दा है। यहां पर जो सामान मिल रहा है, वह तकरीबन बाजार रेट पर मिलता है। यहां पर जीएसटी की कोई छूट नहीं है। आर्मी की सीएसडी कैंटीन को जीएसटी से छूट प्रदान की गई है। रक्षा मंत्री से यह गुहार लगाई गई है कि अगर केंद्रीय सुरक्षा बलों की कैंटीन को जीएसटी के दायरे से बाहर रखना संभव नहीं है, तो सीएसडी कैंटीन को केंद्रीय सुरक्षा बलों के लिए भी अधिकृत किया जाए। रक्षा मंत्री से सशस्त्र झंडा दिवस की तर्ज पर अर्धसेना झंडा दिवस कोष की स्थापित करने की मांग की गई है। इससे बल के जवानों, विधवाओं, वीरांगनाओं, सेवारत एवं सेवानिवृत जवानों को पैंशन, पुनर्वास एवं कल्याणकारी योजनाओं का फायदा मिल सकेगा।  
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एसोसिएशन ने रक्षा मंत्री को बताया कि सरदार पटेल के नाम पर अर्धसैनिक स्कूल खोलने के लिए पहले भी कई स्तरों पर ज्ञापन दिए जा चुके हैं। आज इन बलों के लिए शिक्षा की अच्छी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सरहदी चौकीदारों के बच्चे कहां पर पढ़ाई करें। इन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। इन जवानों के लिए सीजीएचएस डिस्पेंसरियों का विस्तार किया जाए। केंद्रीय सरकार से एक सर्वेक्षण कराया जाए कि जिन प्रदेशों में बहुतायत संख्या में पैरामिलिट्री परिवार निवास करते हैं, वहां डिस्पेंसरियों का विस्तार हो। विधवाओं, शहीद परिवारों व रिटायर्ड अर्धसैनिकों के कल्याण, पैंशन, पुनर्वास व अन्य भलाई संबंधित मसलों के निपटान हेतु राज्यों में अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए। 23 नवंबर 2012 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया था कि सेना की तर्ज पर पैरामिलिट्री जवानों को एक्समैन दर्जा दिया जाए। बलों की इस अहम मांग को आज तक लागू नहीं किया गया है।
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कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने रक्षा मंत्री के समक्ष एसएससी जीडी के आवेदकों का मुद्दा भी रखा है। उन्हें बताया गया कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में एक बयान दिया था। इसमें उन्होंने कहा था कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में 1 लाख 11 हजार सिपाहियों के पद खाली पड़े हैं। एसएससी जीडी 2018 की भर्ती का परिणाम इस साल आया है। लगभग 55 हजार मेडिकल फिट युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया। दूसरे चांस के लिए इनकी आयु निकल गई है। एसोसिएशन ने इनकी वेटिंग लिस्ट जारी कराने के लिए रक्षा मंत्री से गुहार लगाई है।


रक्षा मंत्री ने गत विधानसभा चुनावों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों द्वारा निभाई गई निष्पक्ष भूमिका की सराहना की है। कोरोना काल में जवानों ने आम जनमानस को निशुल्क दवाइयां व भोजन सामग्री का वितरण किया है। देशवासियों को इन बलों पर गर्व है। रक्षा मंत्री ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि सरकार उपरोक्त बलों की भलाई से संबंधित मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर उचित निर्णय लेगी। रणबीर सिंह ने रक्षा मंत्री से अनुरोध किया है कि बलों की भलाई से संबंधित मसलों पर चर्चा कर उनका समाधान कराने के लिए प्रधानमंत्री मोदी से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराई जाए।

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