मोदी सरकार-2 : प्रधानमंत्री के साथ 57 अन्य मंत्रियों ने ली शपथ, 21 नए चेहरे मंत्रिमंडल में
मैं नरेंद्र दामोदर दास मोदी.....इन्हीं शब्दों के साथ गुरुवार शाम नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। लोकसभा चुनाव में जनता का प्रचंड विश्वास जीतने वाले नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने बृहस्पतिवार शाम सात बजे बतौर प्रधानमंत्री अपनी दूसरी पारी का शानदार आगाज कर दिया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में मोदी को पद व गोपनीयता की शपथ दिलवाई। मोदी समेत टीम के कुल 58 सदस्यों ने शपथ ली। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह व राजनाथ सिंह समेत 24 काबीना मंत्री, 24 राज्यमंत्री और 9 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) शामिल हैं।
मोदी की पहली सरकार में विदेश मंत्री रहीं सुषमा स्वराज व मेनका गांधी को इस बार मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। वहीं, सुषमा केसाथ विदेश सचिव रहे सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी एस जयशंकर को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। भाजपा केदो सहयोगी जनता दल-यू और अपना दल सरकार में शामिल नहीं हुए हैं।
मोदी के बाद सबसे पहले लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने शपथ ली। इसके बाद अमित शाह, नितिन गडकरी और सदानंद गौड़ा ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर पद शपथ ली। गौड़ा ने अंग्रेजी में पद और गोपनीयता की शपथ ली।
पिछली सरकार में रक्षा मंत्री रहीं निर्मला सीतारमण, सहयोगी दल लोजपा से प्रमुख रामविलास पासवान, फिर नरेंद्र सिंह तोमर, पटना साहिब से जीते रविशंकर प्रसाद ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद हरसिमरत कौर बादल ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ लेने वाली दूसरी महिला और सहयोगी दल की दूसरी नेता बनीं।
भाजपा का प्रमुख दलित चेहरा और दूसरी बार मंत्री बनाए जाने वाले थावर चंद गहलोत ने भी शपथ ली। कैबिनेट मंत्री के तौर पर रमेश पोखरियाल निशंक, अर्जुन मुंडा, स्मृति ईरानी, डॉ. हर्षवर्धन, प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली। इसके अलावा भाजपा अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे , गिरिराज सिंह, गजेंद्र सिंह शेखावत और शिवसेना कोटे से अरविंद सावंत ने भी कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली।
इन्होंने चौंकाया
पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर को भी मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। वह जनवरी, 2015 से जनवरी, 2018 तक विदेश सचिव रहे। जयशंकर को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना मोदी सरकार का चौंकाने वाला कदम है।
वहीं, मंत्रिमंडल में सुषमा स्वराज और और मेनका गांधी को नहीं शामिल किया जाना चौंकाने वाला है। खराब स्वास्थ्य के कारण सुषमा ने चुनाव से भी दूरी बना ली थी।
हालांकि मोदी की ओर से सुषमा को मनाने की भरपूर कोशिश की गई। गांधी परिवार के दूसरे महत्वपूर्ण धड़े से जुड़ीं मेनका गांधी मुख्य गांधी परिवार की काट के लिए एक समय पार्टी के लिए बेहद अहम थीं।
अब मुख्य गांधी परिवार के काट के लिए पार्टी को स्मृति ईरानी के रूप में चेहरा मिल गया है। 2014 में सत्ता में आने के बाद सुषमा को विदेश मंत्री, जबकि मेनका गांधी को महिला एवं बाल कल्याण मंत्री बनाया गया था।
जब मास्टर जी की भूमिका में दिखे राष्ट्रपति, शपथ में गलती कर रहे मंत्रियों से कराया सुधार
राष्ट्रपति भवन में चल रहे नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में दो बार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मास्टर जी की भूमिका में दिखाई दिए। शपथ लेने के दौरान एक बार उन्होंने मनसुख मांडविया और फग्गन सिंह कुलस्ते को टोककर कहा कि मंत्री जी अपने नाम के साथ मैं लगाइए।
इनके बाद बिहार से सांसद नित्यानंद राय को बीच में रोककर दोबारा अक्षुण्ण बोलने को कहा, जबकि रतन लाल कटारिया को भी शपथ संबोधन में ‘सभी प्रकार के लोगों’ बोलने की याद दिलाई।
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
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कैबिनेट मंत्री
1 |
राजनाथ सिंह |
लखनऊ (उप्र) |
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2 |
अमित शाह |
गांधी नगर (गुजरात) |
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3 |
नितिन गडकरी |
नागपुर (महाराष्ट्र) |
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4 |
डीवी सदानंद गौड़ा |
बेंगलुरु उत्तर (कर्नाटक) |
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5 |
निर्मला सीतारमण |
राज्यसभा सदस्य |
|
6 |
रामविलास पासवान |
चुनाव नहीं लड़ा |
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7 |
नरेंद्र सिंह तोमर |
मुरैना (मप्र) |
|
8 |
रविशंकर प्रसाद |
पटना साहिब (बिहार) |
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9 |
हरसिमरत कौर बादल |
बठिंडा (पंजाब) |
|
10 |
थावरचंद गहलोत |
राज्यसभा सदस्य |
|
11 |
एस जयशंकर |
पूर्व विदेश सचिव |
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12 |
रमेश पोखरियाल निशंक |
हरिद्वार (उत्तराखंड) |
|
13 |
अर्जुन मुंडा |
खूंटी (झारखंड) |
|
14 |
स्मृति ईरानी |
अमेठी (उप्र) |
|
15 |
हर्षवर्धन |
चांदनी चौक (दिल्ली) |
|
16 |
प्रकाश जावड़ेकर |
राज्यसभा सदस्य |
|
17 |
पीयूष गोयल |
राज्यसभा सदस्य |
|
18 |
धर्मेंद्र प्रधान |
राज्यसभा सदस्य |
|
19 |
मुख्तार अब्बास नकवी |
राज्यसभा सदस्य |
|
20 |
प्रहलाद जोशी |
धारवाड़ (कर्नाटक) |
|
21 |
महेंद्रनाथ पांडेय |
चंदौली (उप्र) |
|
22 |
अरविंद सावंत |
मुंबई दक्षिण (महाराष्ट्र) |
|
23 |
गिरिराज सिंह |
बेगूसराय (बिहार) |
|
24 |
गजेंद्र सिंह शेखावत |
जोधपुर (राजस्थान) |
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
|
1 |
संतोष गंगवार |
बरेली (उप्र) |
|
2 |
राव इंद्रजीत सिंह |
गुड़गांव (हरियाणा) |
|
3 |
श्रीपद नाइक |
उत्तर गोवा (गोवा) |
|
4 |
जीतेंद्र सिंह |
उधरपुर (जम्मू-कश्मीर) |
|
5 |
किरेन रिजिजू |
अरुणाचल पश्चिम |
|
6 |
प्रहलाद पटेल |
दमोह (मप्र) |
|
7 |
आरके सिंह |
आरा (बिहार) |
|
8 |
हरदीप पुरी |
राज्यसभा सदस्य |
|
9 |
मनसुख मांडविया |
राज्यसभा सदस्य |
राज्य मंत्री
|
1 |
फग्गन सिंह कुलस्ते |
मंडला (मप्र) |
|
2 |
अश्विनी चौबे |
बक्सर (बिहार) |
|
3 |
अर्जुन राम मेघवाल |
बीकानेर (राजस्थान) |
|
4 |
वीके सिंह |
गाजियाबाद (उप्र) |
|
5 |
कृष्णपाल गुर्जर |
फरीदाबाद (हरियाणा) |
|
6 |
रावसाहेब दानवे |
जालना (महाराष्ट्र) |
|
7 |
जी किशनरेड्डी |
सिकंदराबाद (तेलंगाना) |
|
8 |
पुरुषोत्तम रुपाला |
राज्यसभा सदस्य |
|
9 |
रामदास आठवले |
राज्यसभा सदस्य |
|
10 |
साध्वी निरंजन ज्योति |
फतेहपुर (उप्र) |
|
11 |
बाबुल सुप्रियो |
आसनसोल (बंगाल) |
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12 |
संजीव बालियान |
मुजफ्फरनगर (उप्र) |
|
13 |
संजय धोत्रे |
अकोला, महाराष्ट्र |
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14 |
अनुराग ठाकुर |
हमीरपुर, हिमाचल |
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15 |
सुरेश अंगड़ी |
बेलगाम, कर्नाटक |
|
16 |
नित्यानंद राय |
उजियारपुर (बिहार) |
|
17 |
रतन लाल कटारिया |
अंबाला (हरियाणा) |
|
18 |
वी मुरलीधरन |
राज्यसभा सदस्य |
|
19 |
रेणुका सिंह सरुता |
सरगुजा (छत्तीसगढ़) |
|
20 |
सोम प्रकाश |
होशियारपुर (पंजाब) |
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21 |
रामेश्वर तेली |
डिब्रूगढ़ (असम) |
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22 |
प्रताप चंद्र सारंगी |
बालासोर (ओडिशा) |
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23 |
कैलाश चौधरी |
बाड़मेर (राजस्थान) |
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24 |
देबश्री चौधरी |
रायगंज (बंगाल) |
पहली बार मंत्रिमंडल में
प्रहलाद जोशी - धारवाड़ से लगातार चौथी बार सांसद बने। कर्नाटक के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे। कट्टर हिंदूवादी की छवि। हुबली-धारवाड़ इलाके में भाजपा के पैर ज़माने में बड़ी भूमिका।
जी किशन रेड्डी - तेलंगाना भाजपा के युवा अध्यक्ष। सिकंदराबाद से पहली बार लोकसभा चुनाव जीते। इससे पहले आंध्र प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष रहे। भाजपा के लिए बंजर मानी जाने वाली तेलंगाना की जमीन पर 17 में से चार लोकसभा सीटें जिताने का उन्हें इनाम मिला है।
रावसाहब दानवे - महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष दानवे पहली बार सांसद चुने गए हैं। सरपंच से उठकर महाराष्ट्र के मंत्री बनने तक 30 सालों के दौरान लंबा सफर तय किया है उन्होंने। राज्य की 48 में से 41 सीटों पर एनडीए के उम्मीदवारों को जिताने का श्रेय उन्हें हैं।
सुरेश अंगड़ी - कर्नाटक की बेलगावी सीट से लगाकर तीसरी बार सांसद चुने गए। प्रह्लाद जोशी के साथ मिलकर उत्तर कर्नाटक में भाजपा की जड़ें मज़बूत करने में अहम भूमिका। उनका मानना है कि मंत्री बनने से उन्हें उत्तर कर्नाटक के गन्ना किसानों की समस्या सुलझाने में मदद मिलेगी।
सोम प्रकाश - पहली बार पंजाब के होशियारपुर से सांसद बने। उन्हें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री विजय सांपला का टिकट काटकर होशियारपुर से उम्मीदवार बनाया गया था। उससे पहले वे 2009 में भी होशियारपुर से लोकसभा चुनाव लड़े थे लेकिन जीत नहीं पाए थे। पूर्व आईएएस अधिकारी। जालंधर के डिप्टी कमिश्नर रहे।
रामेश्वर तेली- असम के डिब्रूगढ़ से लगातार दूसरी बार भाजपा के सांसद बने हैं। सादा जीवन जीने के लिए जाने जाते हैं। पिछली बार असम से भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीतने वाले लोगों में से दोबारा टिकट पाने वाले अकेले सांसद थे।
देबाश्री चौधरी - पहली बार सांसद बनीं। पश्चिम बंगाल भाजपा की महासचिव हैं। राज्य में ममता बनर्जी के खिलाफ महिलाओं के बीच हवा बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। ममता को अल्पसंख्यक परस्त करार देती हैं, हिंदुओं के अधिकार के लिए संघर्ष करती हैं।
कैलाश चौधरी - राजस्थान में बाड़मेर से लगातार दूसरी बार सांसद। राजस्थान के उभरते जाट नेता। कांग्रेस के भारी भरकम नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह को हराया।
संजय धोत्रे - महाराष्ट्र के अकोला से लगातार तीसरी बार भाजपा सांसद बने। उससे पहले पांच साल तक विधायक रहे। इस बार साठ वर्षीय धोत्रे ने रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष और डा. बीआर आंबेडकर के बेटे प्रकाश आंबेडकर को हराया। पेशे से इंजीनियर। तकनीक की अच्छी जानकारी।
रमेश पोखरियाल निशंक - हरिद्वार से भाजपा के टिकट पर जीते। 2009 में उत्तराखंड के सबसे युवा मुख्यमंत्री बनाए गए। उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह के मंत्रिमंडल के सदस्य थे। गंगा और हिंदी भाषा के लिए काफ़ी काम किया है। लगभग दो दर्जन किताबें लिखी हैं।
सुब्रत पाठक - पहली बार भाजपा सांसद बने पाठक को कन्नौज में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव के हराने का पुरस्कार मिला है। दो बार इसी सीट से हारे फिर भी भाजपा नेतृत्व ने उन्हीं पर भरोसा जताया। पाठक उस भरोसे पर खरे उतरे।
अनुराग ठाकुर- हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के बेटे और हमीरपुर से 2008 से लगातार सांसद अनुराग ठाकुर भाजपा से युवा नेता हैं।
केपी रविंद्रन - अन्ना डीएमके के एकमात्र सांसद। थेनी लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व मंत्री ईवीकेएस इलानगोवन को अस्सी हजार वोटों से हराया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके पक्ष में जनसभा संबोधित की थी। तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम के बेटे। सबसे युवा मंत्रियों में शुमार। पिता ने शुरुआत चाय बेचने से की थी लेकिन रविन्द्रन ने बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन में डिग्री ली। कार्यकर्ताओं में रवि के नाम से मशहूर।
सहयोगी दलों के मंत्री : रामविलास पासवान (लोक जनशक्ति पार्टी), हरसिमरत कौर बादल (अकाली दल), अरविंद सावंत (शिवसेना) और रामदास अठावले (आरपीआई)
महिला मंत्री- निर्मला सीतारमण, स्मृति ईरानी, रेणुका सिंह, हरसिमरत कौर बादल
मुस्लिम मंत्री- मुख्तार अब्बास नकवी
इनको नहीं मिली जगह- अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, मेनका गांधी, राज्यवर्धन सिंह राठौर
इन राज्यों पर नजर : कर्नाटक से 2, ओडिशा से 2, पश्चिम बंगाल (2), केरल, असम, जम्मू=कश्मीर, तेलंगाना से एक-एक को मंत्रिमंडल में रखा गया है।