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Probe Against Apple: प्रतिस्पर्धा कानून के उल्लंघन पर एपल के खिलाफ जांच के आदेश, जानिए क्या है मामला
Fri, 31 Dec 2021 08:37 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 31 Dec 2021 08:37 PM IST
सार
आयोग ने कहा है कि एपल की ऑप-1 और एपल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने प्रतिस्पर्धा कानून की धारा 4 के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन किया है। आयोग ने पाया कि एपल शुरू से ही साबित करने की कोशिश कर रही है कि एआईपीएल एपल समूह की कंपनी है, जो भारत में एपल के उत्पादों, सेल्स और मार्केटिंग का काम संभालती है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रतिस्पर्धा आयोग ने आईफोन बनाने वाली कंपनी एपल के भारत में कारोबारी व्यवहार और कानून के उल्लंघन को लेकर शुक्रवार को जांच के आदेश दिए। आयोग का मानना है कि कंपनी ने भारत में प्रतिस्पर्धा कानून का उल्लंघन किया है। आयोग ने यह भी कहा है कि अमेरिकी कंपनी की मिल्कियत भुगतान प्रणाली एप बनाने वाली कंपनी की मर्जी के मुताबिक काम करती है।
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आयोग ने कहा है कि एपल की ऑप-1 और एपल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने प्रतिस्पर्धा कानून की धारा 4 के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन किया है। आयोग ने पाया कि एपल शुरू से ही साबित करने की कोशिश कर रही है कि एआईपीएल एपल समूह की कंपनी है, जो भारत में एपल के उत्पादों, सेल्स और मार्केटिंग का काम संभालती है। जबकि एपल डिस्ट्रीब्यूशन इंटरनेशनल लिमिटेड (एडीआई) भी उससे मिलती-जुलती एक कंपनी है, जो उपभोक्ताओं को एपल के एप्स, कंटेंट और सेवाएं अपने नाम से उपलब्ध कराती है। अत: एपल और एडीआई वास्तविक कंपनी हैं।
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कंपनी से कहा गया है कि मौजूदा मामले में एआईपीएल प्रासंगिक कंपनी नहीं है अत: भारतीय प्रतिस्पर्धा कानून के तहत उसके स्थान पर एडीआई को माना जाना चाहिए। ऐसे में एपल के जवाब पर विचार करते हुए आयोग ने मौजूदा मामले में एआईपीएल को एडीआई से बदल कर प्रतिवादियों की श्रेणी में संशोधन करने का फैसला किया है।
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