{"_id":"66c5b87e0c727f1d67021c7f","slug":"common-man-will-get-relief-now-potato-rates-will-fall-in-many-states-including-delhi-ncr-news-in-hindi-2024-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Potato Prices: आम आदमी को मिलेगी राहत, अब दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में आलू के रेट में आएगी गिरावट!","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Potato Prices: आम आदमी को मिलेगी राहत, अब दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में आलू के रेट में आएगी गिरावट!
Wed, 21 Aug 2024 03:51 PM IST
श्वेता महतो
डिजिटल ब्यूरो।
डिजिटल ब्यूरो।
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 21 Aug 2024 03:51 PM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
मंहगे आलू की मार से जनता को बचाएगी ममता सरकार
- फोटो :
Amar Ujala
विस्तार
सब्जियों के बढ़ते दामों से परेशान आम लोगों को जल्द ही राहत मिलने वाली है। राजधानी दिल्ली समेत अन्य राज्यों में आलू की कीमतों में गिरावट का अनुमान लगाया जा रहा है। दिल्ली समेत कई राज्यों को पश्चिम बंगाल हर हफ्ते में 2 लाख टन आलू की खेप भेजने जा रहा है। इससे बाजार में आलू के स्टॉक से दबाव हटेगा और आपूर्ति में इजाफा होगा। इससे बाजार में आलू के रेट नीचे आने की उम्मीद है।दरअसल, बीते कई सप्ताह से राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में आलू की कीमत 50 रुपये से 60 रुपये प्रति किलो के आसपास चल रही है। दिल्ली, हरियाणा को आलू की सप्लाई करने वाले राज्य यूपी और हिमाचल में जनवरी-फरवरी में बेमौसम बारिश के चलते आलू फसल पर प्रभाव देखने को मिला है। इससे अधिकांश फसलें बर्बाद हो गई हैं। इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को दूसरे राज्यों को एक सप्ताह में 2 लाख टन तक आलू निर्यात करने की अनुमति दे दी है। जून में आलू की कीमतों में उछाल के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने दूसरे राज्यों को आलू निर्यात पर रोक लगा दी थी। इस निर्णय से नाराज आलू व्यापारियों ने विरोध स्वरूप कुछ दिनों तक हड़ताल भी की थी।
बंगाल सरकार के कृषि विपणन मंत्री बेचाराम मन्ना कहना है कि मुख्यमंत्री ने बुधवार को पड़ोसी राज्यों को निर्यात शुरू करने पर सहमति जताई है, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि आलू की कीमत मौजूदा स्तर से ऊपर नहीं बढ़नी चाहिए। उत्तर बंगाल से एक लाख मीट्रिक टन और दक्षिण बंगाल से एक लाख मीट्रिक टन आलू निर्यात किया जा सकता है। हालांकि, जिन राज्यों को आलू की जरूरत है उन्हें मांग उठानी होगी। लेकिन एक सप्ताह के बाद राज्य में निर्यात से आलू मूल्य पर पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा भी की जाएगी।