श्रीश्री ने खत्म कराया लेटिन अमेरिका का सबसे बड़ा विवाद
एफएआरसी और कोलंबियन सरकार के मध्य 26 सितंबर को कोर्टेजीना -डी इंडीस में ऐतिहासिक 25 वर्षीय विवाद शांति समझौते के हस्ताक्षर के साथ समाप्त हो गया। इस कार्यक्रम के लिए कोलंबिया के राष्ट्रपति द्वारा श्रीश्री रविशंकर जी को आमंत्रित किया गया था।
माननीय राष्ट्रपति श्री संतोस ने इस अवसर पर श्रीश्री को कहा कि ''शांति प्रयासों के लिए धन्यवाद! आप इसके लिए बहुत बड़ा सहारा और मित्र रहे हैं। आपकी संपूर्ण सहायता और आपके आध्यात्मिक दिशा- निर्देश महत्वपूर्ण रहे और इसके लिए मैं आपका हमेशा के लिए धन्यभागी हूं। श्रीश्री ने इस अवसर पर कहा कि ''एफएआरसी और कोलंबिया के लोगों के लिए यह अविस्मरणीय दिन है।''
अपनी कोलंबिया यात्रा के दौरान श्रीश्री ने 500 सामाजिक लीडरों के समूह को सम्बोधित करते हुए शांति प्रयास के लिए अपनी आंतरिक शांति को उकेरने के प्रयास पर बल दिया। विवाद से निपटने के लिए नियुक्त मंत्री रफेल पार्डोही के साथ की गई बैठक में शांति निर्माण और स्थितियों को सामान्य बनाने के विषय पर वृहद चर्चा की।
पीड़ित यूनिट के निदेशक एलन जारा और उनके साथ 12 पीड़ितों ने श्रीश्री से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि किस तरह एफएआरसी के सदस्यों को आर्ट ऑफ लिविंग की तकनीकों ने उभारा। आरकोस नाम के देसी समूदाय द्वारा श्रीश्री आग्रह से आग्रह किया गया कि वे इनके क्षेत्र में पर्यावरण, संस्कृति और प्राचीन परंपरा को बचाने हेतु मदद करें।
'क्षमा यातना करवाना बहुत ही महत्वपूर्ण रहा'
श्रीश्री ने इस अवसर पर ट्वीट किया कि ''पीड़ितों को हवाना ले जाकर क्षमा यातना करवाना बहुत ही महत्वपूर्ण रहा और कोलंबिया में बदलाव का वाहक बना।'' वे इस क्षमा बैठक के संदर्भ में बोल रहे थे जिसे आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा एफएआरसी लीडर और 12 अपहरण किए गए लोगों के परिजनों के मध्य हुआ था जिन्हें एफआरसी द्वारा मौत के घाट उतार दिया गया था, उनमें से केवल एक बचा था।
श्रीश्री ने ट्वीट किया है कि ''यह एफएआरसी उनके लीडरों के लिए बहुत ही बड़ा कार्य था। यह ध्यान का कमाल था'' श्री श्री ने पुन: ट्वीट किया कि कोलंबिया में शांति के प्रयास से लेटिन अमेरिका का नया स्वीटजरलैंड बनने की उम्मीद है यदि हम साथ में काम करे और अपने दिल, दिमाग से यह सब करें।
श्रीश्री को 30 नवंबर को मुख्य वक्ता के रूप में कोलंबिया के पुर्नउद्धार के लिए काली में होने वाले कार्यक्रम में पुन: आमंत्रित किया गया है।