J&K: आपरेशन ऑलआउट के चलते टूटा भाजपा-पीडीपी गठबंधन, किसने क्या कहा?
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जम्मू कश्मीर सरकार से भाजपा के पीछे हटने पर अब तमाम राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी राय देने लगी हैं। महबूबा मुफ्ती ने भी सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है जिसके बाद शाम पांच बजे पार्टी नेताओं की बैठक होनी है। खबर है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला राज्यपाल एनएन वोहरा से मिले हैं। शाम चार बजे नेशनल कॉन्फ्रेंस ने भी अपने नेताओं की बैठक बुलाई है। वहीं इस गठबंधन सरकार के टूटने पर शिवसेना ने कहा है कि पहले ही ये एक अनौपचारिक गठबंधन था। किसी भी तरह इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहले से ही मजबूत नहीं माना जा रहा था।
This alliance was anti-national & unnatural. Our party chief had said, this alliance won't work out. Had they continued with it they would have had to answer in 2019 Lok Sabha election: Sanjay Raut, Shiv Sena on BJP calling off their alliance with PDP in #JammuAndKashmir pic.twitter.com/s2JVACZqxz
— ANI (@ANI) June 19, 2018विज्ञापन
उधर कांग्रेस की तरफ देख रही पीडीपी को समर्थन मिलने में मुश्किल है। क्योंकि कांग्रेस चाहती है कि सूबे में राज्यपाल शासन हो। ऐसे में पीडीपी के लिए एकलौता चांस भी हाथ से निकलता दिख रहा है। पीडीपी का कहना है कि वो भाजपा के इस फैसले से चकित है क्योंकि इससे पहले उसे कोई ऐसे संकेत नहीं मिले जिससे उसे सरकार पर आने वाले इस संकट का पता चले। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने तो बीजेपी के इस फैसले पर खुशी जाहिर की है।
We tried our best to run the govt with BJP. This had to happen. This is a surprise for us because we did not have any indication about their decision: Rafi Ahmad Mir, PDP Spokesperson on BJP pulling out of an alliance with PDP in #JammuAndKashmir pic.twitter.com/6laodyNY97
— ANI (@ANI) June 19, 2018
गुलाम नबी आजाद ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि केन्द्रीय सरकार ने अपनी गलती मान ली, अपनी गलती स्वीकार की और ये तीन साल बीजेपी और पीडीपी, जम्मू-कश्मीर में सरकार चलाने में पूरी तरह असफल हुए और इन सवा तीन सालों में इन्होंने जम्मू-कश्मीर को बर्बाद किया, तबाह कर दिया। कांग्रेस व नेशनल कांग्रेस की जब-जब जम्मू-कश्मीर में सरकार रही, हम लोगों ने आतंकवाद को खत्म किया था, जम्मू-कश्मीर को एक पटरी पर, राजनीतिक पटरी पर, डेवलपमेंट की पटरी पर ला कर विकास शुरु हो गया था। लेकिन जबसे बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर में पहली दफा सरकार में कदम रखा, तो हमने उसी दिन बताया था कि जम्मू-कश्मीर की बर्बादी शुरु हो गई। मैंने पार्लियामेंट में भी कहा था कि जहाँ-जहाँ भी आपके कदम पड़ते हैं, वहाँ आग लग जाती है और वही जम्मू-कश्मीर में भी हुआ।
इन तीन - सवा तीन वर्षों में बीजेपी और पीडीपी की कोलेशन सरकार के दौरान सबसे ज्यादा युद्ध विराम का उल्लंघन जम्मू-कश्मीर की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर हुए। सबसे ज्यादा सिक्योरिटी फोर्सिस के जवानों को शहादत देनी पड़ी, आर्मी जवान मारे गए, पुलिस के, पैरामिलिट्री फोर्सिस के लोग मारे गए, सबसे ज्यादा सिविलियन मारे गए, सबसे ज्यादा सिविलियन जख्मी भी हुए। तो सबसे ज्यादा जो आंकड़े आते हैं, सब चीज में वो बीजेपी और पीडीपी के कोटे में जाते हैं।
आज जम्मू-कश्मीर को बर्बाद करके, तबाह करके अब बीजेपी सारा दोष पीडीपी के मत्थे फोड़ कर नहीं भाग सकती। बीजेपी की सरकार, केन्द्र की सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकती, अपनी नाकामी से नहीं भाग सकते। उन्होंने जो गलती की, मैंने प्रधानमंत्री जी को 2015, मार्च के पहले हफ्ते में राष्ट्रपति जी के अभिभाषण में बोलते हुए कहा था, माननीय प्रधानमंत्री जी बैठे हुए थे, क्योंकि उन्हीं दिनों, उसी हफ्ते में उनकी सरकार बनी, मुफ्ती जी के साथ। तो मैंने प्रधानमंत्री जी को बताया था कि जम्मू-कश्मीर में आप सरकार बना रहे हैं, ये हिमालयन जैसी गलती होगी और हम सही साबित हुए कि वो हिमालयन गलती थी और एक तजुर्बा इन्होंने किया, क्योंकि इनको जम्मू-कश्मीर में सरकार चलाने का कोई अनुभव नहीं था। जम्मू-कश्मीर में इतिहास-भूगोल से इनका कोई लेना-देना था नहीं, क्योंकि पूरी उम्र भर इन्होंने कश्मीर के खिलाफ प्रोपेगंडा करके तो अपनी पार्टी बनाई थी और फिर वहीं 70 साल के बाद सरकार चलाना चाहते थे, जो असंभव चीज थी। जो कुछ हुआ, मुझे लगता है कि ठीक ही हुआ। अतिरिक्त तबाही और बर्बादी से जम्मू-कश्मीर के लोग बच गए, जिस तबाही का शिकार पिछले तीन, सवा साल से जम्मू-कश्मीर के लोग हुए थे।
Whatever has happened is good. People of J&K will get some relief. They (BJP) ruined Kashmir & have now pulled out, maximum number of civilian & army men died during these 3 years. That question does not arise (on forming alliance with PDP): GN Azad, Congress pic.twitter.com/rcfVelHdnT
— ANI (@ANI) June 19, 2018
पीडीपी नेता नईम अख्तर ने महबूबा के इस्तीफे का ऐलान करते हुए कहा कि उन्हें भी कुछ ज्यादा समझ नहीं आ रहा है। पार्टी बैठक में ही बात होगी कि आगे क्या करना है। बता दें कि सूबे में विधानसभा की कुल 87 सीटें हैं, जिसमें पीडीपी के पास 28 और भाजपा के खाते में 25 सीटें हैं।
We will talk in detail at 5pm, meanwhile she (Mehbooba Mufti) has submitted her resignation (as J&K CM) to the Governor: Naeem Akhtar, PDP pic.twitter.com/w8vNI6XeRw
— ANI (@ANI) June 19, 2018
उधर विपक्ष की तिजोरी खंगालें तो नेशनल कॉन्फ्रेंस के पास 15 और कांग्रेस के पास 12 सीटें हैं। बात करें अन्य की तो उनके पास भी कुल मिलाकर 9 सीटें हैं। ऐसे में भाजपा के पीडीपी से समर्थन वापस लेने से पीडीपी की दूसरी पार्टी से सेटिंग की संभावना बन रही है लेकिन कांग्रेस ने इसमें कोई देरी नहीं की कि वो भी पीडीपी के साथ नहीं आना चाहती है। बीजेपी के बिना पीडीपी, एनसी और कांग्रेस के विधायकों को अगर मिला दें तब भी विधानसभा में बहुमत पूरा हो सकता है। तीनों के पास कुल 55 सीटें हो जाएंगी, जो बहुमत से काफी अधिक है।
सूत्रों का कहना है कि आपरेशन ऑलआउट के चलते ये गठबंधन टूटा है, बता दें कि पीडीपी सीजफायर खत्म करने के लिए तैयार नही थी। पीडीपी अलगाववादियों से बातचीत की पक्षधर थी, जिससे भाजपा पर बड़ा दबाव था और इससे सरकार में शामिल भाजपा मंत्री बातचीत के विरोध में थे।