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Rajya Sabha: ‘गैस चैंबर बने कोचिंग सेंटर’, छात्रों की मौत पर बोले जगदीप धनखड़; विज्ञापनों के खर्च पर पूछे सवाल

Mon, 29 Jul 2024 07:12 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Mon, 29 Jul 2024 07:12 PM IST
सार

दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव आईएएस स्टडी सेंटर के बेसमेंट की लाइब्रेरी में पानी भरने से दो छात्राओं व एक छात्र की मौत हो गई थी। राज्य सभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि कोचिंग सेंटर अब गैस चैंबर में बदल गए हैं। 

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Coaching culture has become a gas chamber, need to examine ad spend: Jagdeep Dhankhar
दिल्ली हादसे पर जगदीप धनखड़ - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

मध्य दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव आईएएस स्टडी सेंटर में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। हादसे में तीन छात्रों की मौत हो गई। इस मामले को लेकर राजनीति भी गरमाई हुई है। राज्य सभा के सभापति  जगदीप धनखड़ ने भी इस हादसे पर चिंता व्यक्त की। जगदीप धनखड़ ने कहा कि कोचिंग सेंटरों की कार्य संस्कृति अब गैस चैंबर में बदल गई है। उन्होंने इस बात की जांच करने पर भी जोर दिया कि आखिर समाचार पत्रों में विज्ञापन देने के लिए कोचिंग सेंटरों के पास इतनी बड़ी मात्रा में धनराशि कहां से आ रही है। 

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राज्य सभा में कोचिंग सेंटर हादसे पर चर्चा 
राज्य सभा में सोमवार को दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहे तीन छात्रों की मौत पर चर्चा की गई। चर्चा के दौरान धनखड़ ने कहा, ‘मुझे लगता है कि आज के दौर में कोचिंग वास्तव में व्यापार का जरिया बन गई है।’ उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह से ऐसे संस्थानों में कमाई की जा रही है, उससे लगता है कि शिक्षा के व्यवसायीकरण के मामले में कोचिंग सेंटर आगे निकल गए हैं। 
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कहां से आ रहा है इतना पैसा?- धनखड़
राज्य सभा के सभापति ने कहा, ‘आज के दौर में ऊंची कमाई के साथ कोचिंग का व्यापार खूब फल-फूल रहा है। जब भी हम कोई अखबार पढ़ते हैं तो, इसके पहले पन्ने पर कोचिंग व्यवसाय से जुड़े विज्ञापन नजर आते हैं। विज्ञापन पर खर्च किया जाने वाले एक-एक पैसा छात्रों की तरफ से आ रहा है। कोचिंग के लिए बनाया जाने वाली हर एक बिल्डिंग को छात्रों के पैसे से तैयार किया जा रहा है।’ जगदीप धनखड़ ने आगे कहा कि कोचिंग की कार्य संस्कृति अब गैस चैंबर में तब्दील हो गई है। उन्होंने कहा, ‘एक देश जहां अवसर प्राप्त करने के क्षेत्र में विस्तार हो रहा है, वहां कोचिंग एक समस्या में तब्दील हो रही है। यह अब गैस चैंबर की तरह बन गई है।’
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'युवाओं को रोजगार के अन्य अवसरों की भी जानकारी दें'
जगदीप धनखड़ ने राज्य सभा सदस्यों से अनुरोध किया कि युवाओं को देश में रोजगार के अन्य अवसरों के बारे में भी जानकारी दें। इससे पहले सुधांशु त्रिवेदी और स्वाति मालीवाल समेत अन्य राज्य सभा सदस्यों ने नियम संख्या 267 के तहत दिल्ली के कोचिंग सेंटर में हुए हादसे पर चर्चा करने के लिए नोटिस दिया था।

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