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CM योगी की दो टूक-अवैध बूचड़खाना छोड़ेंगे नहीं, वैध छेड़ेंगे नहीं
amarujala.com, Presented By: विजय जैन
Updated Thu, 23 Mar 2017 11:07 AM IST
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योगी आदित्यनाथ
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उत्तरप्रदेश में योगी सरकार के आते ही पिछले तीन दिनों में पशुओं के कत्ल में भारी कमी देखने को मिली है। अवैध बूचड़खाने जहां धड़ाधड़ सील किए जा रहे हैं, वहीं वैध बूचड़खाने डर के मारे नहीं खुल रहे। बीते सोमवार को ही सरकार ने तत्काल प्रभाव से प्रदेश भर में अवैध स्लाटर हाउस को बंद करने का निर्देश दिया था।
प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा, डीजीपी जावीद अहमद और एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, डीआईजी विजय भूषण, डीएम योगेश्वर राम मिश्र और एसएसपी नितिन तिवारी को इसके लिए सख्त निर्देश दिए थे।
सरकार ने पुलिस महकमे से पशु वधशालाओं का ब्योरा मांगा। पुलिस ने बिना देर किए आनन-फानन में सरकार को अपनी रिपोर्ट भेज दी। वहीं नगर पालिका प्रशासन ने भी अवैध बूचड़खानों को बंद कराए जाने की बात कही है।
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सरकार ने चार बिंदुओं पर यह रिपोर्ट पुलिस से मांगी थी। हर थाने से पूछा गया था कि उनके क्षेत्र में कितनी पशु वधशालाएं हैं। इन वधशालाओं में हर रोज कितने पशु काटे जाते हैं। पुलिस के पास इसका कोई प्रमाणिक ब्योरा तो नहीं था, लेकिन पुलिस ने लाइसेंस और एनओसी के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की।
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प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा, डीजीपी जावीद अहमद और एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, डीआईजी विजय भूषण, डीएम योगेश्वर राम मिश्र और एसएसपी नितिन तिवारी को इसके लिए सख्त निर्देश दिए थे।
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सरकार ने पुलिस महकमे से पशु वधशालाओं का ब्योरा मांगा। पुलिस ने बिना देर किए आनन-फानन में सरकार को अपनी रिपोर्ट भेज दी। वहीं नगर पालिका प्रशासन ने भी अवैध बूचड़खानों को बंद कराए जाने की बात कही है।
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सरकार ने चार बिंदुओं पर यह रिपोर्ट पुलिस से मांगी थी। हर थाने से पूछा गया था कि उनके क्षेत्र में कितनी पशु वधशालाएं हैं। इन वधशालाओं में हर रोज कितने पशु काटे जाते हैं। पुलिस के पास इसका कोई प्रमाणिक ब्योरा तो नहीं था, लेकिन पुलिस ने लाइसेंस और एनओसी के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की।
वाराणसी, मेरठ में बड़ी कार्रवाई
डेमो पिक
वाराणसी में अवैध स्लाटर हाउस सील
वाराणसी में अलईपुरा में पुलिस ने आज अवैध स्लाटर हाउस को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान स्लाटर हाउस के मालिक कागजात नहीं दिखा सके। इस दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया। मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि वह भी अवैध कमेलों से परेशान हैं। पुलिस से रात्रि में भी शिकायत की थी, लेकिन किसी ने नहीं सुनी।
मेरठ में बड़ी कार्रवाई : कई मीट प्लांट सील
प्रशासन ने बुधवार को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए हाजी याकूब और शाहिद अखलाक की कई मीट प्लांट पर सील लगा दी। भाजपा के चुनावी एजेंडे में शामिल यांत्रिक कमेलों और अवैध बूचड़खानों को बंद कराने को लेकर जिला पुलिस-प्रशासन ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर भर में छापेमारी की और कई मीट प्लांट पर सील लगा दी।
60 प्रतिशत दुकानों पर लटका रहा ताला
महानगर में 500 से अधिक दुकानों पर मांस की बिक्री होती है। वह अलग बात है कि नगर निगम से 250 लाइसेंस ही प्राप्त हैं। जहां शहर में अवैध तरीके से पशुओं का कटान होता है वहीं बिक्री भी अवैध हो रही है। सोमवार को हापुड़ रोड स्थित एक्सपोर्ट की फेक्ट्रियों में शहर की मांस आपूर्ति के लिए पशुओं का कटान नहीं हो सका। 60 प्रतिशत मांस की दुकानों पर ताला लटका रहा।
वाराणसी में अलईपुरा में पुलिस ने आज अवैध स्लाटर हाउस को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान स्लाटर हाउस के मालिक कागजात नहीं दिखा सके। इस दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया। मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि वह भी अवैध कमेलों से परेशान हैं। पुलिस से रात्रि में भी शिकायत की थी, लेकिन किसी ने नहीं सुनी।
मेरठ में बड़ी कार्रवाई : कई मीट प्लांट सील
प्रशासन ने बुधवार को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए हाजी याकूब और शाहिद अखलाक की कई मीट प्लांट पर सील लगा दी। भाजपा के चुनावी एजेंडे में शामिल यांत्रिक कमेलों और अवैध बूचड़खानों को बंद कराने को लेकर जिला पुलिस-प्रशासन ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर भर में छापेमारी की और कई मीट प्लांट पर सील लगा दी।
60 प्रतिशत दुकानों पर लटका रहा ताला
महानगर में 500 से अधिक दुकानों पर मांस की बिक्री होती है। वह अलग बात है कि नगर निगम से 250 लाइसेंस ही प्राप्त हैं। जहां शहर में अवैध तरीके से पशुओं का कटान होता है वहीं बिक्री भी अवैध हो रही है। सोमवार को हापुड़ रोड स्थित एक्सपोर्ट की फेक्ट्रियों में शहर की मांस आपूर्ति के लिए पशुओं का कटान नहीं हो सका। 60 प्रतिशत मांस की दुकानों पर ताला लटका रहा।
आगरा में तगड़ा एक्शन, गाजियाबाद में 15 बूचड़खाने सील
डेमो पिक
गाजियाबाद में 15 बूचड़खानों पर लगा ताला
इलाहाबाद और कानपुर में 2 अवैध बूचड़खाने बंद हो चुके हैं। गाजियाबाद के कैला भट्टे इलाके में भी 15 अवैध बूचड़खाने के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। पुलिस और प्रशासन के साथ भाजपा विधायकों ने मीट और हड्डी फैक्ट्रियों को बंद कराने की कवायद शुरू कर दी है। हिंडन एयरबेस के फ्लाइंग जोन के भीतर पशुओं के कटान को पूरी तरह बंद कराया जाएगा।
लखीमपुर खीरी के दो बूचड़खानों पर ताला
लखीमपुर खीरी के दो बूचड़खानों पर भी ताला लटका दिया गया है। खीरी टाउन और धौरहरा के रामनगर में चल रहे ये दोनों बूचड़खानों अवैध तरीके से चल रहे थे। पुलिस-प्रशासन ने खीरी टाउन और धौरहरा के रामनगर लहबड़ी में चल रहे बूचड़खानों को सीज कराया है। दोनों ही जगहों पर राजनीतिक संरक्षण में बूचड़खाने चल रहे थे, क्योंकि रामनगर लहबड़ी में लाइसेंस ही जारी नहीं हुआ था। जबकि खीरी टाउन के बूचड़खाने को 2013 में ही बंद करने का आदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जारी कर चुका था।
आगरा में भी अवैध बूचड़खानों पर तगड़ा एक्शन
अवैध बूचड़खानों और पशुओं के कटान के खिलाफ प्रशासन एक्शन में आ गया है। खेरागढ़ तहसील के कागारौल में अवैध बूचड़खानों को सील करने के साथ ही फतेहपुर सीकरी में मीट की चार अवैध दुकानों पर ताले जड़े गए हैं। यह बूचड़खाना घनी बस्ती के बीच संचालित हो रहा था। यहां बकरे और मुर्गे के साथ अन्य पशु भी अवैध रूप से काटे जा रहे थे। अछनेरा में भी कई दुकानें बंद कराई गई हैं। एसडीएम खेरागढ़ श्यामलता आनंद ने इस पर अमल करते हुए कागारौल स्थित बस्ती में अवैध बूचड़खाने को सील कर दिया।
इलाहाबाद और कानपुर में 2 अवैध बूचड़खाने बंद हो चुके हैं। गाजियाबाद के कैला भट्टे इलाके में भी 15 अवैध बूचड़खाने के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। पुलिस और प्रशासन के साथ भाजपा विधायकों ने मीट और हड्डी फैक्ट्रियों को बंद कराने की कवायद शुरू कर दी है। हिंडन एयरबेस के फ्लाइंग जोन के भीतर पशुओं के कटान को पूरी तरह बंद कराया जाएगा।
लखीमपुर खीरी के दो बूचड़खानों पर ताला
लखीमपुर खीरी के दो बूचड़खानों पर भी ताला लटका दिया गया है। खीरी टाउन और धौरहरा के रामनगर में चल रहे ये दोनों बूचड़खानों अवैध तरीके से चल रहे थे। पुलिस-प्रशासन ने खीरी टाउन और धौरहरा के रामनगर लहबड़ी में चल रहे बूचड़खानों को सीज कराया है। दोनों ही जगहों पर राजनीतिक संरक्षण में बूचड़खाने चल रहे थे, क्योंकि रामनगर लहबड़ी में लाइसेंस ही जारी नहीं हुआ था। जबकि खीरी टाउन के बूचड़खाने को 2013 में ही बंद करने का आदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जारी कर चुका था।
आगरा में भी अवैध बूचड़खानों पर तगड़ा एक्शन
अवैध बूचड़खानों और पशुओं के कटान के खिलाफ प्रशासन एक्शन में आ गया है। खेरागढ़ तहसील के कागारौल में अवैध बूचड़खानों को सील करने के साथ ही फतेहपुर सीकरी में मीट की चार अवैध दुकानों पर ताले जड़े गए हैं। यह बूचड़खाना घनी बस्ती के बीच संचालित हो रहा था। यहां बकरे और मुर्गे के साथ अन्य पशु भी अवैध रूप से काटे जा रहे थे। अछनेरा में भी कई दुकानें बंद कराई गई हैं। एसडीएम खेरागढ़ श्यामलता आनंद ने इस पर अमल करते हुए कागारौल स्थित बस्ती में अवैध बूचड़खाने को सील कर दिया।
कानपुर में 3 दिन से मीट की दुकानें बंद, बिजनौर में खुली ही नहीं
डेमो पिक
कानपुर में 3 दिन से मीट की दुकानें बंद
कानपुर में लोगों ने कई दिनों से मीट की दुकानें नहीं खोली हैं। पुलिस अधीक्षक ने नगर पालिकाओं से बूचड़खानों की लिस्ट मांगी है। जिले में करीब एक दर्जन बूचड़खाने संचालित हैं, लेकिन कन्नौज नगर पालिका से लेकर जिला पंचायत में इन बूचड़खानों का किसी भी पटल पर रिकार्ड नहीं हैं। वहीं, जिला मुख्यालय पर मीट कारोबारियों में बदलाव देखने को मिला है। जहां पहले तमाम दुकानदार खुले में मीट की बिक्री करते थे, उन्होंने दुकानों पर शीशे लगवा दिए। हालांकि कुछ अभी भी अपनी पुरानी हनक बनाए हुए हैं और खुले में मीट की बिक्री कर रहे हैं।
बुलंदशहर में 50 से ज्यादा मीट संचालकों को नोटिस
बुलंदशहर में दर्जनभर बूचड़खानों और 50 से ज्यादा बिना लाइसेंस चल रहीं मीट शॉप के संचालकों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। 24 घंटे में स्वयं नहीं हटने पर कार्रवाई की जाएगी। अवैध रूप से जगह-जगह खोखे लगाकर मीट बेच रहे लोगों को भी चेतावनी दी गई है। सभी अफसर-कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है।
बिजनौर में एक्शन से पहले ही बुचड़खाने बंद
बिजनौर में कुछ जगहों पर खुद ही लोगों ने बुचड़खाने बंद कर दिए हैं। सहसपुर की मीट फैक्ट्री व झालू के बूचड़खानों को प्रशासन ने बंद कराकर सील कर दिया है। दो दिन से किसी भी बूचड़खाने में पशुओं का कटान नहीं हुआ है।
सहसपुर की उमर इंटरनेशनल मीट फैक्ट्री ने भी पिछले दो दिनों से पशुओं का कटान पूरी तरह बंद कर दिया गया। मंगलवार को डीएम जगतराज के निर्देश सहसपुर की मीट फैक्ट्री को सील कर दिया है। डीएम ने एसपी को पत्र लिखकर कहा था कि सहसपुर की मीट फैक्ट्री का लाइसेंस का 2016 तक रिनुवल हुआ है, इसके बाद नहीं होगा है। अफसरों की टीम ने मीट फैक्ट्री को सील कर दिया है। कस्बा झालू में 2012 से बंद पड़े बूचड़खाने में चोरी छिपे बूचड़खाने की दीवार को गिराकर पशुओं का कटान किया जा रहा था। बूचड़खाने को सील कर दिया। एसपी ने बताया कि जिले में 15 मीट फैक्ट्री है। इनमें 14 बंद है, केवल सहसपुर की फैक्ट्री ही चल रही थी। इस फैक्ट्री को सील करा दिया गया है।
कानपुर में लोगों ने कई दिनों से मीट की दुकानें नहीं खोली हैं। पुलिस अधीक्षक ने नगर पालिकाओं से बूचड़खानों की लिस्ट मांगी है। जिले में करीब एक दर्जन बूचड़खाने संचालित हैं, लेकिन कन्नौज नगर पालिका से लेकर जिला पंचायत में इन बूचड़खानों का किसी भी पटल पर रिकार्ड नहीं हैं। वहीं, जिला मुख्यालय पर मीट कारोबारियों में बदलाव देखने को मिला है। जहां पहले तमाम दुकानदार खुले में मीट की बिक्री करते थे, उन्होंने दुकानों पर शीशे लगवा दिए। हालांकि कुछ अभी भी अपनी पुरानी हनक बनाए हुए हैं और खुले में मीट की बिक्री कर रहे हैं।
बुलंदशहर में 50 से ज्यादा मीट संचालकों को नोटिस
बुलंदशहर में दर्जनभर बूचड़खानों और 50 से ज्यादा बिना लाइसेंस चल रहीं मीट शॉप के संचालकों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। 24 घंटे में स्वयं नहीं हटने पर कार्रवाई की जाएगी। अवैध रूप से जगह-जगह खोखे लगाकर मीट बेच रहे लोगों को भी चेतावनी दी गई है। सभी अफसर-कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है।
बिजनौर में एक्शन से पहले ही बुचड़खाने बंद
बिजनौर में कुछ जगहों पर खुद ही लोगों ने बुचड़खाने बंद कर दिए हैं। सहसपुर की मीट फैक्ट्री व झालू के बूचड़खानों को प्रशासन ने बंद कराकर सील कर दिया है। दो दिन से किसी भी बूचड़खाने में पशुओं का कटान नहीं हुआ है।
सहसपुर की उमर इंटरनेशनल मीट फैक्ट्री ने भी पिछले दो दिनों से पशुओं का कटान पूरी तरह बंद कर दिया गया। मंगलवार को डीएम जगतराज के निर्देश सहसपुर की मीट फैक्ट्री को सील कर दिया है। डीएम ने एसपी को पत्र लिखकर कहा था कि सहसपुर की मीट फैक्ट्री का लाइसेंस का 2016 तक रिनुवल हुआ है, इसके बाद नहीं होगा है। अफसरों की टीम ने मीट फैक्ट्री को सील कर दिया है। कस्बा झालू में 2012 से बंद पड़े बूचड़खाने में चोरी छिपे बूचड़खाने की दीवार को गिराकर पशुओं का कटान किया जा रहा था। बूचड़खाने को सील कर दिया। एसपी ने बताया कि जिले में 15 मीट फैक्ट्री है। इनमें 14 बंद है, केवल सहसपुर की फैक्ट्री ही चल रही थी। इस फैक्ट्री को सील करा दिया गया है।
अकेले मेरठ में रोजाना कटते हैं 5 हजार जानवर
डेमो पिक
बरेली में मिला नहीं अवैध बूचड़खाना
डीएम के आदेश पर बरेली में सभी एसडीएम और सीओ ने जिले भर में छापामारी की लेकिन उनको अवैध बूचड़खाना चलते नहीं मिला। इस कार्रवाई का यह असर हुआ है कि अब खुलेआम की बजाय चोरी छिपे कत्ल करके मीट तैयार किया जा रहा है। गोकशी और गो तस्करी की घटनाएं बंद मिलीं। सौ फुटा रोड, पीलीभीत बाईपास, नकटिया, ठिरिया निजावत खां, बड़ा बाईपास रोड के आस-पास के गांवों में चल रहे अवैध स्लाटर हाउस बंद हैं। पहले इन स्थानों से कटने वाले जानवरों का मीट घरों के अलावा सड़क के किनारे बनी दुकानों, फड़, खोखों के जरिए होटलों में सप्लाई किया जाता था। बहेड़ी के स्लाटर हाउस को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दो साल पहले बंद करा दिया था। तबसे कस्बे के अलावा जोखनपुर, गिरधरपुर, रिछा फरीदपुर टाउन एरिया में घर-घर पशुओं का कटान हो रहा है। यहां के अनाधिकृत कत्लखाने चलवाने में एसएसआई की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। उनकी गोपनीय रिपोर्ट भी उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
अकेले मेरठ में रोजाना कटते हैं 5000 जानवर
मेरठ में पांच बड़ी फैक्ट्रियों में कटान होता है जिसका मीट निर्यात होता है। इन सभी में तीन से चार हजार पशु रोज काटे जाते हैं। शहर की आपूर्ति से अलग यह बड़ा कारोबार है जिससे लगभग पांच हजार लोग जुड़े हैं। इन सभी में यांत्रिक कमेले हैं। यहीं पर पैकेजिंग प्लांट भी हैं। यदि यह धंधा बंद हुआ तो इससे पांच हजार लोग प्रभावित होंगे। इन सभी की निगाह इसी पर लगी है।
डीएम के आदेश पर बरेली में सभी एसडीएम और सीओ ने जिले भर में छापामारी की लेकिन उनको अवैध बूचड़खाना चलते नहीं मिला। इस कार्रवाई का यह असर हुआ है कि अब खुलेआम की बजाय चोरी छिपे कत्ल करके मीट तैयार किया जा रहा है। गोकशी और गो तस्करी की घटनाएं बंद मिलीं। सौ फुटा रोड, पीलीभीत बाईपास, नकटिया, ठिरिया निजावत खां, बड़ा बाईपास रोड के आस-पास के गांवों में चल रहे अवैध स्लाटर हाउस बंद हैं। पहले इन स्थानों से कटने वाले जानवरों का मीट घरों के अलावा सड़क के किनारे बनी दुकानों, फड़, खोखों के जरिए होटलों में सप्लाई किया जाता था। बहेड़ी के स्लाटर हाउस को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दो साल पहले बंद करा दिया था। तबसे कस्बे के अलावा जोखनपुर, गिरधरपुर, रिछा फरीदपुर टाउन एरिया में घर-घर पशुओं का कटान हो रहा है। यहां के अनाधिकृत कत्लखाने चलवाने में एसएसआई की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। उनकी गोपनीय रिपोर्ट भी उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
अकेले मेरठ में रोजाना कटते हैं 5000 जानवर
मेरठ में पांच बड़ी फैक्ट्रियों में कटान होता है जिसका मीट निर्यात होता है। इन सभी में तीन से चार हजार पशु रोज काटे जाते हैं। शहर की आपूर्ति से अलग यह बड़ा कारोबार है जिससे लगभग पांच हजार लोग जुड़े हैं। इन सभी में यांत्रिक कमेले हैं। यहीं पर पैकेजिंग प्लांट भी हैं। यदि यह धंधा बंद हुआ तो इससे पांच हजार लोग प्रभावित होंगे। इन सभी की निगाह इसी पर लगी है।
अवैध कटान बंद होगा, वैध नहीं
योगी आदित्यनाथ
- फोटो : SELF
अवैध कटान बंद होगा, वैध नहीं
इस बाबत कारोबारी कहते हैं कि मीट आपूर्ति भी एक वर्ग के लिए आवश्यक है। वैसे जो कटान वैध रूप से हो रहा है वह बंद क्यों होगा? निगम एक्ट में भी इसका प्रावधान है। जहां अवैध रूप से कारोबार हो रहा है उसे बंद कर दिया जाए। अवैध रूप से चल रहे कमेले ही बंद होंगे। जहां वैध रूप से कटान हो रहा है वह तो चालू रहेगा। यह तो एक्ट में भी प्रावधान है। इसे कैसे बंद किया जा सकता है। यह एक वर्ग केलिए न केवल अनिवार्य है बल्कि रोजगार का भी एक बड़ा माध्यम है
- हाजी याकूब कुरैशी चेयरमैन अल फहीम मीटैक्स
वैध कारोबार करने वालों को डरने की जरूरत नहीं
इसमे किसी को डरने की जरूरत नहीं है। वैध रूप से चल रहा मीट कारोबार चलता ही रहेगा सरकार भी इसी तरह का निर्णय लेगी। वैध कारोबार को बंद नहीं किया जा सकता है। जो काम कहीं अवैध हो रहा होगा उसकी बात अलग है। यह तो रोजगार का भी मुद्दा है
- हाजी शाहिद अखलाक, डायरेक्टर अल साकिब मीटैक्स
इस बाबत कारोबारी कहते हैं कि मीट आपूर्ति भी एक वर्ग के लिए आवश्यक है। वैसे जो कटान वैध रूप से हो रहा है वह बंद क्यों होगा? निगम एक्ट में भी इसका प्रावधान है। जहां अवैध रूप से कारोबार हो रहा है उसे बंद कर दिया जाए। अवैध रूप से चल रहे कमेले ही बंद होंगे। जहां वैध रूप से कटान हो रहा है वह तो चालू रहेगा। यह तो एक्ट में भी प्रावधान है। इसे कैसे बंद किया जा सकता है। यह एक वर्ग केलिए न केवल अनिवार्य है बल्कि रोजगार का भी एक बड़ा माध्यम है
- हाजी याकूब कुरैशी चेयरमैन अल फहीम मीटैक्स
वैध कारोबार करने वालों को डरने की जरूरत नहीं
इसमे किसी को डरने की जरूरत नहीं है। वैध रूप से चल रहा मीट कारोबार चलता ही रहेगा सरकार भी इसी तरह का निर्णय लेगी। वैध कारोबार को बंद नहीं किया जा सकता है। जो काम कहीं अवैध हो रहा होगा उसकी बात अलग है। यह तो रोजगार का भी मुद्दा है
- हाजी शाहिद अखलाक, डायरेक्टर अल साकिब मीटैक्स