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दिल्ली के बाद अब पुडुचेरी में उपराज्यपाल और सीएम के बीच ठनी, हालात बेकाबू

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 14 Feb 2019 11:53 AM IST
राज भवन के बाहर धरना
राज भवन के बाहर धरना - फोटो : ANI
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एक तरफ देश की राजधानी दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच तनाव जारी है। अब दिल्ली में अफसरों पर नियंत्रण और भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के अधिकार क्षेत्र जैसे मसलों पर सुप्रीम कोर्ट ने तीन जजों वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच को यह केस सौंप दिया है।
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वहीं दूसरी तरफ एक अन्य केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में उपराज्यपाल किरण बेदी के घर राज भवन के बाहर राज्य के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी और उनके मंत्री धरने पर बैठे हुए हैं। 

भीड़ को शांत कराने के लिए काफी प्रयास किया जा रहा है। धरनास्थल पर बैठे सभी लोग रात को मुख्यमंत्री नारायणसामी समेत राज भवन के बाहर ही सोए हैं। धरने से संबंधित तस्वीरें और वीडियो मुख्यमंत्री लगातार अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर कर रहे हैं।

सीएम ने क्या कहा खत में?

उपराज्यपाल किरण बेदी ने कहा है, "उन्होंने (सीएम) ने मुझे 7 फरवरी को खत लिखा, जिसमें 36 मुद्दों को सुलझाने की बात की गई। इसमें कई मुद्दे हैं ही नहीं या उन्हें सुलझा लिया गया है। मुझे वो खत 8 फरवरी को मिला। कल वो धरने पर बैठ गए, ये कहते हुए कि उन्हें जवाब चाहिए। उस खत में ये कहीं नहीं लिखा है कि मैंने अगर 13 फरवरी तक जवाब नहीं दिया तो वह धरने पर बैठ जाएंगे।"

किरण बेदी ने आगे कहा, "मैंने उन्हें खत लिखकर कहा था कि आप आ सकते हैं और 21 फरवरी को सुबह 10 बजे मुझे मिल सकते हैं क्योंकि मैं आज से 20 फरवरी तक दौरे पर हूं। और मुझे कहें कि क्या सही हो सकता है। वह अभी भी वहां बैठे हैं। वह लोगों को हेलमेट नहीं पहनने दे रहे हैं।"



मुख्यमंत्री 39 प्रस्तावों को राज्यपाल द्वारा खारिज किए जाने से नाराज हैं। वह बुधवार से अपने मंत्रियों के साथ धरने पर बैठे हैं। यहां अब हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। पुलिस ने भीड़ बढ़ती देख बैरीकेड लगा दिए हैं। बावजूद इसके किरण बेदी के खिलाफ धरना जारी है। 

धरनास्थल पर पहुंचकर कांग्रेस और डीएमके के विधायकों ने भी धरने को अपना समर्थन दिया है। नारायणसामी ने साफ कर दिया है कि उनके प्रस्तावों पर राज्यपाल से सकारात्मक जवाब मिलने पर ही धरने से उठेंगे।

राज निवास के बाहर काली कमीज पहने मुख्यमंत्री नारायणसामी और उनके मंत्रियों की मांग है कि मुफ्त चावल बांटने की योजना सहित 39 सरकारी प्रस्तावों को उपराज्यपाल मंजूरी दें।

सीएम ने आरोप लगाया कि विभिन्न मामलों पर उनकी स्वीकृति के लिए भेजी गईं फाइलों को उपराज्यपाल ने खारिज कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हाल ही में उपराज्यपाल ने बिना लोगों को जागरूक किए हेलमेट पहनने को अनिवार्य कर दिया जो कि साफ दर्शाता है कि वह अपनी मनमानी करने के साथ ही जनता को प्रताड़ित कर रही हैं।

वहीं उपराज्यपाल किरण बेदी ने इस मामले में मुख्यमंत्री नारायणसामी को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र ट्वीट करते हुए लिखा, 'वह धरने पर बैठने के स्थान पर मुझसे मिल सकते थे। वह एक पत्र लिखते हैं और उसके जवाब के लिए राज निवास का मार्ग अवरुद्ध कर देते हैं। इससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।'

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