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Cauvery Water Dispute: कावेरी जल विवाद पर CM का बड़ा बयान, कहा- सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश करेंगे जमीनी हकीकत
Sat, 02 Sep 2023 06:37 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागलकोट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागलकोट
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 02 Sep 2023 06:37 PM IST
सार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार तमिलनाडु को कावेरी नदी का पानी छोड़ने पर जमीनी हकीकत कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) और सुप्रीम कोर्ट के सामने रखेगी।
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सीएम सिद्धारमैया।
- फोटो : ANI
विस्तार
कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी नदी के जल को लेकर खींचतान जारी है। इस मानसून में कम बारिश के कारण बेसिन के अधिकांश जलाशयों में पानी का प्रवाह कम हो गया है और आने वाले महीनों में पीने और सिंचाई के लिए पानी की भारी कमी की आशंका जताई जा रही है। वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार तमिलनाडु को कावेरी नदी का पानी छोड़ने पर जमीनी हकीकत कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) और सुप्रीम कोर्ट के सामने रखेगी।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य की सुरक्षा के उद्देश्य से एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मिलने का समय मांगा है। इस मुद्दे पर रुचि के साथ-साथ मंजूरी की प्रतीक्षा में अन्य लंबित परियोजनाएं भी शामिल हैं।
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सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि हमारे पास छोड़ने के लिए पानी नहीं है, इसके बावजूद कावेरी जल विनियमन समिति ने कहा है कि हमें (तमिलनाडु को) हर दिन 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ना चाहिए। पहले उन्होंने 15,000 क्यूसेक कहा, हमारे अनुरोध के बाद उन्होंने इसे घटाकर 10,000 क्यूसेक कर दिया। अब हमारी अपील के बाद वे मिले और कहा कि 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, तमिलनाडु ने 24,000 क्यूसेक पानी छोड़ने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील की है, जिसे कर्नाटक मानने की स्थिति में नहीं है।
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आगे उन्होंने कहा कि बिना पानी के हम इतना कहां से छोड़ंगे? हमें फसलों की सुरक्षा करनी है, पीने का पानी उपलब्ध कराना है. हम अपनी पेयजल आवश्यकताओं और किसानों की फसलों की सुरक्षा करके राज्य के हितों की रक्षा करेंगे। हम जमीनी तथ्य कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण और सुप्रीम कोर्ट के सामने रखेंगे।
कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) ने कर्नाटक को 29 अगस्त से अगले 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए प्रतिदिन 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया है। सीडब्ल्यूएमए ने कावेरी जल विनियमन समिति की सिफारिश के आधार पर यह निर्णय लिया।