फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CM Shinde should not listen to his deputy Fadnavis: Maratha quota activist Jarange

Maharashtra: 'शिंदे को उपमुख्यमंत्री फडणवीस की नहीं सुननी चाहिए', मराठा आरक्षण कार्यकर्ता जरांगे की CM को सलाह

Mon, 26 Feb 2024 10:57 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: काव्या मिश्रा Updated Mon, 26 Feb 2024 10:57 AM IST
सार

जरांगे ने रविवार को जालना जिले के अंतरवाली सरती गांव में आरोप लगाया कि फडणवीस ने उनकी हत्या करने की कोशिश की थी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह मुंबई तक मार्च करेंगे और उप मुख्यमंत्री के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

विज्ञापन
CM Shinde should not listen to his deputy Fadnavis: Maratha quota activist Jarange
मनोज जारांगे - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सुझाव दिया है कि वह उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की बात न सुनें। साथ ही कहा है कि उन्हें यह बताना चाहिए कि कुनबी मराठाओं के सगे संबंधियों पर अधिसूचना क्यों लागू नहीं की जा रही है।

विज्ञापन


बता दें, जरांगे की यह टिप्पणी रविवार देर रात तब आई, जब मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि कार्यकर्ता को उनकी सरकार के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। 

फडणवीस पर हत्या का आरोप
जरांगे ने रविवार को जालना जिले के अंतरवाली सरती गांव में आरोप लगाया कि फडणवीस ने उनकी हत्या करने की कोशिश की थी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह मुंबई तक मार्च करेंगे और उप मुख्यमंत्री के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उन्हें ‘सेलाइन’ के जरिए जहर देने की कोशिश की गई थी, हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया।
विज्ञापन


जरांगे बाद में अंतरवाली सरती से चले गए और मुंबई जाते समय छत्रपति संभाजीनगर के भांबेरी गांव में रुके।

उपमुख्यमंत्री की भाषा नहीं बोलनी चाहिए
मुख्यमंत्री की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर जरांगे ने कहा, 'मैंने इन्हें सुना नहीं है, लेकिन उन्हें बताना चाहिए कि (मराठाओं के) रिश्तेदारों के आरक्षण की अधिसूचना क्यों लागू नहीं की गई। मैं उनका बहुत सम्मान करता था। उन्हें उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की बात नहीं सुननी चाहिए और उनकी (फडणवीस की) भाषा नहीं बोलनी चाहिए।'
विज्ञापन
विज्ञापन


मराठा समुदाय से बड़ा कोई नहीं
जरांगे ने कहा कि मराठा समुदाय से बड़ा कोई नहीं है। उन्होंने पूछा, 'यह उनकी (शिंदे की) जिम्मेदारी थी कि वे (मराठाओं के) रिश्तेदारों के लिए अधिसूचना लागू करें और कुनबी जाति के प्रमाण पत्र जारी करने के लिए राजपत्र (निज़ाम राज्य, सतारा के) को सबूत के रूप में लेने पर विचार करें। प्रमाणपत्रों का वितरण रोक दिया गया है। हमारी तरफ से कौन सी मांग अतिरिक्त थी?'

मैं अब भी शिंदे का सम्मान करता हूंं
मुख्यमंत्री शिंदे ने रविवार को कहा कि जो लोग सरकार के खिलाफ बार-बार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें उसके धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। उन्हें कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा नहीं करनी चाहिए।

इसके बारे में पूछे जाने पर जरांगे ने कहा, 'मैं अब भी उनका (शिंदे) सम्मान करता हूं। हमें लगता था कि आप एक सच्चे मुख्यमंत्री थे। मैं ईमानदार हूं और मुझसे ज्यादा मत बुलवाइए। मैं आ रहा हूं। मुंबई के लिए।'

उन्होंने कहा, 'अगर धोखाधड़ी हो रही है तो हम क्या कहें। क्या ये तीनों (शिंदे, फडणवीस और उप मुख्यमंत्री अजित पवार) अपनी राजनीति के लिए मराठा समुदाय को खत्म करना चाहते हैं? मराठा समुदाय अब भी शिंदे पक्ष के समर्थन में बोलता है और उन्हें उनकी (फडणवीस) बात नहीं सुननी चाहिए।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed