फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CM Sarma says conspiracy behind settlement of landless people in distant areas of Hindus and Assamese Muslim

Assam: 'हिंदुओं-असमिया मुसलमानों के दूरदराज के इलाकों में भूमिहीन लोगों को बसाने के पीछे साजिश', CM सरमा को शक

Sat, 12 Jul 2025 11:32 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sat, 12 Jul 2025 11:32 PM IST
सार

असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने बेदखली अभियान के बाद भूमिहीन लोगों के दूर-दराज के इलाकों में जाकर बसने पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने शक जताया है कि इसके पीछे एक साजिश हो सकती है। सीएम सरमा ने कहा कि यह समझना जरूरी है कि ये लोग खुद जा रहे हैं या कोई उन्हें जानबूझकर वहां भेज रहा है, ताकि राजनीतिक फायदे के लिए वोटों का समीकरण बदला जा सके।

विज्ञापन
CM Sarma says conspiracy behind settlement of landless people in distant areas of Hindus and Assamese Muslim
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा - फोटो : ANI (फाइल फोटो)

विस्तार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को दवा किया कि कटाव प्रभावित और भूमिहीन लोग अपने घर से 200-300 किलोमीटर दूर जाकर ऐसी जगहों पर बस रहे हैं, जहां ज्यादातर हिंदू और असमिया मुसलमान रहते हैं। सीएम सरमा ने शक जताया कि इसके पीछे एक साजिश हो सकती है। 

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की बसावट से इन इलाकों का जनसाख्यिकीय संतुलन बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिन जगहों पर उनकी सरकार ने अतिक्रमण हटाने के लिए बेदखली अभियान चलाया था, वहां ज्यादातर बंगाली भाषी मुसलमान रह रहे थे। 
विज्ञापन


असमिया लोगों को अल्पसंख्यक बनाने की साजिश
सरमा ने कहा, 'हमारा सवाल ये है कि ये लोग 200-300 किलोमीटर दूर उन जगहों पर क्यों जा रहे हैं जहां हिंदू या असमिया मुसलमान ज्यादा हैं? इससे वहां के स्थानीय लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सिर्फ अतिक्रमण हटाना ही नहीं, बल्कि इससे जुड़ी एक गुप्त साजिश भी दिखती है- जैसे हमें अल्पसंख्यक बनाने की कोशिश हो रही हो।'
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: तेलंगाना: स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग के लिए 42% आरक्षण का अध्यादेश जारी, सीएम रेवंत ने किया एलान

राज्य सरकार ने खाली कराई थी 4500 बीघा जमीन 
असम सरकार ने हाल ही में धुबरी और ग्वालपाड़ा जिलों में अतिक्रमण हटाने के दो बड़े बेदखली अभियान चलाए। इन अभियानों के तहत 4,500 बीघा से ज्यादा जमीन खाली कराई गई। इसमें कुछ जमीन आरक्षित जंगल की भी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में करीब 8 लाख बीघा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण है, जिसमें जंगल और चरागाह भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, 'चाहे यह साजिश हो या गरीबी, या इसके पीछे राजनीतिक लोग हों, इसकी जांच होनी चाहिए।'

हमें बेदखली अभियान चलाना पसंद नहीं: सीएम सरमा
सीएम सरमान ने दरांग में एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें बेदखली अभियान चलाना और लोगों को बाहर निकालना पसंद नहीं है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने सख्त आदेश दिए हैं कि वन भूमि, ग्राम चरागाह आरक्षित (वीजीआर), व्यावसायिक चरागाह आरक्षित (पीजीआर) जमीन पर अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। 


दूर-दराज से आए लोग दूसरी जगहों पर कर रहे कब्जा
सीएम सरमा ने किया कि बेदखली अभियान के तहत यह बात सामने आई है कि दूर-दराज के इलाकों से आए लोग दूसरी जगहों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, 'हमने लखीमपुर जिले में बेदखली अभियान चलाया तो देखा कि वहां के ज्यादातर कब्जेदार दक्षिण असम के करीमगंज और दक्षिण सलमारा जैसे जिलों से आए थे। अगर कोई वाकई जरूरतमंद है, तो उसे अपने जिले में ही जमीन ढूंढनी चाहिए।'

ये भी पढ़ें: AAIB Report: गोल्डन चेसिस की मदद से ब्लैक बॉक्स से निकाला 49 घंटे का डाटा, हादसे से जुड़ी रिकॉर्डिंग भी मिली

लोगों के दूसरी जगहों पर जाने का समीकरण समझना जरूरी
सीएम सरमा ने कहा कि यह समझना जरूरी है कि ये लोग खुद जा रहे हैं या कोई उन्हें जानबूझकर वहां भेज रहा है, ताकि राजनीतिक फायदे के लिए वोटों का समीकरण बदला जा सके। सरमा ने कहा, 'अगर दरांग जिले के भूमिहीन लोग गोरुखुटी या ग्वालपाड़ा से पाकियन में बस जाएं, तो बात समझ में आती है। लेकिन अगर वे बहुत दूर जा रहे हैं- जैसे दक्षिण असम के लोग उत्तर असम में बस रहे हैं तो ये समझना होगा कि इसके पीछे मकसद क्या है।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed