कर्नाटक मंदिर विवाद: मैसूर के डीसी और तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस
आंकड़ों की मानें तो पिछले बारह सालों में कर्नाटक में तकरीबन 2887 धार्मिक जगहों को या तो हटा दिया गया या फिर उन्हें दूसरी जगह बनाया गया।
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कर्नाटक के मैसूर में हिंदू मंदिर तोड़ने को लेकर सियासत गर्मा गई है। इस मामले में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और पूर्व मुख्यमंत्री के सिद्धारमैया ने भी भाजपा पर हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया। वहीं अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई इस मामले पर बात प्रतिक्रिया दी है।
बोम्मई ने कहा है कि जिले में मंदिरों को गिराने से पहले लोगों को विश्वास में नहीं लेने के लिए मैसूर डीसी और तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विवरण सदन के सत्र में रखा जाएगा।
Show cause notice has been issued to Mysuru DC and Tahasildar for not taking people into confidence before demolishing the temples in the district. The details will be put forth in the session of the House: Karnataka CM Basavaraj Bommai
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(File photo) pic.twitter.com/NGDLN22bAi— ANI (@ANI) September 14, 2021
आगे सीएम बसवराज बोम्मई ने कहा कि पूरे राज्य में मंदिरों को गिराने की जल्दबाजी में फैसला नहीं लेने का निर्देश जारी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विस्तृत अध्ययन और कैबिनेट बैठक में चर्चा के बाद स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत मैसूरु के नंजनगुड स्थित मंदिर पर कार्रवाई की गई है। लेकिन अब इस मामले में भाजपा पर विपक्ष हावी है और बसवराज बोम्मई इस मामले में घिरते नजर आ रहे हैं।
इस समय कर्नाटक में विधानसभा की कार्यवाही भी चल रही है और विपक्ष विधानसभा अंदर और बाहर कहीं भी भाजपा को छोड़ना नहीं चाहता। अब इस पूरे मामले के सामने आने के बाद भाजपा विपक्ष के निशाने पर है।