Karnataka: मतदाता धोखाधड़ी में सीएम बोम्मई ने आरोपों किया खारिज, बोले- सिर्फ चुनाव आयोग नाम जोड़-हटा सकता है
सीएम इस आरोप को खारिज कर दिया कि राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।
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कर्नाटक में वृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) क्षेत्र में एक निजी संस्था द्वारा मतदाता धोखाधड़ी के मामले में सीएम बसवराज बोम्मई ने कहा कि चुनाव आयोग को अनधिकृत मतदाताओं के नाम हटाने चाहिए और प्रामाणिक मतदाताओं के नाम शामिल करने चाहिए। वहीं सीएम इस आरोप को खारिज कर दिया कि राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।
क्या है मामला
जानकारी के मुताबिक, ये मामला राज्य की तीन विधानसभा सीटों- 162 शिवाजीनगर, 169 चिकपेट और 174 महादेवपुरा से जुड़ा हुआ है। ये तीनो विधानसभा सीटें बीबीएमपी क्षेत्र में आती हैं। इन विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में एक निजी संस्था द्वारा नाम जोड़ने और हटाने के आरोप हैं। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए भारतीय चुनाव आयोग ने शुक्रवार को 100 फीसदी जांच के निर्देश दिए थे।
आयोग ने दिए निर्देश
चुनाव प्राधिकरण ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को 1 जनवरी, 2022 के बाद शिवाजीनगर, चिकपेट और महादेवपुरा विधानसभा सीटों की मतदाता सूची में जोड़े गए नामों और हटाए गए नामों की एक सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ साझा करने का निर्देश दिया था, ताकि उन्हें दावे और आपत्तियां फाइल करने में सक्षम बनाया जा सके।
महाराष्ट्र के मंत्रियों की बेलागावी यात्रा ठीक नहीं: बोम्मई
इस बीच बसवराज बोम्मई ने कहा कि महाराष्ट्र के दो मंत्रियों का बेलागावी की यात्रा पर आना ठीक नहीं है। महाराष्ट्र के दो मंत्रियों चंद्रकांत पाटिल, शंभुराज देसाई और उनकी कानूनी टीम को सीमा मुद्दे से निपटने के लिए नियुक्त किया गया है। उन्होंने बेलागावी की यात्रा की योजना बनाई है। इसे लेकर काफी विवाद हो रहा है।