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इतिहास: सेना-नौसेना प्रमुख बनेंगे दो सहपाठी, ले. जनरल द्विवेदी और एडमिरल त्रिपाठी 50 साल पहले एक साथ पढ़े
Sat, 29 Jun 2024 11:53 PM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sat, 29 Jun 2024 11:53 PM IST
सार
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 70 के दशक में मध्य प्रदेश के सैनिक स्कूल रीवा से एक साथ पढ़ाई की। दोनों अधिकारियों के संपर्क में रहने वाले एक रक्षा अधिकारी ने कहा, सेना में वरिष्ठ नेतृत्व के बीच एक मजबूत दोस्ती, कामकाजी संबंधों को मजबूत करने में बहुत मायने रखती है।
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लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी और एडमिरल दिनेश त्रिपाठी
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
भारतीय सैन्य इतिहास में पहली बार दो सहपाठी थल और नौसेना के सेवा प्रमुख होंगे। सेना प्रमुख नामित लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी और एडमिरन दिनेश त्रिपाठी ने 1970 के दशक की शुरुआत में कक्षा 5वीं-ए तक एक साथ स्कूल में पढ़ाई की। स्कूल के शुरुआती दिनों से ही दोनों के बीच गहरा संबंध था। अलग-अलग बलों में रहने के बावजूद भी दोनों हमेशा संपर्क में रहे।
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जानकारी के अनुसार, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 70 के दशक में मध्य प्रदेश के सैनिक स्कूल रीवा से एक साथ पढ़ाई की। दोनों अधिकारियों के संपर्क में रहने वाले एक रक्षा अधिकारी ने कहा, सेना में वरिष्ठ नेतृत्व के बीच एक मजबूत दोस्ती, कामकाजी संबंधों को मजबूत करने में बहुत मायने रखती है।
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कल अपना पद संभालेंगे लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी
वहीं, रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता एक भारत भूषण बाबू ने भी ट्वीट कर कहा, दोनों विलक्षण प्रतिभाओं को शिक्षित करने का यह सम्मान सैनिक स्कूल रीवा को जाता है, जो 50 साल बाद अपनी-अपनी सेनाओं का नेतृत्व करेंगे। कहा कि दोनों सहपाठियों की नियुक्तियां भी लगभग दो महीने के अंतराल के बीच ही हुई हैं। एडमिरन ने 1 मई को भारतीय नौसेना की कमान संभाली तो वहीं, लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी रविवार यानी 30 मई को अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।
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लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी लंबे समय तक उत्तरी सेना कमांडर रहे
बाबू ने आगे कहा, लेफ्टिनेंट जनरल का उत्तरी सेना कमांडर के रूप में लंबा कार्यकाल रहा है। उनका जन्म 1 जुलाई 1964 को हुआ। द्विवेदी को 15 दिसंबर 1984 को भारतीय सेना की जम्मू और कश्मीर राइफल्स में कमीशन मिला था।