सफर के दौरान खराब हुआ ट्रेन का एसी तो ई-टिकट पर भी वापस मिलेंगे पैसे, ये है तरीका
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ट्रेन में सफर के दौरान अगर एसी खराब हो जाता है तो ई-टिकट पर भी यात्री किराया वापस ले सकते हैं। रेलवे स्लीपर और एसी के किराए का अंतर रिफंड करती है। सुविधा का लाभ पाने के लिए यात्री को कोच कंडक्टर से एसी खराब होने का सर्टिफिकेट ईएफटी (एक्सेस फेयर टिकट) लेना होता है।
रेलवे ने यात्रियों के लिए कई सुविधाएं दे रखी है लेकिन अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती है। एसी खराब होने पर पहले काउंटर टिकट पर ही रिफंड का नियम था लेकिन करीब दो साल से रेलवे ई-टिकट पर भी यह सुविधा दे रही है।
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किराए का रिफंड कोच कंडक्टर के सर्टिफिकेट पर ही निर्भर है। यात्री को सफर के दौरान ही सर्टिफिकेट की डिमांड करनी होगी। कोच कंडक्टर ट्रेन में चल रहे कोच अटेंडेंट से रिपोर्ट लेकर सर्टिफिकेट जारी करेगा। इसी सर्टिफिकेट के आधार पर किराया वापस किया जाएगा।
यात्रा खत्म होने के 20 घंटे में करें क्लेम
ट्रेन में एसी खराब होने पर किराए की वापसी के लिए सफर खत्म होने के 20 घंटे के भीतर क्लेम करना होगा। सुविधा का लाभ पाने को ई-टिकट पर ऑनलाइन टीडीआर ही मान्य है। टीडीआर के आधार पर आईआरसीटीसी रेलवे के दावा अनुभाग से रिपोर्ट मांगेगी। रिपोर्ट के आधार पर क्लेम जिस बैंक खाते से टिकट बना है उसमें रेलवे भेज देगी।
रिफंड का नियम
सफर के दौरान ट्रेन में एसी जितनी दूरी तक खराब होगी, उतनी दूरी तक स्लीपर और एसी (जिस क्लास का होगा) के किराए का अंतर वापस होगा। यात्री कोच कंडक्टर से सर्टिफिकेट लेकर आरक्षण केंद्र से किराया वापस ले सकते हैं।