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छात्र आंदोलन: मीडिया रिपोर्टिंग पर CJI ने उठाए सवाल, कहा- याचिका ही नहीं आई; फिर सुनवाई से इनकार की खबर कैसे?
Fri, 24 Jul 2026 07:52 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 24 Jul 2026 07:52 PM IST
सार
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने साफ कर दिया कि अदालत किसी पत्र के आधार पर सुनवाई शुरू नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि पहले नियम के अनुसार याचिका दाखिल करनी होगी। साथ ही मीडिया से भी अपील की कि अदालत से जुड़ी खबरें चलाने से पहले तथ्यों की सही जांच जरूर करें।
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सीजेआई सूर्यकांत
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग को लेकर मीडिया पर सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों ने यह खबर चला दी कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया, जबकि सच्चाई यह है कि अदालत में इस मामले की कोई याचिका दायर ही नहीं हुई थी।
सीजेआई ने और क्या-क्या कहा?
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में मामलों की सुनवाई शुरू होने से पहले चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस मुद्दे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से इस मामले में गलत खबरें चलाई जा रही हैं। सीजेआई ने कहा, 'आज सुबह 10 बजे तक इस मामले में कोर्ट के पास एक भी याचिका नहीं आई थी। हमारे पास सिर्फ एक चिट्ठी आई थी। केवल चिट्ठी के आधार पर किसी मामले की सुनवाई नहीं हो सकती। जब याचिका ही नहीं है, तो यह कैसे कहा जा सकता है कि कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया?'
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि मीडिया को बिना पूरी जानकारी के खबर नहीं चलानी चाहिए। अदालत में हर मामले की एक तय कानूनी प्रक्रिया होती है और उसी के अनुसार काम किया जाता है।
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सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ था?
इससे पहले एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में 20 जुलाई को छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मामला उठाया था। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों के साथ मारपीट की और उनके पास इसके वीडियो भी हैं। वकील ने कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की। लेकिन कोर्ट ने कहा कि सिर्फ वीडियो दिखाने से मामला नहीं सुना जा सकता। पहले नियम के अनुसार याचिका दाखिल करनी होगी। अदालत ने यह भी कहा कि वह इस तरह सीधे वीडियो देखकर फैसला नहीं करेगी।
यह भी पढ़ें: दिल्ली विरोध प्रदर्शन: कौन हैं साहिल, जिन्हें पीसी में साथ लाए राहुल गांधी; क्या पैलेट गन से लगी आंख में चोट?
इस पूरे मामले की पांच बड़ी बातें
क्या है पूरा मामला?
20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र संसद की ओर मार्च कर रहे थे। छात्र NEET पेपर लीक का विरोध कर रहे थे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों को आगे बढ़ने से रोका। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इसी कार्रवाई को लेकर बाद में सुप्रीम कोर्ट में मामला उठाने की कोशिश की गई।
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सीजेआई ने और क्या-क्या कहा?
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में मामलों की सुनवाई शुरू होने से पहले चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस मुद्दे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से इस मामले में गलत खबरें चलाई जा रही हैं। सीजेआई ने कहा, 'आज सुबह 10 बजे तक इस मामले में कोर्ट के पास एक भी याचिका नहीं आई थी। हमारे पास सिर्फ एक चिट्ठी आई थी। केवल चिट्ठी के आधार पर किसी मामले की सुनवाई नहीं हो सकती। जब याचिका ही नहीं है, तो यह कैसे कहा जा सकता है कि कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया?'
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मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि मीडिया को बिना पूरी जानकारी के खबर नहीं चलानी चाहिए। अदालत में हर मामले की एक तय कानूनी प्रक्रिया होती है और उसी के अनुसार काम किया जाता है।
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सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ था?
इससे पहले एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में 20 जुलाई को छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मामला उठाया था। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों के साथ मारपीट की और उनके पास इसके वीडियो भी हैं। वकील ने कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की। लेकिन कोर्ट ने कहा कि सिर्फ वीडियो दिखाने से मामला नहीं सुना जा सकता। पहले नियम के अनुसार याचिका दाखिल करनी होगी। अदालत ने यह भी कहा कि वह इस तरह सीधे वीडियो देखकर फैसला नहीं करेगी।
यह भी पढ़ें: दिल्ली विरोध प्रदर्शन: कौन हैं साहिल, जिन्हें पीसी में साथ लाए राहुल गांधी; क्या पैलेट गन से लगी आंख में चोट?
इस पूरे मामले की पांच बड़ी बातें
- सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की कोई याचिका दाखिल नहीं हुई थी।
- अदालत के पास सिर्फ एक चिट्ठी पहुंची थी।
- सीजेआई ने गलत खबरें चलाने पर मीडिया को फटकार लगाई।
- कोर्ट ने कहा कि बिना याचिका केवल वीडियो दिखाकर सुनवाई नहीं हो सकती।
- मामला 20 जुलाई को NEET पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र संसद की ओर मार्च कर रहे थे। छात्र NEET पेपर लीक का विरोध कर रहे थे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों को आगे बढ़ने से रोका। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इसी कार्रवाई को लेकर बाद में सुप्रीम कोर्ट में मामला उठाने की कोशिश की गई।