फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›    CJI says : Allahabad HCs 1975 verdict disqualifying then PM Indira Gandhi was the judgment of great courage

सीजेआई रमण की राय : 1975 में तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी को अयोग्य घोषित करना बड़ा साहसी फैसला था

Sat, 11 Sep 2021 08:37 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, इलाहाबाद
पीटीआई, इलाहाबाद Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 11 Sep 2021 08:37 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट के तत्कालीन जस्टिस जगमोहन लाल ने यह फैसला सुनाया था। इसके बाद ही तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाया था। 
 

विज्ञापन
 CJI says : Allahabad HCs 1975 verdict disqualifying then PM Indira Gandhi was the judgment of great courage
न्यायमूर्ति एनवी रमन्ना - फोटो : PTI

विस्तार

देश के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण ने शनिवार को एक कार्यक्रम में बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि 1975 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस जगमोहन लाल सिन्हा द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चुनावी अनियमितता के चलते अयोग्य ठहराने का फैसला बड़ा साहसी निर्णय था। इस निर्णय ने देश को झकझोर दिया था और इसके चलते देश में आपातकाल लगा था। 

विज्ञापन


सीजेआई रमण ने शनिवार को इलाहाबाद में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के साथ कई कार्यक्रमों में शिरकत की। उन्होंने उत्तर प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी व हाईकोर्ट के नए भवन परिसर की आधार शिला भी रखी। इस मौके पर जस्टिस रमण ने देश की समृद्ध परंपराओं और सबसे पुरानी हाईकोर्टों में से एक इलाहाबाद हाईकोर्ट के योगदान को याद किया। 
विज्ञापन


सीजेआई रमण ने कहा, '1975 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जगमोहन लाल सिन्हा ने एक निर्णय सुनाया था, उससे देश हिल गया था। उन्होंने इंदिरा गांधी को अयोग्य घोषित कर दिया था। वह बड़ा ही साहसी फैसला था। कहा जाता है कि इसी के चलते आपातकाल की घोषणा की गई थी। आपातकाल के अंजाम को विस्तार में मैं नहीं बताना चाहता।'
विज्ञापन
विज्ञापन


सीजेआई ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय का 150 से अधिक वर्षों का इतिहास है और इसके बार और बेंच ने देश के कुछ महान कानूनी दिग्गजों को पैदा किया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जगमोहन लाल सिन्हा द्वारा 12 जून, 1975 को दिए गए फैसले ने तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी को चुनावी कदाचार का दोषी ठहराया था। इसके साथ ही उन्हें जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत किसी भी निर्वाचित पद पर रहने से रोक दिया था। माना जाता है कि इस फैसले के कारण 25 जून, 1975 को आपातकाल लगा दिया गया था।


इंदिरा गांधी ने 1971 का लोकसभा चुनाव उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट से अपने प्रतिद्वंद्वी राज नारायण को हराकर जीता था। पराजित नेता ने चुनावी कदाचार का आरोप लगाते हुए उनके चुनाव को चुनौती दी थी। राज नारायण ने कहा था कि इंदिरा गांधी के चुनाव एजेंट यशपाल कपूर एक सरकारी कर्मचारी थे। इंदिरा गांधी ने निजी चुनाव कार्यों के लिए सरकारी अधिकारियों का इस्तेमाल किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed