फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CJI said Swami Vivekananda had advocated tolerance

सीजेआई ने कहा: धर्म को अंधविश्वास और कट्टरता से ऊपर होना चाहिए

Mon, 13 Sep 2021 02:36 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, हैदराबाद।
एजेंसी, हैदराबाद। Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 13 Sep 2021 02:36 AM IST
सार

सीजेआई ने कहा कि 1893 में शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद के संबोधन के शब्दों पर मौजूदा भारत को बेहद ध्यान देने की जरूरत है।

विज्ञापन
CJI said Swami Vivekananda had advocated tolerance
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमण - फोटो : ani

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमण ने रविवार को स्वामी विवेकानंद के 128 साल पहले शिकागो में दिए एतिहासिक भाषण को याद किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने धर्मनिरपेक्षता, सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकृति की वकालत की थी। अपने संबोधन में उन्होंने समाज में निरर्थक सांप्रदायिक मतभेदों से देश व सभ्यता को होने वाले खतरे का विश्लेषण किया था।

विज्ञापन

 

सीजेआई रमण यहां विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन एक्सीलेंस के 22वें स्थापना दिवस समारोह को वर्चुअल तरीके से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान स्वामी विवेकानंद के शिकागो में दिए ऐतिहासिक भाषण को याद किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा, भारत के समतावादी संविधान के निर्माण का कारण बने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हुए सांप्रदायिक संघर्ष से बहुत पहले स्वामी विवेकानंद ने धर्मनिरपेक्षता की ऐसे वकालत की थी।

मानो उन्हें आने वाले समय का आभास था। उनका दृढ़ विश्वास था कि धर्म का असली सार भलाई और सहिष्णुता में है। धर्म को अंधविश्वास और कट्टरता से ऊपर होना चाहिए। सामान्य भलाई और सहिष्णुता के सिद्धांतों के माध्यम से दोबारा उठ खड़े होने वाले भारत के निर्माण का सपना पूरा करना है तो हमें आज के युवाओं के अंदर स्वामी जी के आदर्शों को स्थापित करने का काम करना चाहिए।


संपूर्ण विश्व को किया था वेद दर्शन की तरफ आकर्षित
सीजेआई ने कहा, स्वामी विवेकानंद के संबोधन ने पूरे विश्व का ध्यान पुरातन भारत के वेदों के दर्शन की तरफ आकर्षित किया था। उन्होंने व्यावहारिक वेदांत को लोकप्रिय बनाया, क्योंकि यह सभी के लिए प्रेम, करुणा और समान सम्मान का उपदेश देता है। सीजेआई ने कहा, स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं और सिद्धांत आने वाले सभी काल के लिए बेहद प्रासंगिक हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed